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मेडिकल कॉलेज: दो वर्ष से धूल फांक रही बीएसएल 2 लैब में जांच होगी शुरू
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में दो वर्ष से बंद पड़ी बीएसएल-2 लैब अब फिर से संचालित होगी। कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। यहां स्वाइन फ्लू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की जांच की जाएगी।
यह बायोसेफ्टी लैब (बीएसएल-2) कोविड काल में स्थापित हुई थी। इसे ट्रामा सेंटर के प्रथम तल पर बनाया गया था। इसमें कोरोना वायरस की जांच की जाती थी। बाद में स्वाइन फ्लू, इन्फ्लूएंजा, एलाईजा, चिकन पॉक्स और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की जांच भी शुरू हुई। मरीजों को संक्रमण की पुष्टि और वायरस के प्रकार की जानकारी मिलती थी। लगभग दो वर्ष पहले कोविड कर्मचारियों को हटा दिया गया था। इसके बाद जुलाई 2024 में लैब को बंद कर दिया गया। कुछ समय तक डेंगू के संदिग्ध मरीजों के लिए एलाईजा टेस्ट हुए। फिर यह सुविधा भी पूरी तरह बंद हो गई थी।
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जांच सुविधा का था अभाव
लैब बंद होने से सभी प्रकार की जांच सुविधा ठप हो गई थी। बीमारियों की पुष्टि और वायरस के प्रकार की जांच नहीं हो पा रही थी। मरीजों के नमूने जांच के लिए लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में भेजने पड़ते थे। इससे बीमारी की पुष्टि में देरी होती थी। तय समय पर पुष्टि न होने से उपचार में समस्या बनी हुई थी।
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नई व्यवस्था और लाभ
अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बीएसएल-2 लैब को संचालित करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। लैब में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जांच के लिए आवश्यक किट और अन्य सामग्री भी मंगाई जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच अब कॉलेज में ही होगी। संदिग्ध मरीजों के नमूने झांसी या लखनऊ नहीं भेजे जाएंगे। समय पर जांच होने से तत्काल उपचार मिलेगा। इससे मरीज जल्द स्वस्थ होंगे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक गजेंद्र सिंह ने बताया कि किट उपलब्ध होते ही सुविधा शुरू हो जाएगी।
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यह बायोसेफ्टी लैब (बीएसएल-2) कोविड काल में स्थापित हुई थी। इसे ट्रामा सेंटर के प्रथम तल पर बनाया गया था। इसमें कोरोना वायरस की जांच की जाती थी। बाद में स्वाइन फ्लू, इन्फ्लूएंजा, एलाईजा, चिकन पॉक्स और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की जांच भी शुरू हुई। मरीजों को संक्रमण की पुष्टि और वायरस के प्रकार की जानकारी मिलती थी। लगभग दो वर्ष पहले कोविड कर्मचारियों को हटा दिया गया था। इसके बाद जुलाई 2024 में लैब को बंद कर दिया गया। कुछ समय तक डेंगू के संदिग्ध मरीजों के लिए एलाईजा टेस्ट हुए। फिर यह सुविधा भी पूरी तरह बंद हो गई थी।
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जांच सुविधा का था अभाव
लैब बंद होने से सभी प्रकार की जांच सुविधा ठप हो गई थी। बीमारियों की पुष्टि और वायरस के प्रकार की जांच नहीं हो पा रही थी। मरीजों के नमूने जांच के लिए लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में भेजने पड़ते थे। इससे बीमारी की पुष्टि में देरी होती थी। तय समय पर पुष्टि न होने से उपचार में समस्या बनी हुई थी।
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नई व्यवस्था और लाभ
अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बीएसएल-2 लैब को संचालित करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। लैब में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जांच के लिए आवश्यक किट और अन्य सामग्री भी मंगाई जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच अब कॉलेज में ही होगी। संदिग्ध मरीजों के नमूने झांसी या लखनऊ नहीं भेजे जाएंगे। समय पर जांच होने से तत्काल उपचार मिलेगा। इससे मरीज जल्द स्वस्थ होंगे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक गजेंद्र सिंह ने बताया कि किट उपलब्ध होते ही सुविधा शुरू हो जाएगी।