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Maharajganj News: शवों के निस्तारण की तैयारी में जुटा प्रशासन, 72 घंटे बाद होगा पोस्टमार्टम
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महराजगंज। नेपाल में आई त्रासदी के बाद नारायणी नदी से बरामद चार शवों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तीन महिलाओं और एक पुरुष के शव जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखे गए हैं। शवों की पहचान के साथ ही उन्हें नियमानुसार उनके स्वजन अथवा संबंधित प्रशासन को सौंपने का प्रयास किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि चारों शवों का 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के दौरान शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए सैंपल भी लिए जाएंगे। डीएनए नमूनों को सुरक्षित रखा जाएगा ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति या परिवार की ओर से शव पर दावा किए जाने की स्थिति में वैज्ञानिक तरीके से पहचान कराई जा सके।
प्रशासन की ओर से नेपाल प्रशासन के संपर्क में भी रहने की तैयारी की गई है। यदि नेपाल प्रशासन की ओर से किसी शव के संबंध में दावा किया जाता है या मृतकों के स्वजन पहचान के लिए सामने आते हैं तो आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव उन्हें सौंपे जाएंगे। इसके लिए पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
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वहीं, निर्धारित अवधि में यदि किसी शव पर कोई दावा नहीं आता है तो शासन के निर्देश और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार कराया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि शवों की पहचान की हरसंभव प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
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अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि चारों शवों का 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के दौरान शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए सैंपल भी लिए जाएंगे। डीएनए नमूनों को सुरक्षित रखा जाएगा ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति या परिवार की ओर से शव पर दावा किए जाने की स्थिति में वैज्ञानिक तरीके से पहचान कराई जा सके।
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प्रशासन की ओर से नेपाल प्रशासन के संपर्क में भी रहने की तैयारी की गई है। यदि नेपाल प्रशासन की ओर से किसी शव के संबंध में दावा किया जाता है या मृतकों के स्वजन पहचान के लिए सामने आते हैं तो आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव उन्हें सौंपे जाएंगे। इसके लिए पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
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वहीं, निर्धारित अवधि में यदि किसी शव पर कोई दावा नहीं आता है तो शासन के निर्देश और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार कराया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि शवों की पहचान की हरसंभव प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।