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जलसंस्थान नही बुझा पाता उपभोक्ताओं की प्यास

Wed, 17 May 2017 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 17 May 2017 01:09 AM IST
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Water conservation does not extinguish the thirst of consumers
water problems - फोटो : demo
नगर पंचायत पाली में अपने उपभोक्ताओं की प्यास बुझाने का जिम्मा जलसंस्थान के पास है। साल दर साल इसके उपभोक्ताओं में तो इजाफा हो गया। लेकिन जलसंस्थान अपने संसाधनों को नही बढ़ा सका। न ही पाइप लाइन का विस्तार न ही टंकी का निर्माण हो पाया। जिससे पाली के कई वार्डो में लोगों के घरों तक पानी नही पहुंच पाता।
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जलसंस्थान के पास 500 से ज्यादा उपभोक्ता है। जिनमें आधे उपभोक्ताओं को ही ठीक ठाक पानी मिल पाता है। बाकी उपभोक्ताओं की बात करे तो कहीं चंद मिनिट पानी आता तो कहीं नलों की टोटियां सूखी पड़ी रहती हैं। पानी को लेकर वार्ड नंबर,4,5,7,9,10 सबसे ज्यादा प्रभावित है। पानी के लिए लोग नगर पंचायत की पाइप लाईन पर ही निर्भर है। जहां पाइप लाईन नही वहां हैण्डपम्प ही मुख्य सहारा है। जलसंस्थान के पास एक पानी की टंकी है। चार नलकूप है जिनमें दो ही नलकूप सुचारू रूप से चालू दिखाई देते है। एक नलकूप बंद पड़ा है। जलसंस्थान पूरी तरह विधुत विभाग पर निर्भर है। बिजली सही मिल गयी तो टंकी भर जाती है। बिजली के लड़खड़ाने पर पानी आपूर्ति चरमरा जाती है। जलसंस्थान से निकलने वाली पानी की धार मुख्यबाजार तक आते आते मन्द पड़ जाती है। मंदिर मोहल्ला, टिपुआ मोहल्ला, गांधी चौक, तक पहुँचते पानी की धार दम तोड़ देती है। ऐसे में कहीं चंद  मिनिट पानी तो कहीं नलों की टोटियां सुखी पड़ी रहती है। जबकि यहां उपभोक्ताओं को जलकर बराबर चुकाना पड़ रहा है।
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इन मोहल्लों में पेयजल किल्लत को देख नगर पंचायत ने अपने 13 वें वित्त आयोग से नीलकंठ मार्ग पर 12 लाख रुपए की लागत से नलकूप खुदवाया, लेकिन इसमें पानी की धार कम निकली। प्यासे मोहल्लों की गला तर करने उम्मीदें धरी की धरी रह गयी। पानी को कम देख नगर पंचायत ने इससे पाइप लाईन बिछवाकर सड़क किनारें पांच सात नल लगवा दिए। जिस पर लोग पानी भरते देखे जाते है। अगर इसमें पानी की धार तेज निकलती तो यहां टंकी का निर्माण हो जाता। प्यासे मोहल्लों को इसका भरपूर लाभ मिलता। लेकिन ऐसा नही हो सका यहां की प्रस्तावित टंकी लोगों को हवाहवाई साबित हुई। जब तक यहां टंकी का निर्माण नही होगा तब तक पेयजल समस्या दूर होने वाली नही। पीपरी मोहल्ले के लोग जलसंस्थान से पाइप लाईन आने की वाट जोह रहे है।
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दूषित पानी पीने को मजबूर
जलसंस्थान अपने उपभोक्ताओं को पानी मुहैया कराने में कोई दिलचस्पी नही दिखता । जिसके चलते कड़ी मेहनत के बाद पानी मिलता । हैण्डपम्पों का दूषित पानी पीने को मजबूर हो ।
देवकी चौरसिया, मधवा मोहल्ला वार्ड 9

नही होता समाधान
जलनिगम के बाद कस्बे की आपूर्ति का जिम्मा जलसंस्थान को सौपा गया । लेकिन जलसंस्थान अपने संसाधनों का विकास नही कर पाया । जिससे कस्बें में पेयजल किल्लत बरकरार है । हर वार गर्मियों में समस्या बढ़ जाती है।
अभय जैन, मुख्य बाजार

जलसंस्थान निभाये अपनी जिम्मेदारी
जलसंस्थान को अपने उपभोक्ताओं की समस्यायों को देख पूरी जिम्मेदारी निभाएं। जिससे भविष्य में पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े ।सबसे ज्यादा परेशान मंदिर मोहल्ले के लोग है।
आशीष चौरसिया, मंदिर मोहल्ला

दो दिन से नही मिला पानी
पाली में पेयजल समस्या नई नही है। एक दशक से  लोग जलसंस्थान से व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की उम्मीद लगाएं है। जो बेईमान साबित हुई। बीते दो दिन से पानी जलसंस्थान की आपूर्ति ठप पड़ी है।

पुष्पेंद्र चौरसिया, हजारिया वार्ड 10

टंकी निर्माण को नही मिला बजटकस्बें में पेयजल किल्लत न हो इसके लिए  कई वार्डो में नगर पंचायत ने पाइप लाईन जल योजना शुरू की जिसका लाभ लोगों को मिल रहा। नीलकंठ मार्ग पर टंकी को लेकर प्रस्ताव पास किया गया था । अधिकारयों से लेकर जलसंसाधन मंत्री व सांसद उमाभारती को भी पत्र लिखा । लेकिन टंकी निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत अब तक नही हो पायी। जिसके लिए प्रयास चल रहा है। टंकी निर्माण के बाद हर घर में पानी उपलब्ध हो जायेगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष राम कुमार चौरसिया
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