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Maharajganj News: नेपाल में बैठे दलाल, विदेशियों को घुसपैठ कराने में करते मदद
Tue, 01 Apr 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:56 AM IST
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महराजगंज। भारत नेपाल की खुली सीमा से विदेशी नागरिक अक्सर घुसपैठ करते हुए पकड़े जाते हैं। उनको खुली सीमा के बारे में ज्ञान नहीं होता है। नेपाल में बैठे दलाल उनको खुली सीमा के बारे में जानकारी देकर सरहद पार करने में मदद करते हैं। इसके एवज में उनको मुंहमांगी रकम मिलती है।
अभी बीते वर्ष सोनौली सीमा पर ही एक चीन के नागरिक को घुसपैठ करा रहे दो युवकों को एसएसबी ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। जानकारी के अनुसार, आकड़े बयां करते हैं कि सीमा पर विदेशी नागरिकों की घुसपैठ पगडंडियों के रास्ते बढ़ी है। रात में विदेशी नागरिक भारत में घुसपैठ करते हैं। एक सप्ताह पहले नीदरलैंड के युवक को एसएसबी और पुलिस ने पगडंडियों के रास्ते साइकिल से आने के दौरान गिरफ्तार किया था।
अगस्त महीने में दो विदेशी महिलाएं बॉर्डर पार करने के दौरान गिरफ्तार की गईं जिसमें एक उब्जेकिस्तान और एक अमेरिकी महिला शामिल है। सूत्रों की माने तो सीमावर्ती क्षेत्र की सटीक जानकारी दलालों को रहती है। इसके कारण पूरी मैपिंग कर दलाल पगडंडियों की जानकारी देते हैं। उन्हें यह भी सिखाया जाता है कि पकड़े जाने पर भूलवश आना बयान देना है।
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यही वजह है की बीते दिन पकड़े गए नीदरलैंड के नागरिक ने भूलवश भारतीय सीमा में आने की बात कही थी। सूत्रों की माने तो नेपाल के भैरहवा, बुटवल, परासी समेत अन्य क्षेत्रों में दलालों का नेटवर्क है। ये एक विदेशी नागरिक को रास्ता बताने के लिए कम से कम पांच से सात हजार रुपये भारतीय लेते हैं। रकम लेने के बाद वे पगडंडियों के बारे में जानकारी देते हैं।
नेपाल सीमा में होने के कारण उनपर कोई कार्रवाई भी नहीं हो पाती है। दलाल पूरे नेटवर्क को बड़े होशियारी से संचालित करते हैं। इससे वे पकड़ में नहीं आते हैं। रास्ते के किनारे तक पहुंचाने के बाद वे किनारा कस लेते हैं। सूत्र बताते हैं कि दलाल अपना नाम पता भी सटीक नहीं बताते हैं।
अपने नेटवर्क के जरिए ऐसे विदेशियों के बारे में जानकारी कर लेते हैं, जिनको भारतीय सीमा में अवैध रूप से जाना होता है।
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अभी बीते वर्ष सोनौली सीमा पर ही एक चीन के नागरिक को घुसपैठ करा रहे दो युवकों को एसएसबी ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। जानकारी के अनुसार, आकड़े बयां करते हैं कि सीमा पर विदेशी नागरिकों की घुसपैठ पगडंडियों के रास्ते बढ़ी है। रात में विदेशी नागरिक भारत में घुसपैठ करते हैं। एक सप्ताह पहले नीदरलैंड के युवक को एसएसबी और पुलिस ने पगडंडियों के रास्ते साइकिल से आने के दौरान गिरफ्तार किया था।
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अगस्त महीने में दो विदेशी महिलाएं बॉर्डर पार करने के दौरान गिरफ्तार की गईं जिसमें एक उब्जेकिस्तान और एक अमेरिकी महिला शामिल है। सूत्रों की माने तो सीमावर्ती क्षेत्र की सटीक जानकारी दलालों को रहती है। इसके कारण पूरी मैपिंग कर दलाल पगडंडियों की जानकारी देते हैं। उन्हें यह भी सिखाया जाता है कि पकड़े जाने पर भूलवश आना बयान देना है।
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यही वजह है की बीते दिन पकड़े गए नीदरलैंड के नागरिक ने भूलवश भारतीय सीमा में आने की बात कही थी। सूत्रों की माने तो नेपाल के भैरहवा, बुटवल, परासी समेत अन्य क्षेत्रों में दलालों का नेटवर्क है। ये एक विदेशी नागरिक को रास्ता बताने के लिए कम से कम पांच से सात हजार रुपये भारतीय लेते हैं। रकम लेने के बाद वे पगडंडियों के बारे में जानकारी देते हैं।
नेपाल सीमा में होने के कारण उनपर कोई कार्रवाई भी नहीं हो पाती है। दलाल पूरे नेटवर्क को बड़े होशियारी से संचालित करते हैं। इससे वे पकड़ में नहीं आते हैं। रास्ते के किनारे तक पहुंचाने के बाद वे किनारा कस लेते हैं। सूत्र बताते हैं कि दलाल अपना नाम पता भी सटीक नहीं बताते हैं।
अपने नेटवर्क के जरिए ऐसे विदेशियों के बारे में जानकारी कर लेते हैं, जिनको भारतीय सीमा में अवैध रूप से जाना होता है।