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Maharajganj News: अलविदा की नमाज पढ़कर देश की तरक्की, शांति की दुआ मांगी

Fri, 05 Apr 2024 07:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 05 Apr 2024 07:42 PM IST
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After offering goodbye prayers, prayed for the progress and peace of the country.
महराजगंज/मिठौरा। जनपद की सभी मस्जिदों में अकीदत के साथ आखिरी जुमे की नमाज अदा की गई। रोजेदारों ने पांच वक्त की नमाज अदाकर अल्लाह से देश में शांति की दुआ की। सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई। मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज पढ़कर नम आंखों से दुआएं मांगी गईं।
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जनपद के नौतनवा, परतावल, घुघुली, निचलौल, पनियरा, फरेंदा, धानी, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, मिठौरा, सिंदुरिया आदि मस्जिदों में रमजान महीने के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने रमजान महीने के आखिरी अशरे की नमाज पढ़कर जहन्नम से आजादी की दुआ मांगी। जनपद के सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे, बूढ़े, युवाओं की भीड़ जमा रही। रमजान महीने के आखिरी अशरे (हिस्से) जहन्नम से आजादी का 26 वां रोजा चल रहा है।
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सिंदुरिया स्थित हुसैनिया मस्जिद में इमाम हाजी मोहम्मद हुसैन निजामी ने अलविदा नमाज अदा करायी। तकरीर (संबोधित) करते हुए कहा कि रमजान के महीना हमारी आंखों से रुखसत (विदा होना) हो रहा है। इस्लाम के मुताबिक रमजान महीने के तीसरे अशरे (हिस्सा) जहन्नम से आजादी का रोजा चल रहा है, जो भी मुसलमान रमजान के रोजे रखता है। सच्चे दिल से अपने गुनाहों (पापों) का प्रायश्चित करता है अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफ कर उसे जहन्नम से आजाद कर जन्नत अता (देता) करता है।
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रमजान के महीने में रहमत (दया) के दरवाजे खुल जाते हैं। बुराई के प्रतीक शैतान को जंजीरों से जकड़ दिया जाता है। रमजान के महीने अल्लाह अपने बंदों (मानने वालों) का इंतेहान लेता है। भूखों को खाना खिलाएं, जरूरतमंदों की मदद करें और रोजेदारों को इफ्तार कराएं, इससे खुदा राजी (खुश) होकर अपने बंदों (मानने वालों) को दिल से मांगी हुई दुआ को कुबूल करता है।
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