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Maharajganj News: अमेरिकी तरबूज का बीज नेपाल के रास्ते पहुंच रहा भारत

Mon, 24 Jun 2024 04:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 24 Jun 2024 04:28 AM IST
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American watermelon seeds reaching India via Nepal
सरहद पर बरामद पिकअप लदी तरबूज की बीज के साथ कस्टम अधीक्षक और एसएसबी टीम। 
महराजगंज। अमेरिकी तरबूज के बीज नेपाल के रास्ते चोरी से भारत पहुंच रहे हैं। भारत में इसकी मांग और आयात शुल्क अधिक होने के कारण तस्करों ने अब इस पर अपनी निगाहें जमा ली हैं। शुक्रवार को निचलौल के सीमा क्षेत्र से 130 बोरी तरबूज के बीज बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।
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तरबूज के बीज का प्रयोग मिठाइयों और दवा में ज्यादा किया जाता है। इसे देखते हुए तस्करों ने इसकी सप्लाई शुरू कर दी है। नेपाल में तरबूज नहीं होता, इसलिए वहां से इसका आयात भी भारत में प्रतिबंधित है। नेपाल में तरबूज के बीज अमेरिका से आते हैं। नेपाल में इसकी कीमत 500 रुपये प्रति किलो है तो भारत में करीब आठ सौ रुपये। कीमत में यही अंतर भारत में इसकी तस्करी का कारण है, जिसका फायदा तस्कर उठा रहे हैं और अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर भारत भेज रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, तस्कर भोर और शाम के वक्त सीमा पर गाड़ियां तैयार रखते हैं। जैसे ही इन्हें मौका मिलता है सीमा पार कराकर सीमावर्ती गांव में बने गोदामों में डंप कर भारत के महानगरों में भेज देते हैं।
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स्थानीय लोगों का इस्तेमाल करते हैं तस्कर
गेहूं, चावल, धान, चीनी, प्याज सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं पर भारत सरकार की ओर से प्रतिबंध सहित नेपाल भंसार में भारी भरकम कस्टम शुल्क के कारण दोनों तरफ से तस्करी हो रही है। ऐसा ही नेपाल से कबाड़, लाइटर, सुपारी के बाद अब तरबूज के बीज भारत में आ रहे हैं। तस्कर सरहद पर बेरोजगार युवाओं को फंसा कर तस्करी से जोड़ते हैं। साइकिल और बाइक से ढुलाई चार्ज के रूप में 500 से 1000 रुपये आराम से मिल जाते हैं। स्थानीय लोगों को सीमा की पगडंडी की जानकारी होती है,जिससे वे आसानी से सामान सरहद पार करा देते हैं।
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भारत-नेपाल खुली सीमा का उठाते हैं फायदा

पगडंडियों के रास्ते बड़ा वाहन ले जाना मुश्किल होता है। इसलिए तस्करी के लिए बाइक सरहद पार करना सबसे आसान तरीका बन गया है। सूत्रों की माने तो दर्जनों युवक इस धंधे में लगे हैं। इधर से चावल-गेहूं लेकर जाते हैं और उधर से तरबूज के बीज भारत लाते हैं। श्याम काट, सियरहिया, लक्ष्मीनगर, भगवानपुर, मदरी, निपानिया, खनुवा, कोल्हुई थाना क्षेत्र के जोगियाबारी, नौतनवा सुंडी, छपवा, सम्पतिहा, बरगदवा परसामलिक, ठूठीबारी झुलनीपुर के रास्ते सामान सरहद पार होने की बात कही जाती है। सीमावर्ती क्षेत्र में तमाम स्थान ऐसे हैं, जहां नेपाल की दूरी महज 100 मीटर है। नो मेंस लैंड के निकट कुछ घर भी हैं। किनारे के घरों में सामान रखकर पार करा दिया जाता है।
तरबूज के बीज में फाइबर की मात्रा अधिक होती

आयुष डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि तरबूज के बीज में प्रोटीन, आयरन, कॉपर, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन बी-9 जैसे तत्व मौजूद होते हैं। तरबूज के बीज खाने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं। तरबूज के बीज में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन तंत्र बेहतर बनाता है और कब्ज, एसिडिटी से राहत दिलाता है।



तस्करों पर सुरक्षाकर्मियों निगाह हैं। उनकी सतर्कता से अक्सर सामानों की बरामदगी होती रहती है। इस पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकाें में गहन निगरानी की जा रही है।
रविंद्र तिवारी, कस्टम अधीक्षक, निचलौल
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