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चकबंदी दफ्तर की मांग को लेकर वकीलों ने दिया धरना
Updated Tue, 17 Oct 2017 04:58 PM IST
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महराजगंज। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को नौतनवां तहसील परिसर में चकबंदी दफ्तर खोलने की मांग को लेकर न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। अधिवक्ताओं ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला बंद कर धरना देने के साथ ही प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी भी की।
धरने पर बैठे वकीलों का कहना था कि नौतनवां में चकबंदी दफ्तर खोलने के लिए पूर्व में कई दिन तक न्यायिक कार्य बहिष्कार कर धरना दिया गया। आंदोलन तेज होते देख उस दौरान डीएम सहित अन्य अधिकारियों ने जल्द ही चकबंदी दफ्तर खोलने का आश्वासन दिया था। इसकी तैयारी स्थानीय अधिकारियों के स्तर पर पूरी भी कर ली गई थी, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण यह कार्य अब तक पूरा नहीं किया जा सका।
तहसील क्षेत्र के नौतनवां एवं लक्ष्मीपुर ब्लॉक चकबंदी में चले गए है। जिसके सारे कार्य फरेंदा से संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में आम लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों ने आरोप लगाया कि लोगों की परेशानी से अधिकारियों को कुछ लेना देना नहीं रह गया है। यह स्थिति तब है जबकि अधिकारियों ने जल्द चकबंदी दफ्तर खोलने का पूर्व में आश्वासन दिया था। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक नौतनवां तहसील में चकबंदी दफ्तर नहीं खुल जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार का सिलसिला जारी रखेंगे। साथ ही तहसील के सभी कार्यालयों में ताला बंद कर कामकाज भी बाधित करेंगे। अधिवक्ताओं ने तहसील दिवस के बहिष्कार की भी चेतावनी दी। इस दौरान साधू शरण मिश्र, वीरेंद्र पांडेय, राजेश चौधरी, राजेश श्रीवास्तव, लल्लन अंसारी, अशोक जायसवाल, रियाज अहमद, समिउल्ला अंसारी, अनिल शर्मा, विजय प्रकाश, रामसुमेर, हबीबुर्रहमान, साजिद अली, राकेश त्रिपाठी, रविंद्र तिवारी, अनिल कुमार सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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धरने पर बैठे वकीलों का कहना था कि नौतनवां में चकबंदी दफ्तर खोलने के लिए पूर्व में कई दिन तक न्यायिक कार्य बहिष्कार कर धरना दिया गया। आंदोलन तेज होते देख उस दौरान डीएम सहित अन्य अधिकारियों ने जल्द ही चकबंदी दफ्तर खोलने का आश्वासन दिया था। इसकी तैयारी स्थानीय अधिकारियों के स्तर पर पूरी भी कर ली गई थी, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण यह कार्य अब तक पूरा नहीं किया जा सका।
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तहसील क्षेत्र के नौतनवां एवं लक्ष्मीपुर ब्लॉक चकबंदी में चले गए है। जिसके सारे कार्य फरेंदा से संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में आम लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों ने आरोप लगाया कि लोगों की परेशानी से अधिकारियों को कुछ लेना देना नहीं रह गया है। यह स्थिति तब है जबकि अधिकारियों ने जल्द चकबंदी दफ्तर खोलने का पूर्व में आश्वासन दिया था। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक नौतनवां तहसील में चकबंदी दफ्तर नहीं खुल जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार का सिलसिला जारी रखेंगे। साथ ही तहसील के सभी कार्यालयों में ताला बंद कर कामकाज भी बाधित करेंगे। अधिवक्ताओं ने तहसील दिवस के बहिष्कार की भी चेतावनी दी। इस दौरान साधू शरण मिश्र, वीरेंद्र पांडेय, राजेश चौधरी, राजेश श्रीवास्तव, लल्लन अंसारी, अशोक जायसवाल, रियाज अहमद, समिउल्ला अंसारी, अनिल शर्मा, विजय प्रकाश, रामसुमेर, हबीबुर्रहमान, साजिद अली, राकेश त्रिपाठी, रविंद्र तिवारी, अनिल कुमार सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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