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उच्चीकृत होंगे 18 अस्पताल, बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
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उच्चीकृत होंगे 18 अस्पताल, बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
महराजगंज। जिले के 18 अस्पताल उच्चीकृत होंगे। इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। अस्पतालों को उच्चीकृत करने से पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। सीएमओ अब तक चार अस्पतालों पर स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के बारे में जानकारी हासिल कर चुके हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन शासन स्तर से कुछ उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल में बेड एवं अन्य संसाधनों को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो सकें। इसी क्रम में विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। व्यवस्था के मुताबिक 100 बेड वाले जिला अस्पताल में 32 बेड और बढ़ाए जाएंगे। इस तरह से जिला अस्पताल 132 बेड का हो जाएगा।
चार सीएचसी पर भी बढ़ेंगे 20-20 बेड
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि 30-30 बेड वाले चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ( सीएचसी) पर भी 20-20 बेड बढ़ाए जाएंगे। सीएचसी गोपाला, धानी, घुघली और नौतनवां शामिल है। बेड बढ़ जाने के बाद चारों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50-50 बेड के हो जाएंगे। इसी प्रकार चार-चार बेड वाले पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ( पीएचसी) पर भी दो-दो बेड बढ़ाए जाएंगे। इस तरह से यह पांचों पीएचसी छह-छह बेड के जाएंगे। इन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बरगदवा, बाबू पैसिया, पनियरा, कोल्हुई तथा पुरन्दरपुर शामिल हैं।
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छह-छह बेड में तब्दील होंगे एक-एक बेड वाले आठ सब सेंटर
सीएमओ ने बताया कि एक-एक बेड वाले आठ उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी पांच-पांच बेड बढ़ाए जाएंगे। इस तरह से सभी आठों सब सेंटर छह-छह बेड में तब्दील हो जाएंगे। इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों में दरहटा, बेलवा, दरौली, पिपरपाती तिवारी, बल्लोखास, मौलागंज, बैसार और नंदना शामिल हैं।
अस्पतालों को अपग्रेड करने के लिए भवन निर्माण से लेकर अन्य संसाधनों को बढ़ाने के लिए शासन स्तर से एजेंसी भी नामित हो गई है। इस वर्ष उच्चीकृत होने वाले सभी अस्पताल अपने अस्तित्व में आ जाएंगे। जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। -डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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महराजगंज। जिले के 18 अस्पताल उच्चीकृत होंगे। इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। अस्पतालों को उच्चीकृत करने से पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। सीएमओ अब तक चार अस्पतालों पर स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के बारे में जानकारी हासिल कर चुके हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन शासन स्तर से कुछ उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल में बेड एवं अन्य संसाधनों को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो सकें। इसी क्रम में विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। व्यवस्था के मुताबिक 100 बेड वाले जिला अस्पताल में 32 बेड और बढ़ाए जाएंगे। इस तरह से जिला अस्पताल 132 बेड का हो जाएगा।
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चार सीएचसी पर भी बढ़ेंगे 20-20 बेड
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि 30-30 बेड वाले चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ( सीएचसी) पर भी 20-20 बेड बढ़ाए जाएंगे। सीएचसी गोपाला, धानी, घुघली और नौतनवां शामिल है। बेड बढ़ जाने के बाद चारों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50-50 बेड के हो जाएंगे। इसी प्रकार चार-चार बेड वाले पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ( पीएचसी) पर भी दो-दो बेड बढ़ाए जाएंगे। इस तरह से यह पांचों पीएचसी छह-छह बेड के जाएंगे। इन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बरगदवा, बाबू पैसिया, पनियरा, कोल्हुई तथा पुरन्दरपुर शामिल हैं।
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छह-छह बेड में तब्दील होंगे एक-एक बेड वाले आठ सब सेंटर
सीएमओ ने बताया कि एक-एक बेड वाले आठ उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी पांच-पांच बेड बढ़ाए जाएंगे। इस तरह से सभी आठों सब सेंटर छह-छह बेड में तब्दील हो जाएंगे। इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों में दरहटा, बेलवा, दरौली, पिपरपाती तिवारी, बल्लोखास, मौलागंज, बैसार और नंदना शामिल हैं।
अस्पतालों को अपग्रेड करने के लिए भवन निर्माण से लेकर अन्य संसाधनों को बढ़ाने के लिए शासन स्तर से एजेंसी भी नामित हो गई है। इस वर्ष उच्चीकृत होने वाले सभी अस्पताल अपने अस्तित्व में आ जाएंगे। जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। -डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