फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Changed career after working in smuggling 10 times

Maharajganj News: तस्करी में 10 बार काम लेने के बाद बदल देते कैरियर

Sun, 03 Dec 2023 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 03 Dec 2023 12:57 AM IST
विज्ञापन
Changed career after working in smuggling 10 times
महराजगंज। सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी के धंधे में लिप्त सरगना बेहद होशियारी से काम ले रहे हैं। इस धंधे में खासकर बेरोजगार युवकों को शामिल किया जाता है। सुरक्षा एजेंसियों के पकड़ में न आए इसलिए मुख्य सरगना आठ से 10 बार काम लेने के बाद कैरियरों को बदल देता है। सीमावर्ती क्षेत्र में बेरोजगारों को कैरियर बनाकर तस्कर अपना काम आसानी से निकाल रहे हैं। औसतन एक कैरियर की कमाई एक दिन में 1000 से 2000 रुपये के बीच होती है।
विज्ञापन


सूत्र बताते हैं कि नेपाल सीमा से लगने वाले जिले की 84 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। यहां बिना रोक-टोक के दोनों देश के लोग आते-जाते हैं, लेकिन दोनों देशों में बिकने वाली वस्तु की जब भी मांग बढ़ती है तो उसकी तस्करी शुरू हो जाती है। चाहे वह सोना, चांदी और अन्य सामान हो या फिर अनाज। सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों के अलावा सीमावर्ती थानों की पुलिस तैनात रहती है। सीमा खुली होने के कारण तस्कर पगडंडी का भी सहारा लेते हैं। पिछले एक पखवाड़ा से तस्करों ने चावल, चीनी, खाद, बीज आदि की तस्करी शुरू कर दी है। इसके पीछे नेपाल में इन सामग्रियों की मांग और बाजार भाव बड़ा कारण है। वहीं दूसरा सबसे बड़ा कारण भारत से नेपाल चावल, गेहूं व चीनी के निर्यात पर रोक लगना भी है। इन सामानों को सहरद पार कराने के लिए तस्कर कैरियरों का सहारा लेते हैं।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क इस दिशा में काम करता है। वे इस बात की जानकारी रखते हैं कि सीमावर्ती क्षेत्र में कौन युवक बेरोजगार है और उसे काम की जरूरत है। तस्करों के नेटवर्क में शामिल गुर्गे सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं साथ घूमते हैं, फिर उनकी जरूरत को पूरा करते हैं। खासकर नशे का सेवन करने वाले युवा तस्करों की गिरफ्त में जल्द जा जाते हैं। क्योंकि नशे की डोज पूरा करने के लिए उन्हें रकम की जरूरत होती है। तस्कर अपना काम कराने के लिए उन्हें रकम दे देते हैं। खास बात यह है कि ऐसे युवा सुरक्षा कर्मियों की नजर में नहीं चढ़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर पूछताछ होती भी है तो वे जरूरत के लिए सामान लाने की बातकर किनारे हो जाते हैं। सूत्रों की माने तो करीब 300 से 400 के बीच ऐसे युवा होंगे जो इस धंधे में शामिल हैं। कैरियर के रूप में काम कर रकम हासिल कर रहे हैं। जब एक गाड़ी के लिए बोरी हो जाती है तब उसे नेपाल मंडी में पहुंचा दिया जाता है।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के मामले की जानकारी है। सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी तेज की जा रही है। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।

नेपाल में बरामद हुई 27 क्विंटल चीनी
ठूठीबारी। नेपाल में भारतीय सामानों की बरामदगी यह साबित कर रही है कि सीमावर्ती क्षेत्रों से तस्करी बदस्तूर जारी है। नवलपरासी जिला प्रहरी प्रवक्ता सुदर्शन पंत ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बर्दघाट नगर पालिका नौडीहवा गांव के एक गोदाम से 27 क्विंटल चीनी बरामद किया गया है, यह भारतीय क्षेत्र से लाई गई थी। बरामद चीनी को महेशपुर कस्टम कार्यालय सौंप दिया गया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed