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ड्रेस: धनराशि देन में कंजूस
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 25 Oct 2015 01:21 AM IST
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ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में गरीबी रेखा से ऊपर जीवन- यापन करने वाले परिवारों के बच्चों को यूनिफार्म वितरण के लिए धनराशि देने में शासन ने हाथ खींच लिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने छत्तीस हजार बच्चों को ड्रेस मुहैया कराने के लिए 1.45 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन इसके सापेक्ष सिर्फ 31 लाख रुपये ही अवमुक्त हो सके हैं, जिससे बच्चों को यूनिफार्म वितरण की समस्या आ गई है।
छह से चौदह वर्ष की आयु वर्ग के हर बच्चे को जूनियर हाईस्कूल स्तर तक की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से यूनिफार्म के दो सेट वितरित किए जाते हैं। इसमें सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जन जाति बालक, बीपीएल वर्ग के बालक और सभी बालिकाओं को यूनिफार्म मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद गरीबी रेखा से ऊपर जीवन-यापन करने वाले बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए धन आवंटित करता है।
राज्य परियोजना कार्यालय सर्व शिक्षा अभियान 1,57,000 बच्चों को पहले ही 4.33 करोड़ रुपए की धनराशि अवमुक्त कर चुका है। पिछले दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत गरीबी रेखा से ऊपर जीवन- यापन करने वाले परिवारों के 36,288 बच्चों को यूनिफार्म के दो सेट वितरित करने के मकसद से 1,45,15,000 रुपए की धनराशि की मांग की थी। लेकिन, इसके सापेक्ष हाल ही में शासन ने 31.13 लाख रुपए की धनराशि अवमुक्त कर दी है। मांग के सापेक्ष कम धनराशि भेजने से सभी एपीएल बच्चों को यूनिफार्म के दो सेट वितरित हो पाने का संकट उत्पन्न हो गया है।
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इससे प्रधानाध्यापकों के माथे पर तनाव की लकीरें दिखाई देने लगी है। वह नहीं समझ पा रहे हैं कि किस बच्चे को छोड़ें और किसे यूनिफार्म वितरित कर दें। यही नहीं, उन्हें अभिभावकों के कोपभाजन के शिकार होने का भय सताने लगा है।
स्कूलों के खाते में नहीं पहुंची धनराशि
एपीएल छात्रों को यूनिफार्म वितरण के लिए आई धनराशि स्कूलों के खाते में नहीं पहुंच सकी है। नियम यह है कि लेखा कार्यालय बिल तैयार करता है, तब जाकर स्कूलों को धनराशि हस्तांतरित की जाती है। इस प्रक्रिया को अपनाने में लेटलतीफी बरती जा रही है, जिससे प्रधानाध्यापकों में असंतोष देखा जा रहा है।
माध्यमिक स्कूलों में भी बंटेगी ड्रेस
परिषदीय स्कूलों के साथ सहायता प्राप्त विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों में भी कक्षा आठ तक के बच्चों को यूनिफार्म प्रदान की जाती है। जिले में 1,049 प्राथमिक, 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बुंदेलखंड इंटर कालेज, अबंतीबाई स्कूल जखौरा एवं 18 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।
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छह से चौदह वर्ष की आयु वर्ग के हर बच्चे को जूनियर हाईस्कूल स्तर तक की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से यूनिफार्म के दो सेट वितरित किए जाते हैं। इसमें सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जन जाति बालक, बीपीएल वर्ग के बालक और सभी बालिकाओं को यूनिफार्म मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद गरीबी रेखा से ऊपर जीवन-यापन करने वाले बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए धन आवंटित करता है।
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राज्य परियोजना कार्यालय सर्व शिक्षा अभियान 1,57,000 बच्चों को पहले ही 4.33 करोड़ रुपए की धनराशि अवमुक्त कर चुका है। पिछले दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत गरीबी रेखा से ऊपर जीवन- यापन करने वाले परिवारों के 36,288 बच्चों को यूनिफार्म के दो सेट वितरित करने के मकसद से 1,45,15,000 रुपए की धनराशि की मांग की थी। लेकिन, इसके सापेक्ष हाल ही में शासन ने 31.13 लाख रुपए की धनराशि अवमुक्त कर दी है। मांग के सापेक्ष कम धनराशि भेजने से सभी एपीएल बच्चों को यूनिफार्म के दो सेट वितरित हो पाने का संकट उत्पन्न हो गया है।
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इससे प्रधानाध्यापकों के माथे पर तनाव की लकीरें दिखाई देने लगी है। वह नहीं समझ पा रहे हैं कि किस बच्चे को छोड़ें और किसे यूनिफार्म वितरित कर दें। यही नहीं, उन्हें अभिभावकों के कोपभाजन के शिकार होने का भय सताने लगा है।
स्कूलों के खाते में नहीं पहुंची धनराशि
एपीएल छात्रों को यूनिफार्म वितरण के लिए आई धनराशि स्कूलों के खाते में नहीं पहुंच सकी है। नियम यह है कि लेखा कार्यालय बिल तैयार करता है, तब जाकर स्कूलों को धनराशि हस्तांतरित की जाती है। इस प्रक्रिया को अपनाने में लेटलतीफी बरती जा रही है, जिससे प्रधानाध्यापकों में असंतोष देखा जा रहा है।
माध्यमिक स्कूलों में भी बंटेगी ड्रेस
परिषदीय स्कूलों के साथ सहायता प्राप्त विद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों में भी कक्षा आठ तक के बच्चों को यूनिफार्म प्रदान की जाती है। जिले में 1,049 प्राथमिक, 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बुंदेलखंड इंटर कालेज, अबंतीबाई स्कूल जखौरा एवं 18 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।