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Maharajganj News: आईटीआई और पॉलिटेक्निक में मिलेगा एआई बेस्ड प्रशिक्षण
Fri, 27 Jun 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 27 Jun 2025 12:52 AM IST
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महराजगंज। प्रदेश सरकार युवाओं की दक्षता के साथ रोजगार सृजन के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट जिला स्तर से प्रारंभ करने जा रही है। युवाओं को एआई (ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग बताते हुए डाटा कोडिंग सिखाई जाएगी। इसके लिए सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस (सीईसी) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
राजकीय आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों की एआई लैब, कंप्यूटर लैब का उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। जनपद में चार राजकीय पॉलिटेक्निक व चार आईटीआई काॅलेज संचालित हैं। ऐसे में कुल चार काॅलेजों में प्रशिक्षण का इंतजाम होगा। जहां इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के बाद से ही प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध होगा।
आधुनिक तकनीक ऑर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए शुरू हो रही इस योजना से हर महीने अलग-अलग बैच (समूह) बनाकर एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटीआई के नोडल प्राचार्य मसूद इसरत ने बताया कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस (सीईसी) कार्यदायी एजेंसी नामित की गई है।
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इसका दायित्व योजना प्रारंभ कराने से लेकर माॅनिटरिंग भी होगी। माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, (एचसीएल), वाधवानी जैसी बड़ी कंपनियां कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत प्रशिक्षण को बड़ा आकार देंगी। एआई की बुनियादी बातें, मशीन लर्निंग, डाटा विश्लेषण और अलग-अलग क्षेत्रों में इनके उपयोग के बारे में सिखाया जाएगा।
युवाओं में स्किल डेवलपमेंट के लिए यह शासन का प्रयास है जिससे युवा त्वरित रोजगार से जुड़ सके। राजकीय आईटीआई और पॉलिटेक्निक को कार्यदायी संस्था प्रशिक्षणशाला के रूप में विकसित करेगी।
-अनुराज जैन, सीडीओ
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राजकीय आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों की एआई लैब, कंप्यूटर लैब का उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। जनपद में चार राजकीय पॉलिटेक्निक व चार आईटीआई काॅलेज संचालित हैं। ऐसे में कुल चार काॅलेजों में प्रशिक्षण का इंतजाम होगा। जहां इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के बाद से ही प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध होगा।
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आधुनिक तकनीक ऑर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए शुरू हो रही इस योजना से हर महीने अलग-अलग बैच (समूह) बनाकर एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटीआई के नोडल प्राचार्य मसूद इसरत ने बताया कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस (सीईसी) कार्यदायी एजेंसी नामित की गई है।
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इसका दायित्व योजना प्रारंभ कराने से लेकर माॅनिटरिंग भी होगी। माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, (एचसीएल), वाधवानी जैसी बड़ी कंपनियां कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत प्रशिक्षण को बड़ा आकार देंगी। एआई की बुनियादी बातें, मशीन लर्निंग, डाटा विश्लेषण और अलग-अलग क्षेत्रों में इनके उपयोग के बारे में सिखाया जाएगा।
युवाओं में स्किल डेवलपमेंट के लिए यह शासन का प्रयास है जिससे युवा त्वरित रोजगार से जुड़ सके। राजकीय आईटीआई और पॉलिटेक्निक को कार्यदायी संस्था प्रशिक्षणशाला के रूप में विकसित करेगी।
-अनुराज जैन, सीडीओ