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रोजाना सैकड़ों लीटर कीमती पानी बह जाता ब्याने नाले में
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पाइप लाइन से लीकेज होता पानी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जल संस्थान की उदासीनता के कारण रोज सैकड़ों लीटर पीने योग्य पानी ब्याने नाले में बह जाता है। विभागीय अफसरों के संज्ञान में होने के बाद भी पाइप लाइनों के लीकेज सुधारे नहीं जा रहे हैं। इससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित बनी हुई है।
सर्दी का मौसम लगभग समाप्ति सकी ओर है और गर्मी दस्तक देने लगी है। इसके बाद भी पाइप लाइनों में बने लीकेज सुधारे नहीं जा रहे हैं। जेल चौराहे के पास करीब एक माह से पाइप लाइन में लीकेज बना है, इससे रोज सैकड़ों लीटर पानी बहकर ब्याना नाले में मिल जाता है। इसी तरह ईदगाह के पास पाइप लाइन का लीकेज लंबे समय से बना हुआ है। शहर के कई अन्य हिस्सों में भी पाइप लाइन के लीकेज हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। गर्मी के दिनों में अन्य मौसम के मुकाबले पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में पाइप लाइनों के लीकेज दुरुस्त कर मांग पूरी की जा सकती है।
विभाग इसके लिए अब तक तैयार नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोगों को पेयजल की चिंता सताने लगी है। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के पहले पाइप लाइन के लीकेज सहित अन्य कमियां दूर कर ली जाएं, ताकि गर्मियों में पेयजल की आपूर्ति सुचारु रह सके।
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विभिन्न वार्डो में अनेक हैंडपंप खराब पड़े हैं। वार्ड नंबर सात में रवि के घर के पास हैंडपंप खराब पड़ा है। इस हैंडपंप से काफी पानी निकलता था, जिसे सुधारा नहीं जा रहा है। कई शिकायती पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
- लखनलाल
जल संस्थान के अफसर अक्सर बजट व कर्मचारियों की कमियों का रोना रोते रहते हैं। जब तक विभाग संसाधनों से लैस नहीं होगा, तब तक जलापूर्ति को सुचारू बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- उमेश पाल
जेल चौराहे के पास पाइप लाइन में बड़ा लीकेज है। इससे दिन भर पानी बहता रहता है। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है, जैसे कोई नाली का पानी बह रहा हो। इससे शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है।
- वेदप्रकाश
जब पेयजल आपूर्ति बाधित होती है, तब हैंडपंप उसका विकल्प बनते हैं। लोगों को इससे पानी मिल जाता है, लेकिन हैंडपंप भी महीनों खराब पड़े रहते हैं। इससे हालात और बिगड़ते हैं।
- कल्लू यादव
होली पर्व मनाने के लिए श्रमिक गए हुए थे, जो अभी लौटकर नहीं आए हैं। जैसे ही श्रमिक काम पर आते हैं, वैसे ही पाइप लाइन के लीकेज प्राथमिकता से सही कराए जाएंगे।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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सर्दी का मौसम लगभग समाप्ति सकी ओर है और गर्मी दस्तक देने लगी है। इसके बाद भी पाइप लाइनों में बने लीकेज सुधारे नहीं जा रहे हैं। जेल चौराहे के पास करीब एक माह से पाइप लाइन में लीकेज बना है, इससे रोज सैकड़ों लीटर पानी बहकर ब्याना नाले में मिल जाता है। इसी तरह ईदगाह के पास पाइप लाइन का लीकेज लंबे समय से बना हुआ है। शहर के कई अन्य हिस्सों में भी पाइप लाइन के लीकेज हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। गर्मी के दिनों में अन्य मौसम के मुकाबले पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में पाइप लाइनों के लीकेज दुरुस्त कर मांग पूरी की जा सकती है।
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विभाग इसके लिए अब तक तैयार नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोगों को पेयजल की चिंता सताने लगी है। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के पहले पाइप लाइन के लीकेज सहित अन्य कमियां दूर कर ली जाएं, ताकि गर्मियों में पेयजल की आपूर्ति सुचारु रह सके।
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विभिन्न वार्डो में अनेक हैंडपंप खराब पड़े हैं। वार्ड नंबर सात में रवि के घर के पास हैंडपंप खराब पड़ा है। इस हैंडपंप से काफी पानी निकलता था, जिसे सुधारा नहीं जा रहा है। कई शिकायती पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
- लखनलाल
जल संस्थान के अफसर अक्सर बजट व कर्मचारियों की कमियों का रोना रोते रहते हैं। जब तक विभाग संसाधनों से लैस नहीं होगा, तब तक जलापूर्ति को सुचारू बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- उमेश पाल
जेल चौराहे के पास पाइप लाइन में बड़ा लीकेज है। इससे दिन भर पानी बहता रहता है। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है, जैसे कोई नाली का पानी बह रहा हो। इससे शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है।
- वेदप्रकाश
जब पेयजल आपूर्ति बाधित होती है, तब हैंडपंप उसका विकल्प बनते हैं। लोगों को इससे पानी मिल जाता है, लेकिन हैंडपंप भी महीनों खराब पड़े रहते हैं। इससे हालात और बिगड़ते हैं।
- कल्लू यादव
होली पर्व मनाने के लिए श्रमिक गए हुए थे, जो अभी लौटकर नहीं आए हैं। जैसे ही श्रमिक काम पर आते हैं, वैसे ही पाइप लाइन के लीकेज प्राथमिकता से सही कराए जाएंगे।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान