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भगवान नृसिंह की पूजा से मिलता शारीरिक बल: महंत गंगादास
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। श्रीलक्ष्मी नृसिंह मंदिर पर भगवान नृसिंह का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। वैदिक मंत्रोचार के साथ भगवान की पूजा अर्चना महंत गंगादास महाराज के सानिध्य में हुई। नृसिंह भगवान का दरबार भव्यता के साथ सजाया गया। कार्यक्रम के उपरांत भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।
महंत गंगादास महाराज ने कहा कि सृष्टि के पालनहार और संपूर्ण जगत के स्वामी भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद को राक्षस हिरण्यकश्यप से बचाने के लिए नरसिंह अवतार लिया था। नृसिंह अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चौथा अवतार है। भगवान नृसिंह शक्ति और पराक्रम के देवता हैं, इन्हें शत्रुओं के नाशक के रूप में जाना जाता है। बताया कि इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए आधा मनुष्य व आधा शेर का शरीर धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था। इस विशेष तिथि पर भगवान नरसिंह जी की पूजा की जाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान नृसिंह की पूजा करने से संकटों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह का प्राकट्य पर्व मनाया जाता है। इस दिन को नृसिंह जयंती या नृसिंह चौदस के रूप में मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को है। इनका प्राकट्य खंभे से गोधूलि बेला के समय हुआ था। भगवान नृसिंह, श्री हरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं। भगवान नरसिंह की पूजा अर्चना से मानसिक और शारीरिक बल मिलता है। इस मौके पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, बीके सरदार, अजय तिवारी नीलू, प्रदीप चौबे, विलास पटैरिया, उदित रावत, राजीव बबेले, विवेक सडैया आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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ललितपुर। श्रीलक्ष्मी नृसिंह मंदिर पर भगवान नृसिंह का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सुबह से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। वैदिक मंत्रोचार के साथ भगवान की पूजा अर्चना महंत गंगादास महाराज के सानिध्य में हुई। नृसिंह भगवान का दरबार भव्यता के साथ सजाया गया। कार्यक्रम के उपरांत भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।
महंत गंगादास महाराज ने कहा कि सृष्टि के पालनहार और संपूर्ण जगत के स्वामी भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद को राक्षस हिरण्यकश्यप से बचाने के लिए नरसिंह अवतार लिया था। नृसिंह अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चौथा अवतार है। भगवान नृसिंह शक्ति और पराक्रम के देवता हैं, इन्हें शत्रुओं के नाशक के रूप में जाना जाता है। बताया कि इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए आधा मनुष्य व आधा शेर का शरीर धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था। इस विशेष तिथि पर भगवान नरसिंह जी की पूजा की जाती है।
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उन्होंने कहा कि भगवान नृसिंह की पूजा करने से संकटों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह का प्राकट्य पर्व मनाया जाता है। इस दिन को नृसिंह जयंती या नृसिंह चौदस के रूप में मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को है। इनका प्राकट्य खंभे से गोधूलि बेला के समय हुआ था। भगवान नृसिंह, श्री हरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं। भगवान नरसिंह की पूजा अर्चना से मानसिक और शारीरिक बल मिलता है। इस मौके पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल, बीके सरदार, अजय तिवारी नीलू, प्रदीप चौबे, विलास पटैरिया, उदित रावत, राजीव बबेले, विवेक सडैया आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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