{"_id":"596365ed4f1c1bfb698b45c0","slug":"71499686381-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तटबंध टूटा, फसलों की तबाही से किसानों में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तटबंध टूटा, फसलों की तबाही से किसानों में आक्रोश
Updated Mon, 10 Jul 2017 05:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। बीती रात महाव नाला का तटबंध दो स्थानों से फिर टूट गया। हरखपुरा में तीस मीटर और छितवनिता गांव के सामने पचास मीटर टूटे तटबंध से गांव के भीतर घरों में पानी पहुंच गया है। सबसे बुरा हाल कोहरगड्डी का गांव का है। इस गांव के कई घरों के लोग गांव के बाहर सामान लेकर निकल रहे है। महाव नाला से हो रही तबाही और फसलों की बर्बादी से लोग आक्रोशित हो कर नौतनवां-ठूठीबारी मार्ग को महाव पुल के पास जाम लगा आवागमन ठप कर प्रशासन विरोधी नारे लगाए। मौके पर पांच थाने की फोर्स के साथ एसडीएम और सीओ नौतनवां पहुंचे। उन्होंने ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन विफल रहे। करीब चार घंटे बाद किसानों की फसल के मुआवजे देने की घोषणा पर जाम खुला और राहत की सांस ली। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई ।
बरगदवा और परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार बीते दो जून को छितवनिता के सामने टूटे तटबंध के उत्तर पचास मीटर और हरखपुरा गांव के सामने तीस मीटर बीती रात दो बजे फिर टूट गया था। महाव के बदले पानी की धारा ने रेत के साथ फसलों को रौंदते में होते हुए हरखपुरा और छितवनिता गांव को जल मग्न कर दिया। बीती रात हरखपुरा के सामने टूटे तटबंध से पानी का फ्लो दोपहर बारह बजे तक तेज रहा लेकिन छितवनिता के सामने से पानी तेजी से कोहरगड्डी, दोगहरा, छितवनिता जहरी गांव की ओर बढ़ रहा है। पीएसी के जवान बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ की हालात से कोहरगड्डी गांव का बुरा हाल है। जबकि मल्लाह टोला के ग्रामीणों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है, महाव नाला का पानी इस टोले पर जाने वाले पक्की सड़क पर दो से तीन फुट पानी का बहाव है। कोहरगड्डी गांव के भीतर रामबेलास, कविलास ,इस्लाम, रियासत, रामनरेश दूबे, गुलहसन,वलीमुहम्मद,विनोद वर्मा सहित दो दर्जन घरों में पानी घुस गया है। ये लोग अपने सामान को लेकर सुरक्षित स्थान पर निकल गए।
महाव नाला के टूटने के बाद मचा हड़कंप
महराजगंज। सोमवार को नौतनवां-ठूठीबारी मार्ग को महाव पुल के पास सुबह सात बजे सिंचाई विभाग के अधिकारी ग्रामीणों के बीच बढ़ते आक्रोश को भांप कर खिसक लिए। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी विक्रम सिंह और क्षेत्राधिकारी सुरेश कुमार रवि, नौतनवां, सोनौली, कोल्हुई, परसा मलिक व बरगदवा थानाध्यक्षों के साथ भारी संख्या में फोर्स के मौके पर पहुंचे। नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर ट्रैक्टर खड़ा कर आवागमन अवरूद्ध किए किसानो से जाम हटाने की बात अधिकारियों ने कही । लेकिन आक्रोशित किसानों ने डीएम के मौके पर पहुंचने और फसलों की मुआवजे के आश्वासन पर मार्ग खोलने की बात पर अड़े रहे। चार घंटे तक जाम की समस्या से निपटने के लिए एक बार फिर उपजिलाधिकारी ने किसानों से बात की और फसलों की मुआवजा देने की बात कही। तब जाकर जाम खुला और आवागमन शुरू हुआ। इस दौरान पांच थानाध्यक्ष आर डी मौर्य, सत्येंद्र बहादुर सिंह, श्रीधर पाठक, विरेंद्र विक्रम सिंह व अनिल कुमार के साथ राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।
विज्ञापन
टूटे तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू नहीं
