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सिक्के बैक में नहीं हो रहे जमा, छोटे व्यापारी परेशानी
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:23 AM IST
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महराजगंज। गुरुवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जिला इकाई के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से वित्तमंत्री को ज्ञापन देकर दुकानों में एकत्र हुए सिक्के को बैकों और थोक दुकान पर न लिए जाने की शिकायत की है। व्यापारियों ने कहा कि नोटबंदी के बाद से ही गल्ला किराना व्यापारियों के पास अत्यधिक सिक्का इकट्ठा हो गया। अब उसे न तो बैंक ले रहा है, न ही थोक दुकानों पर लिया जा रहा है जिससे परेशानी हो रही है।
जिलाध्यक्ष पशुपति नाथ गुप्ता ने कहा कि जिले में छोटे व्यापारियों के पास नोटबंदी के बाद से ही आज तक लाखों सिक्के इक्कठा हो गए हैं। इन सिक्के को न तो बैंक ले रहा है और न ही होल सेल व्यापारी ले रहे हैं। ऐसे में छोटे दुकानदार सिक्के को लेकर परेशान है। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहरों में भी छोटे -छोटे फुटकर व्यापारी हैं, उनके पास तमाम सिक्के जमा हो गए हैं। इतना ही नहीं, दस के नोट को भी अब बडे़ होल सेलर अब बैंक नहीं ले जा रहे हैं जिससे व्यापार अब मंदी के कगार पर खड़ा है। दस के नोट अगर बैंक में लिया भी जा रहा है तो केवल दस गड्डी ही लिया जा रहा है और अगर दस रुपये की गड्डी दस से ज्यादा हो रही है तो प्रति गड्डी के हिसाब से 10 रुपया चार्ज लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के पास 10 के सिक्के और नोट व सिक्का ज्यादा आ रहा है। अगर बैंक सिक्का और दस का नोट नहीं लेगा तो व्यापार टूट जाएगा। सिक्का लेने के लिए बैंकों को निर्देश दिया जाए जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके। इस मौके पर संतोष कुमार, जितेंद्र कुमार, रणजीत, विद्यासागर त्रिपाठी, सत्यप्रकाश, मनोज कुमार जायसवाल, कृष्ण, बैजनाथ, रामसेवक साहू, जीतेंद्र कुमार चंदन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष पशुपति नाथ गुप्ता ने कहा कि जिले में छोटे व्यापारियों के पास नोटबंदी के बाद से ही आज तक लाखों सिक्के इक्कठा हो गए हैं। इन सिक्के को न तो बैंक ले रहा है और न ही होल सेल व्यापारी ले रहे हैं। ऐसे में छोटे दुकानदार सिक्के को लेकर परेशान है। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहरों में भी छोटे -छोटे फुटकर व्यापारी हैं, उनके पास तमाम सिक्के जमा हो गए हैं। इतना ही नहीं, दस के नोट को भी अब बडे़ होल सेलर अब बैंक नहीं ले जा रहे हैं जिससे व्यापार अब मंदी के कगार पर खड़ा है। दस के नोट अगर बैंक में लिया भी जा रहा है तो केवल दस गड्डी ही लिया जा रहा है और अगर दस रुपये की गड्डी दस से ज्यादा हो रही है तो प्रति गड्डी के हिसाब से 10 रुपया चार्ज लिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के पास 10 के सिक्के और नोट व सिक्का ज्यादा आ रहा है। अगर बैंक सिक्का और दस का नोट नहीं लेगा तो व्यापार टूट जाएगा। सिक्का लेने के लिए बैंकों को निर्देश दिया जाए जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके। इस मौके पर संतोष कुमार, जितेंद्र कुमार, रणजीत, विद्यासागर त्रिपाठी, सत्यप्रकाश, मनोज कुमार जायसवाल, कृष्ण, बैजनाथ, रामसेवक साहू, जीतेंद्र कुमार चंदन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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