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Weather: झांसी और ललितपुर में फिर झमाझम, पांच तक भारी बारिश का अलर्ट
Thu, 03 Sep 2026 02:27 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:27 AM IST
सार
मौसम विभाग ने पांच सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी है वहीं, लगातार बारिश की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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बारिश का अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण बुधवार को मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है। शाम को हुई बारिश के बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आगामी पांच सितंबर तक भारी बारिश के आसार जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
लगातार चार दिन बारिश से फसलों पर दोबारा खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को ही मौसम को लेकर चेतावनी जारी की थी। विभाग ने बताया था कि मानसून पश्चिमांचल से बुंदेलखंड में बांदा के रास्ते प्रवेश करेगा। दोपहर तक इसके झांसी और ललितपुर में पहुंचने की संभावना थी। चेतावनी के अनुसार, सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम पांच बजे के आसपास जमकर बारिश हुई।
करीब एक घंटे की इस बारिश से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आई। मौसम विशेषज्ञ आदित्य सिंह ने बताया कि मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि पांच सितंबर तक भारी बारिश के आसार बन गए हैं। यह येलो अलर्ट झांसी और ललितपुर के लिए जारी किया गया है। वहीं, ललितपुर में अति वर्षा के आसार को देखते हुए आज ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।
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फसलों पर संभावित नुकसान
अगस्त में हुई बारिश से खरीफ की मूंग, तिल और कुछ क्षेत्रों में जलभराव से मूंगफली को पहले ही भारी नुकसान हुआ है। यदि दोबारा लगातार बारिश होती है, तो उड़द की बची हुई फसल को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, मूंग, तिल और उड़द की शेष फसलें भी प्रभावित होंगी। फूलों और गोभी, पत्तागोभी, बैंगन जैसी सब्जी की फसलों को भी क्षति पहुंच सकती है।
किसानों के लिए सलाह
उप कृषि निदेशक बुद्धदेव द्विवेदी ने किसानों को जलभराव से फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें। आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यह सावधानी आवश्यक है। किसानों को अपनी फसलों की लगातार निगरानी करनी चाहिए।
दो सितंबर तक 496 मिमी बारिश
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से दो सितंबर तक झांसी में 496 मिमी, जालौन में 503 मिमी और ललितपुर में 570 मिमी बारिश दर्ज की गई है। झांसी में इस अवधि की औसत बारिश के सापेक्ष 60.71 प्रतिशत, जालौन में 58.35 और ललितपुर में 62.36 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है वहीं, बुधवार सुबह बेतवा नदी के नोटघाट गेज पर जलस्तर 192.500 मीटर दर्ज हुआ जबकि खतरे का स्तर 205 मीटर है। नदी अभी खतरे के निशान से 12.50 मीटर नीचे है। नदी के बहाव में तेजी दर्ज हुई है। देर शाम तक पारीछा एवं माताटीला बांध से 8 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा जा रहा था। नोडल अभियंता बृजेश पोरवाल का कहना है कि नदी के जल स्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है। उसके बहाव के मुताबिक बांध से पानी निकासी हो रही है।
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लगातार चार दिन बारिश से फसलों पर दोबारा खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को ही मौसम को लेकर चेतावनी जारी की थी। विभाग ने बताया था कि मानसून पश्चिमांचल से बुंदेलखंड में बांदा के रास्ते प्रवेश करेगा। दोपहर तक इसके झांसी और ललितपुर में पहुंचने की संभावना थी। चेतावनी के अनुसार, सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम पांच बजे के आसपास जमकर बारिश हुई।
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करीब एक घंटे की इस बारिश से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आई। मौसम विशेषज्ञ आदित्य सिंह ने बताया कि मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि पांच सितंबर तक भारी बारिश के आसार बन गए हैं। यह येलो अलर्ट झांसी और ललितपुर के लिए जारी किया गया है। वहीं, ललितपुर में अति वर्षा के आसार को देखते हुए आज ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है।
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फसलों पर संभावित नुकसान
अगस्त में हुई बारिश से खरीफ की मूंग, तिल और कुछ क्षेत्रों में जलभराव से मूंगफली को पहले ही भारी नुकसान हुआ है। यदि दोबारा लगातार बारिश होती है, तो उड़द की बची हुई फसल को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, मूंग, तिल और उड़द की शेष फसलें भी प्रभावित होंगी। फूलों और गोभी, पत्तागोभी, बैंगन जैसी सब्जी की फसलों को भी क्षति पहुंच सकती है।
किसानों के लिए सलाह
उप कृषि निदेशक बुद्धदेव द्विवेदी ने किसानों को जलभराव से फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें। आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यह सावधानी आवश्यक है। किसानों को अपनी फसलों की लगातार निगरानी करनी चाहिए।
दो सितंबर तक 496 मिमी बारिश
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से दो सितंबर तक झांसी में 496 मिमी, जालौन में 503 मिमी और ललितपुर में 570 मिमी बारिश दर्ज की गई है। झांसी में इस अवधि की औसत बारिश के सापेक्ष 60.71 प्रतिशत, जालौन में 58.35 और ललितपुर में 62.36 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है वहीं, बुधवार सुबह बेतवा नदी के नोटघाट गेज पर जलस्तर 192.500 मीटर दर्ज हुआ जबकि खतरे का स्तर 205 मीटर है। नदी अभी खतरे के निशान से 12.50 मीटर नीचे है। नदी के बहाव में तेजी दर्ज हुई है। देर शाम तक पारीछा एवं माताटीला बांध से 8 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा जा रहा था। नोडल अभियंता बृजेश पोरवाल का कहना है कि नदी के जल स्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है। उसके बहाव के मुताबिक बांध से पानी निकासी हो रही है।