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कैसे हो ग्रामीण विकास के सपने पूरे, जब पंचायत भवन ही पड़े अधूरे

Mon, 23 Aug 2021 01:18 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 01:18 AM IST
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village meeting hall incomplete
अधूरा पड़ा पंचायत भवन का कार्य - फोटो : LALITPUR
डोंगराखुर्द/ललितपुर। विकास खंड मड़ावरा के लगभग आधा दर्जन गांवों में बहुउद्देशीय भवन ग्रामीण सचिवालय जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते आधे-अधूरे पड़े हैं। इसके चलते गांव के विकास से संबंधित योजनाओं का संचालन ग्रामीणों ने अधूरे पड़े ग्रामीण सचिवालय को पूर्ण कराने की मांग की है।
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ग्रामीण विकास के उद्देश्य की पूर्ति के लिए शासन द्वारा गांवों में बहुउद्देशीय भवन ग्रामीण सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचायत के कार्यालयों में एक ही जगह पर ग्राम पंचायत की बैठकों के साथ-साथ ग्राम पंचायत अधिकारी की मौजूदगी, ग्राम विकास से संबंधित दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव, कंप्यूटर आदि की उपलब्धता रहेगी। इससे एक ही छत के नीचे शासन की योजनाओं से संबंधित ग्रामीणों को बहुत सी सुविधाएं और जानकारी उपलब्ध हो सकें। ग्रामीण सचिवालय को गांव के विकास में अहम योगदान माना जाता है। इसके लिए सरकार लाखों रुपये खर्च करके गांव में प्राथमिकता के साथ सचिवालयों का निर्माण करा रही है, लेकिन विकास खंड मड़ावरा की स्थिति कुछ अलग है। यहां पर जिम्मेदार लोगों की उदासीनता के कारण नाराहट क्षेत्र में छह से अधिक सचिवालय लाखों रुपये की राशि निकल जाने के बाद भी उनका काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। इनमें प्रमुख रूप से बनयाना, झरावटा, ककरुआ, दैनपुरा, टौरी, मकरीपुर आदि के ग्राम सचिवालय अधूरे पड़े हैं।
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ग्राम बनयाना में दस लाख रुपये की लागत से सचिवालय का निर्माण होना था, इसके एवज में तीन लाख 78 हजार 650 रुपये की राशि निकल जाने के बाद भी भवन अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और इसकी नीव भी मजबूत नहीं है। अधूरी खड़ी दीवारों की तलाई नहीं की गई, जिससे बिल्डिंग कमजोर है, जो बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। इसके साथ ही पंचायत भवन के निर्माण को जितनी धनराशि निकली है, उतना काम धरातल पर नहीं हुआ है। अधूरे पड़े पंचायत भवनों के चलते ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाएं का समुचित क्रियान्वयन भी नहीं हो पा रहा, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी नहीं हो पाती है और ग्राम सभा की बैठकें भी प्रभावित हो रही है। वहीं छोटे छोटे कार्यों के लिए ग्रामीणों को विकास खंड कार्यालय तक दौड़ना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इसकी खराब गुणबत्ता से निर्माण हो रहा जिलाधिकारी से अधूरे पड़े सचिवालयों एवं गुणवत्ता को पूर्ण कराने की मांग की है।
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बनयाना गांव में अधूरे पड़े पंचायत भवन की जानकारी हुई है,इसकी जांच कराई जाएगी औैर इसकी जांच रिपार्ट शासन को भेजी जाएगी।
-नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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