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Maharajganj News: नेपाल के सस्ते कबाड़ से धंधेबाज हो रहे मालामाल

Thu, 06 Mar 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 06 Mar 2025 12:56 AM IST
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Businessmen are getting rich from Nepal's cheap junk
रजिया घाट में रखा गया कबाड़। 
महराजगंज। सस्ते में कबाड़ खरीदकर जीएसटी की चोरी कर धंधेबाज मोटी रकम कमा रहे हैं। नेपाल से सस्ते में आने वाला कबाड़ भी इन्हीं दुकानों में आसानी से खप जाता है। इसकी भनक भी किसी को नहीं लगती है।
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सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के मुताबिक ठेले पर कबाड़ आसानी से सरहद पार हो जाता है। इसे जहां तहां, सीमावर्ती क्षेत्र में निर्जन स्थानों पर रख दिया जाता है। मौका देखकर तस्कर इसे जिले में अलग-अलग स्थानों पर कबाड़ की दुकानों में भेज देते हैं। यहां से गाड़ी पर कबाड़ लादकर बाहर चला जाता है। करोड़ों के खेल में धंधेबाज आसानी से लाभ लेकर किनारा कस लेते हैं।
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सीमावर्ती क्षेत्र हरदीडाली के बगीचे में कबाड़ रखा लोगों ने देखा तो कहा कि यह कोई हैरानी की बात नहीं है। जितेंद्र वर्मा कहने लगे कि सीमा से सटे खाली स्थानों पर कबाड़ नेपाल से सस्ते में लाकर एकत्र किया जाता है। ठेला या साइकिल पर लादकर कैरियर इधर-उधर रख देते हैं। ऐसे में किसी को शक भी नहीं होता है। अधिक मात्रा में एक जगह नहीं रखा जाता है।
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महेंद्र प्रसाद ने बताया कि कम मात्रा होने के कारण किसी की नजर नहीं पड़ती है। ऐसे में मौका देखकर तस्कर आसानी से अपने निर्धारित कबाड़ की दुकान पर पहुंचाकर रकम हासिल कर लेते हैं। कबाड़ दुकान पर जाने के बाद एक नंबर का हो जाता है। इसे महंगे दाम पर बेचने के लिए गाड़ी से बड़े शहरों में भेजा जाता है। हर माह यह करोड़ों में धंधा हो रहा है।
उधर, तमाम स्थानों पर बिना किसी लाइसेंस और अनुमति के धड़ल्ले से कबाड़ की दुकानें संचालित हो रही हैं। कबाड़ की दुकान पर किस प्रकार का माल खरीदा जा रहा है इसकी जांच-पड़ताल करने वाला कोई नहीं है। बिना किसी डर के कबाड़ की आड़ में चोरी का माल खरीदने का धंधा जारी है।
यह एक ऐसा धंधा है जहां चोरी का माल आसानी से खप जाता है। इसके साथ ही चोरों को नकद भुगतान भी प्राप्त हो जाता है। इस वजह से चोरों को कोई उधारी का झंझट भी नहीं रहता। छोटे सामानों से लेकर बड़े सामानों की बिक्री चोर आसानी से कर लेते हैं।

परतावल, अमवा, श्यामदेउरवां, हरपुर तिवारी, छपिया, महादेवा आदि प्रमुख चौराहों पर दर्जनों ऐसे कबाड़ की दुकानें संचालित हो रही हैं जिनके पास न तो लाइसेंस है और ना ही किसी विभाग की अनुमति है। इनके द्वारा हैंडपंप, टूल्लू पंप, वाहनों की बैटरी, साइकिल आदि चोरी के सामान आसानी से खरीद लिए जाते हैं और तत्काल ही उसके पार्ट अलग-अलग कर उन्हें कबाड़ के ढेर में मिला दिया जाता है।्
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