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आशा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, छह सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देती आशा।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
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आशा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, छह सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मानदेय में बढ़ोत्तरी समेत अन्य समस्याओं को दूर कराने के लिए सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। सभी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मानदेय नहीं बढ़ा तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना देने के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने डीएम को छह सूत्री ज्ञापन सौंपा।
आशा कार्यकर्ता एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष जमीरून निशा ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकारों ने एक निश्चित मानदेय देने का वादा किया लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हो सका है। डबल इंजन वाली सरकार होने के बाद भी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय और अन्य मांगे पूरी नहीं हो पा रही है। कोरोना काल जैसी महामारी में अपने पारिवार की परवाह न करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य किया। लेकिन हित की बात पर जिम्मेदार खामोश हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए हमारी न्यूनतम मानदेय 28 हजार रुपये किया जाए। भत्ता नहीं प्रोत्साहन राशि को मानदेय में बदला जाए। सरकारी कर्मचारी का दर्जा एवं आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। मानदेय कोषागार द्वारा सीधे बैंक खाते में भेजा जाए। दुर्घटना बीमा दस लाख किया जाए। इस दौरान विंदु देवी, सुनीता देवी, पूनम, नगीना, विमला, विंद्रावती, हिना, सीमा, नीलम, सोनम, साधन मिश्रा आदि मौजूद रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मानदेय में बढ़ोत्तरी समेत अन्य समस्याओं को दूर कराने के लिए सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। सभी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मानदेय नहीं बढ़ा तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना देने के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने डीएम को छह सूत्री ज्ञापन सौंपा।
आशा कार्यकर्ता एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष जमीरून निशा ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकारों ने एक निश्चित मानदेय देने का वादा किया लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हो सका है। डबल इंजन वाली सरकार होने के बाद भी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय और अन्य मांगे पूरी नहीं हो पा रही है। कोरोना काल जैसी महामारी में अपने पारिवार की परवाह न करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य किया। लेकिन हित की बात पर जिम्मेदार खामोश हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए हमारी न्यूनतम मानदेय 28 हजार रुपये किया जाए। भत्ता नहीं प्रोत्साहन राशि को मानदेय में बदला जाए। सरकारी कर्मचारी का दर्जा एवं आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। मानदेय कोषागार द्वारा सीधे बैंक खाते में भेजा जाए। दुर्घटना बीमा दस लाख किया जाए। इस दौरान विंदु देवी, सुनीता देवी, पूनम, नगीना, विमला, विंद्रावती, हिना, सीमा, नीलम, सोनम, साधन मिश्रा आदि मौजूद रही।
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