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सामुदायिक शौचालय में बंद रहता ताला, खुले में शौच जाते लोग
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:13 AM IST
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सामुदायिक शौचालय में बंद रहता ताला, खुले में शौच जाते लोग
फोटो:-
दिखावा बनकर रह गया नेहरू नगर का सामुदायिक शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने की कवायद चल रही है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता, जिस दिन शौचालय निर्माण के प्रगित की समीक्षा न हो, लेकिन प्रशासन की ओर से किया जाने वाला प्रयास सफल होता नहीं दिख रहा है। नगर पालिका क्षेत्र के नेहरू नगर मोहल्ले में सामुदायिक शौचालय दिखावा बन कर रह गया है। इसमें ताला बंद रहता है। मोहल्ले के लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है।
इन दिनों स्वच्छता अभियान पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन हकीकत की पोल नेहरू नगर मोहल्ले में खुल जाती है। मोहल्ले के लोगों की सुविधा के लिए बना सामुदायिक शौचालय बंद रहता है। बताया जाता है कि चार माह पहले खुला था, फिर इसे बंद कर दिया गया। मोहल्ले के अंतिम छोर पर प्राथमिक विद्यालय के करीब बने सामुदायिक शौचालय के आसपास सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। मोहल्ले के रहने वाले राजेश कुमार कहते हैं कि शौचालय करीब चार माह से बंद पड़ा है। रामसूरत यादव का कहना है कि भला कौन चाहेगा, खुले में शौच जाना। अगर सामुदायिक शौचालय नियमित खुले तो लोग उसी में शौच के लिए जाएंगे, लेकिन जनता की समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं है। जयप्रकाश प्रजापति कहते हैं कि स्वच्छता के प्रचार-प्रसार पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन नतीजा बेहतर नहीं निकल रहा है। जब शहर का सामुदायिक शौचालय बंद है तो गांव में क्या दशा होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। कृष्णानंद प्रजापति ने कहा कि बंद पडे़ शौचालय को खोलने के लिए मांग की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल का कहना है कि स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय बना है। बंद पडे़ शौचालय को खुलवाया जाएगा।
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दिखावा बनकर रह गया नेहरू नगर का सामुदायिक शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने की कवायद चल रही है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता, जिस दिन शौचालय निर्माण के प्रगित की समीक्षा न हो, लेकिन प्रशासन की ओर से किया जाने वाला प्रयास सफल होता नहीं दिख रहा है। नगर पालिका क्षेत्र के नेहरू नगर मोहल्ले में सामुदायिक शौचालय दिखावा बन कर रह गया है। इसमें ताला बंद रहता है। मोहल्ले के लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है।
इन दिनों स्वच्छता अभियान पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन हकीकत की पोल नेहरू नगर मोहल्ले में खुल जाती है। मोहल्ले के लोगों की सुविधा के लिए बना सामुदायिक शौचालय बंद रहता है। बताया जाता है कि चार माह पहले खुला था, फिर इसे बंद कर दिया गया। मोहल्ले के अंतिम छोर पर प्राथमिक विद्यालय के करीब बने सामुदायिक शौचालय के आसपास सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। मोहल्ले के रहने वाले राजेश कुमार कहते हैं कि शौचालय करीब चार माह से बंद पड़ा है। रामसूरत यादव का कहना है कि भला कौन चाहेगा, खुले में शौच जाना। अगर सामुदायिक शौचालय नियमित खुले तो लोग उसी में शौच के लिए जाएंगे, लेकिन जनता की समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं है। जयप्रकाश प्रजापति कहते हैं कि स्वच्छता के प्रचार-प्रसार पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन नतीजा बेहतर नहीं निकल रहा है। जब शहर का सामुदायिक शौचालय बंद है तो गांव में क्या दशा होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। कृष्णानंद प्रजापति ने कहा कि बंद पडे़ शौचालय को खोलने के लिए मांग की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल का कहना है कि स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय बना है। बंद पडे़ शौचालय को खुलवाया जाएगा।
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