जीएसटी से नाराज वकीलों ने किया प्रदर्शन
महराजगंज। टैक्स बार एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को अधिवक्ताओं ने जीएसटी की जटिलता के खिलाफ कलेक्ट्रेट से लेकर विकास भवन कार्यालय तक नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन भी एडीएम को दिया।
सोमवार को टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्यों ने जीएसटी को लेकर पैदा होने वाली परेशानियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा है कि सरकार की तरफ से पूर्व में जोर शोर यह घोषणा की गई थी कि जीएसटी रिटर्न भरने में होने वाली देर पर अर्थदंड नहीं लगाया जाएगा।
इस बीच माह जुलाई एवं अगस्त में विलंब शुल्क 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूला गया। देश भर में हुए व्यापक विरोध के बाद अर्थदंड वापस ले लिया गया, लेकिन पुन: सितंबर में फार्म 3 बी के जरिए यह फिर वसूल किया जाने लगा। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि सितंबर माह का विलंब शुल्क माफ हो, ताकि रिटर्न दाखिल किया जा सके। इसके साथ ही मार्च 2018 तक विलंब शुल्क एवं पेनाल्टी की व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी की गई।
इसके अलावा विलंब शुल्क को दो सौ रुपये से घटा कर 20 रुपये प्रतिदिन करने की मांग भी की गई है। अधिवक्ताओं का कहना था कि जीएसटी के नए प्रावधानों को समझने में उन्हें व व्यापारियों को दिक्कत हो रही है। समस्या को देखते हुए दाखिल किए गए विवरण में संशोधन का विकल्प दिया जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अली ने कहा कि सरकार जब तक जीएसटी के प्रावधानों को पूर्णरूप से व्यवहारिक नहीं बनाएगी, तब तक व्यापारी असमंजस में रहेंगे। इस दौरान धीरज श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, अनिल कुमार गुप्ता, केपी मणि, कपिलदेव प्रजापति, मनोज केसरी, सुभाष चंद्र जायसवाल, रामआशीष जायसवाल, रवि प्रताप आदि मौजूद रहे।