Maharajganj News: एसपी के खिलाफ गरजे अधिवक्ता, डीएम को सौंपे ज्ञापन
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनानाथ चौधरी में कहा कि बीते दिनों तहसील स्थित रजिस्ट्री ऑफिस में फर्जी बैनामा कराया गया था। जिस मामले में दस्तावेज लेखक के आधार पर स्थानीय पुलिस ने फर्जी तरीके से अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौहान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर किया।
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सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। सभी अधिवक्ताओं ने एसपी के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप है कि एसपी ने बृहस्पतिवार को अधिवक्ता अपने कार्यालय कक्ष में बुलाकर अपमानित किया। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार को दीवानी कचहरी से अधिवक्ता नारेजाबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय की तरफ बढ़े। अधिवक्ताओं का आक्रोश देखकर पुलिस सतर्क हो गई। एसपी कार्यालय के सामने करीब एक घंटे नारेबाजी करने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ अधिवक्ता बढ़े तो यहां पुलिस ने पहले उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित अधिवक्ता किसी की नहीं सुने। थोड़ी ही देर में डीएम कार्यालय कक्ष से बाहर आकर अधिवक्ताओं की बातों को सुनने के साथ ही उनको समझाकर शांत कराए।
पीड़ित अधिवक्ता शिवशंकर गुप्त ने कहा कि करीब 15 वर्षों से विधि व्यवसाय कर रहा हूं। सुनीता देवी चैनपुर थाना कोठीभार अपनी मां के साथ सिविल कोर्ट में आकर अपने पति के खिलाफ प्रार्थना पत्र लिखवाईं। सुलह समझौता केंद्र में वाद दाखिल करने के लिए 900 रुपये भी सुनीता देवी ने दिए। सुनीता देवी ने प्रार्थना पत्र को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास गईं। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न कर सुनीता देवी से फीस के बारे में पूछे जिस पर सुनीता देवी 900 रुपये देने की बात कही। इस पर पुलिस अधीक्षक ने अपने एक सिपाही को सिविल कोर्ट भेजकर मुझे कार्यालय कक्ष में बुलाकर अपशब्द कहते हुए अपमानित किया।
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के महामंत्री संजीव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अधिवक्ता किसी मुकदमा या वाद दाखिल करने के लिए फीस ले सकते हैं। फीस लेना या न लेना पुलिस अधीक्षक से कोई सरोकार नहीं है। फीस लेने के मामले में कुछ करने का अधिकार पुलिस अधीक्षक को नहीं है। इस दौरान अरविन्द कुमार, अभिषेक कुमार, वशिष्ठ कुमार, कृष्णा, धीरेंद्र, संजय यादव, आलोक तिवारी, अविनाश, सत्य प्रकाश, सलाउद्दीन अली आदि मौजूद रहे। उधर, एसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है। मेरे द्वारा किसी को अपमानित नहीं किया गया है।
अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने आगामी दिनों में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनानाथ चौधरी में कहा कि बीते दिनों तहसील स्थित रजिस्ट्री ऑफिस में फर्जी बैनामा कराया गया था। जिस मामले में दस्तावेज लेखक के आधार पर स्थानीय पुलिस ने फर्जी तरीके से अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौहान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर किया। आरोप है कि पुलिस बगैर जांच किए ही अधिवक्ता कृष्ण कुमार को गिरफ्तार करने के लिए घर से लेकर तहसील कार्यालय तक छापा मारी जा रही है, जिसके चलते अधिवक्ता और उनके परिजन काफी दहशत में हैं।
कहा कि अगर पुलिस रवैए में सुधार नहीं करती है तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कृष्ण मोहन मिश्रा, अरविंद मिश्रा, नवीन मिश्रा, त्रिपुरेश पांडेय, नागेंद्र मौर्या, अजय तिवारी, विजय, राजकुमार आदि मौजूद रहे।