{"_id":"6ad279cf1ff0ae7f3a0e508b","slug":"advocates-will-abstain-from-judicial-work-every-saturday-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-187312-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: हर शनिवार न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: हर शनिवार न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
विज्ञापन
महराजगंज। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर प्रत्येक शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। बार सभागार में आयोजित आमसभा में प्रभारी अध्यक्ष अरविंद निषाद और महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी के नेतृत्व में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
आमसभा में अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सुरक्षा कानून के अभाव में मुकदमों की पैरवी को लेकर रंजिश के चलते अधिवक्ताओं पर हमले हो रहे हैं और उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से जुड़े मुकदमों का दूसरे जनपद में ट्रायल कराने के प्रस्ताव पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि इससे अधिवक्ताओं की न्यायिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने पर रोक लगाने के प्रयासों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि अपनी मांगों को उठाने के लिए हड़ताल एक माध्यम है। इस पर रोक लगाने से अधिवक्ताओं के साथ फरियादियों के हित भी प्रभावित होंगे। महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ताओं की न्यायिक स्वतंत्रता बाधित होने से मुवक्किलों के हित प्रभावित होंगे। वहीं, पूर्व महामंत्री धर्मेंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए निर्णायक सत्याग्रह करने पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आमसभा में अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सुरक्षा कानून के अभाव में मुकदमों की पैरवी को लेकर रंजिश के चलते अधिवक्ताओं पर हमले हो रहे हैं और उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से जुड़े मुकदमों का दूसरे जनपद में ट्रायल कराने के प्रस्ताव पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि इससे अधिवक्ताओं की न्यायिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने पर रोक लगाने के प्रयासों पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि अपनी मांगों को उठाने के लिए हड़ताल एक माध्यम है। इस पर रोक लगाने से अधिवक्ताओं के साथ फरियादियों के हित भी प्रभावित होंगे। महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ताओं की न्यायिक स्वतंत्रता बाधित होने से मुवक्किलों के हित प्रभावित होंगे। वहीं, पूर्व महामंत्री धर्मेंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए निर्णायक सत्याग्रह करने पर जोर दिया।
विज्ञापन