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उर्द, मूंग की 80 फीसदी फसल बर्बाद

Thu, 03 Dec 2015 12:50 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Thu, 03 Dec 2015 12:50 AM IST
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Urd , mung bean crop and 80 percent of
ललितपुर। सूखे से खरीफ फसल को हुए नुकसान की हकीकत जानने के लिए ललितपुर आए केंद्रीय दल ने आधा दर्जन ग्रामों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर सूखे से उपजे हालातों की जानकारी प्राप्त की।
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उन्होंने पाया कि जिले में सूखा के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ ही कृषक होंगे, जिनके घर उर्द और मूंग की उपज पहुंच पाई होगी। लगभग 80 फीसदी उर्द और मूंग की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा कराए गए नुकसान के आकलन को सही ठहराया है।
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बुधवार को केंद्रीय कृषि और कल्याण मंत्रालय के निदेशक डा. एमसी दिवाकर दो अन्य सदस्यों के साथ जिले के दौरे पर आए। उन्होंने ग्राम छपरट, समोगर, खितवांस, पटसेमरा, मसौरा कलां और ललितपुर ग्रामीण का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों से बातचीत की।
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ग्रामीणों ने सूखे की विभीषिका से  परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सूखे से खरीफ की फसल पूरी तरह बरबाद हो गई है। वर्तमान में सिंचाई के अभाव में रबी फसल की बुवाई नहीं हो पा रही है। भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसक जाने से नलकूप भी सफल नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है।

इस पर केंद्रीय दल ने ग्रामीणों को मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही कहा कि खेती में विविधता लाते हुए बागवानी, उद्यानी फसलें बोएं और पशु पालन कर उसे आय का जरिया बनाएं। केंद्रीय दल में प्रमुख वैज्ञानिक डा. कैलाश और कार्यालय राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन पंकज कुमार थे।

इसके बाद डा. दिवाकर ने पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने जिले के छह गांवों का भ्रमण किया है, जिसमें पाया गया कि खरीफ सीजन की उर्द और मूंग की फसल करीब 81 प्रतिशत बरबाद हुई है, जबकि सोयाबीन की फसल शत-प्रतिशत नष्ट हो गई थी। कुछ ही कृषकों के घर उर्द और मूंग की फसल पहुंच पाई है। जिला प्रशासन ने सूखे से हुए नुकसान का जो आंकलन किया था, वह सही है।

इस रिपोर्ट को प्रमुख सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके उपरांत आगे की रणनीति तैयार होगी। कृषकों को राहत राशि नहीं मिलने के जवाब में उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के आकलन की सही पुष्टि होने के बाद मांग के सापेक्ष अवशेष धनराशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रबी सीजन में फसलों की बुवाई नहीं होने के जवाब में उन्होंने कहा कि खेत तो खाली पड़े हैं, लेकिन इसका आकलन करने अन्य दल आएगा।


उन्होंने तो सिर्फ खरीफ फसल के नुकसान का जायजा लिया है। पत्रकार वार्ता के दौरान उप कृषि निदेशक हंसराज, जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश कुमार, तहसीलदार अवधेश निगम आदि अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि खरीफ फसल के नुकसान का सर्वे जिला प्रशासन द्वारा कराया गया था, जिसमें 180 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। लेकिन, अब तक मुआवजा राशि नहीं आई है।
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