महराजगंज। नेपाल की पहाड़ों पर हो रही बारिश से छितवनिता के सामने टूटे तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है, लेकिन हरखपुरा गांव निवासी ब्रह्मानंद शुक्ला के खेत के सामने दोपहर बाद तीस मीटर टूटा तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। सिंचाई विभाग ने मौके पर बीस हजार बोरी दो ट्राली बांस उपलब्ध कराने के साथ ही करीब साठ की संख्या में मजदूरों लगा दिया है। सिंचाई खण्ड द्वितीय के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महाव नाला के हरखपुरा गांव के सामने कटान स्थल पर बीस हजार बोरी के साथ ही बांस और मजदूर को लेकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। छितवनिता के सामने टूटे तटबंध से पानी का फ्लो ज्यादा है। पानी का बहाव रुकते ही तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू जाएगा।
विज्ञापन
बरगदवा और परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार बीते दो जून को छितवनिता के सामने टूटे तटबंध के उत्तर पचास मीटर और हरखपुरा गांव के सामने तीस मीटर बीती रात दो बजे फिर टूट गया था। महाव के बदले पानी की धारा ने रेत के साथ फसलों को रौंदते में होते हुए हरखपुरा और छितवनिता गांव को जल मग्न कर दिया। बीती रात हरखपुरा के सामने टूटे तटबंध से पानी का फ्लो दोपहर बारह बजे तक तेज रहा लेकिन छितवनिता के सामने से पानी तेजी से कोहरगड्डी, दोगहरा, छितवनिता जहरी गांव की ओर बढ़ रहा है। पीएसी के जवान बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ की हालात से कोहरगड्डी गांव का बुरा हाल है। जबकि मल्लाह टोला के ग्रामीणों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है, महाव नाला का पानी इस टोले पर जाने वाले पक्की सड़क पर दो से तीन फुट पानी का बहाव है। कोहरगड्डी गांव के भीतर रामबेलास, कविलास ,इस्लाम, रियासत, रामनरेश दूबे, गुलहसन,वलीमुहम्मद,विनोद वर्मा सहित दो दर्जन घरों में पानी घुस गया है। ये लोग अपने सामान को लेकर सुरक्षित स्थान पर निकल गए।
विज्ञापन
महाव नाला के टूटने के बाद मचा हड़कंप
महराजगंज। सोमवार को नौतनवां-ठूठीबारी मार्ग को महाव पुल के पास सुबह सात बजे सिंचाई विभाग के अधिकारी ग्रामीणों के बीच बढ़ते आक्रोश को भांप कर खिसक लिए। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी विक्रम सिंह और क्षेत्राधिकारी सुरेश कुमार रवि, नौतनवां, सोनौली, कोल्हुई, परसा मलिक व बरगदवा थानाध्यक्षों के साथ भारी संख्या में फोर्स के मौके पर पहुंचे। नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर ट्रैक्टर खड़ा कर आवागमन अवरूद्ध किए किसानो से जाम हटाने की बात अधिकारियों ने कही । लेकिन आक्रोशित किसानों ने डीएम के मौके पर पहुंचने और फसलों की मुआवजे के आश्वासन पर मार्ग खोलने की बात पर अड़े रहे। चार घंटे तक जाम की समस्या से निपटने के लिए एक बार फिर उपजिलाधिकारी ने किसानों से बात की और फसलों की मुआवजा देने की बात कही। तब जाकर जाम खुला और आवागमन शुरू हुआ। इस दौरान पांच थानाध्यक्ष आर डी मौर्य, सत्येंद्र बहादुर सिंह, श्रीधर पाठक, विरेंद्र विक्रम सिंह व अनिल कुमार के साथ राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।
विज्ञापन
टूटे तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू नहीं
महराजगंज। नेपाल की पहाड़ों पर हो रही बारिश से छितवनिता के सामने टूटे तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है, लेकिन हरखपुरा गांव निवासी ब्रह्मानंद शुक्ला के खेत के सामने दोपहर बाद तीस मीटर टूटा तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। सिंचाई विभाग ने मौके पर बीस हजार बोरी दो ट्राली बांस उपलब्ध कराने के साथ ही करीब साठ की संख्या में मजदूरों लगा दिया है। सिंचाई खण्ड द्वितीय के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि महाव नाला के हरखपुरा गांव के सामने कटान स्थल पर बीस हजार बोरी के साथ ही बांस और मजदूर को लेकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। छितवनिता के सामने टूटे तटबंध से पानी का फ्लो ज्यादा है। पानी का बहाव रुकते ही तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू जाएगा।