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Maharajganj News: बन रही सेंट्रल लैब...117 प्रकार की होगी जांच
Sat, 26 Jul 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 26 Jul 2025 12:52 AM IST
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महराजगंज। महिला अस्पताल के चतुर्थ तल को सेंट्रल लैब बनाया जा रहा है। एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला (इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री, आईपीएचएल) बनाने की प्रक्रिया शुरू है।
यह प्रयोगशाला न केवल सामान्य जांच बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच को भी संभव बनाएगी। 99.90 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला बनाने का काम जारी है। शुक्रवार को सीएमएस ने कार्यों के बारे में जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिला अस्पताल में पैथाेलॉजी पर अधिक दबाव है। 200 से 250 जांच प्रत्येक दिन हो रही है। इससे मरीजों को जल्दी रिपोर्ट मिलने में समस्या होती है। प्रत्येक दिन ओपीडी 800 से अधिक है। अस्पताल मरीजों के बढ़ते दबाव से संसाधनों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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इन दिनों भीड़ बढ़ने पर मरीजों को जांच के लिए दूसरे दिन आना पड़ता है। ऐसे में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री आने वाले दिनों में फायदेमंद साबित होगी। अभी गंभीर जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ता है।
गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की जांच के लिए मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है।
एक ही छत के नीचे 117 से अधिक प्रकार की जांच मुफ्त में की जा सकेंगी। वहीं प्रत्येक दिन एक हजार सैंपल से अधिक जांच हो सकेगी। यह प्रयोगशाला न केवल सामान्य स्वास्थ्य जांच बल्कि जटिल और महंगी जांच जैसे यूरिन माइक्रोबायोलॉजी, सीमन एनालिसिस, हार्ट टेस्ट, हार्मोनल टेस्ट और कल्चर टेस्ट को भी संभव बनाएगी। इससे मरीजों को फायदा होगा।
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यह प्रयोगशाला न केवल सामान्य जांच बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच को भी संभव बनाएगी। 99.90 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला बनाने का काम जारी है। शुक्रवार को सीएमएस ने कार्यों के बारे में जानकारी ली।
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जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिला अस्पताल में पैथाेलॉजी पर अधिक दबाव है। 200 से 250 जांच प्रत्येक दिन हो रही है। इससे मरीजों को जल्दी रिपोर्ट मिलने में समस्या होती है। प्रत्येक दिन ओपीडी 800 से अधिक है। अस्पताल मरीजों के बढ़ते दबाव से संसाधनों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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इन दिनों भीड़ बढ़ने पर मरीजों को जांच के लिए दूसरे दिन आना पड़ता है। ऐसे में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री आने वाले दिनों में फायदेमंद साबित होगी। अभी गंभीर जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ता है।
गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की जांच के लिए मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है।
एक ही छत के नीचे 117 से अधिक प्रकार की जांच मुफ्त में की जा सकेंगी। वहीं प्रत्येक दिन एक हजार सैंपल से अधिक जांच हो सकेगी। यह प्रयोगशाला न केवल सामान्य स्वास्थ्य जांच बल्कि जटिल और महंगी जांच जैसे यूरिन माइक्रोबायोलॉजी, सीमन एनालिसिस, हार्ट टेस्ट, हार्मोनल टेस्ट और कल्चर टेस्ट को भी संभव बनाएगी। इससे मरीजों को फायदा होगा।