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अधिवक्ताओं में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:53 PM IST
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महराजगंज/नौतनवा। साथी अधिवक्ता के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से वकीलों में गुस्सा बढ़ा है। बृहस्पतिवार को सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन ने बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की। बाद में डीएम को ज्ञापन दिया।
बार अध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद पटेल ने कहा कि आठ फरवरी की रात लखनऊ में श्रवण कुमार वर्मा एडवोकेट की हत्या कर दी गई। आज तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिसकी घोर निंदा की। अध्यक्ष ने कहा कि वकीलों के साथ आए दिन घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपराध को रोकने की मांग की।
महामंत्री जितेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता श्रवण कुमार के परिजनों को शासन से 50 लाख की मदद मिले। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यवली चौधरी एडवोकेट, कोषाध्यक्ष राम निवासी एडवोकेट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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नौतनवा प्रतिनिधि के मुताबिक रेवेन्यू बार एसोसिएशन नौतनवा के अधिवक्ताओं की बैठक बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में हुई। प्रदेश की सपा सरकार एवं पुलिस की सुरक्षा कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए हत्या की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की।
अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ में अधिवक्ता श्रवण की हत्या कर शव को नाली में ठूंस दिया गया। पुलिस प्रशासन कर्तव्यों एवं दायित्व का निर्वहन पूरे मनोयोग नहीं कर रहा। जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। विभूति यादव, साधूशरण, सुधीर शुक्ल, अशोक जायसवाल, संजय सोनी ने सपा सरकार व पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए।
हत्यारों के जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके पर मनोज कुमार मिश्रा, अखिलेश उपाध्याय, अजय यादव, विजय कुमार यादव, अरूणेश विश्वकर्मा, राकेश तिवारी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
फरेंदा में न्यायिक कार्य नहीं हुआ, लखनऊ में वकील की हत्या के विरोध में फरेंदा दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। हत्यारोपियों की गिरफ्तार की मांग की। सिविल वार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधेश मोहन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक बैठक कर घटना की निंदा की गई।
कहा कि आज प्रदेश सरकार वकीलों की सहायता करने में पूरी तरह विफल है। कानून की रक्षा करने वालों उसके नियमों को पालन करने वाले वकील भी सुरक्षित नहीं है। बार के मंत्री प्रेम सिंह ने कहा कि वकील साथी श्रवण कुमार की हत्या लचीले कानून व्यवस्था को दर्शाता है।
शीघ्र वकील के हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। अरविंद मिश्रा, ओमप्रकाश पांडेय, ध्रुवनारायन मिश्रा, रामसहाय गुप्ता, रामरूप सावरकर, शम्भू नाथ, सुशील यादव, अरविन्द उपाध्याय, सर्वेश कुमार राय, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सत्येन्द्र कुमार, स्कन्द श्रीवास्तव, सुधाकर पांडेय, मोहम्मद हई आदि लोग रहे।
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बार अध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद पटेल ने कहा कि आठ फरवरी की रात लखनऊ में श्रवण कुमार वर्मा एडवोकेट की हत्या कर दी गई। आज तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिसकी घोर निंदा की। अध्यक्ष ने कहा कि वकीलों के साथ आए दिन घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपराध को रोकने की मांग की।
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महामंत्री जितेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता श्रवण कुमार के परिजनों को शासन से 50 लाख की मदद मिले। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यवली चौधरी एडवोकेट, कोषाध्यक्ष राम निवासी एडवोकेट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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नौतनवा प्रतिनिधि के मुताबिक रेवेन्यू बार एसोसिएशन नौतनवा के अधिवक्ताओं की बैठक बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में हुई। प्रदेश की सपा सरकार एवं पुलिस की सुरक्षा कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए हत्या की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की।
अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ में अधिवक्ता श्रवण की हत्या कर शव को नाली में ठूंस दिया गया। पुलिस प्रशासन कर्तव्यों एवं दायित्व का निर्वहन पूरे मनोयोग नहीं कर रहा। जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। विभूति यादव, साधूशरण, सुधीर शुक्ल, अशोक जायसवाल, संजय सोनी ने सपा सरकार व पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए।
हत्यारों के जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके पर मनोज कुमार मिश्रा, अखिलेश उपाध्याय, अजय यादव, विजय कुमार यादव, अरूणेश विश्वकर्मा, राकेश तिवारी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
फरेंदा में न्यायिक कार्य नहीं हुआ, लखनऊ में वकील की हत्या के विरोध में फरेंदा दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। हत्यारोपियों की गिरफ्तार की मांग की। सिविल वार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधेश मोहन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक बैठक कर घटना की निंदा की गई।
कहा कि आज प्रदेश सरकार वकीलों की सहायता करने में पूरी तरह विफल है। कानून की रक्षा करने वालों उसके नियमों को पालन करने वाले वकील भी सुरक्षित नहीं है। बार के मंत्री प्रेम सिंह ने कहा कि वकील साथी श्रवण कुमार की हत्या लचीले कानून व्यवस्था को दर्शाता है।
शीघ्र वकील के हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। अरविंद मिश्रा, ओमप्रकाश पांडेय, ध्रुवनारायन मिश्रा, रामसहाय गुप्ता, रामरूप सावरकर, शम्भू नाथ, सुशील यादव, अरविन्द उपाध्याय, सर्वेश कुमार राय, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सत्येन्द्र कुमार, स्कन्द श्रीवास्तव, सुधाकर पांडेय, मोहम्मद हई आदि लोग रहे।