{"_id":"68029f959db72790ac088994","slug":"tricoloured-chunni-but-i-cant-wash-it-lalitpur-news-c-131-1-ltp1001-133613-2025-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: ...तिरंगा रंग चुनर पर इसे मैं धो नहीं सकती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: ...तिरंगा रंग चुनर पर इसे मैं धो नहीं सकती
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में गुरुवार रात तुवन मैदान प्रांगण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने देर रात तक अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ हनुमान जी महाराज व माता सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर हुआ। आगरा से आईं कवयित्री ममता वाणी ने मां वीणा वाणी की वंदना की। ‘मां तेरी जय हो मां तेरी जय हो मां के अंदर हो सिंहासन, सिंहासन तेरा आसन’। झांसी से आए हास्य कवि देवेंद्र रावत ने खूब गुदगुदाया। बरेली से आए कवि गौरीशंकर धाकड़ ने ‘खंड-खंड भारत को फिर से अखंड कर, भारती की आरती उतारने का वक्त है’।
बामोर से हरनाम सिंह चौहान ने व्यंग्य से खूब हंसाया। भोपाल से आए संजय सिंह ने गीत ‘एक बात पूछती हूं बताओ ना बाबूजी क्या याद मेरी आती नहीं’। ममता वाणी ने ‘तिरंगा रंग चुनर पर इसे मैं धो नहीं सकती’ सुनाई। छतरपुर से आए ओजस कवि अभयराम पाठक ने ‘भगत सिंह की फांसी को खूब पसंद किया गया, फूट-फूट कर रोए और गले से लपट गया’।
विज्ञापन
अर्जुन सिंह की पंक्तियां ‘लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है, तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है’ सुनाया। स्थानीय कवि महेश मास्टर, अखिलेश शडिल्य, मंजू कटारे ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता कवि अभिराम राम पाठक व संचालन अर्जुन सिंह चांद ने किया। समिति ने स्थानीय कवि और सुदेश सोनी, पुरुषोत्तम पस्तोर, शिवचंद शास्त्री, वीरेंद्र विद्रोही, रमेश पाठक रविंद्र, केके पाठक ,राजेश लिटोरिया, बृजमोहन संज्ञा को सम्मानित किया।
शुक्रवार को पंडित रमेश बबेले ने श्री सत्यनारायण कथा की और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत चौबे, उपाध्यक्ष राजेश दुबे, प्रबंधक रिंकू हरविंदर सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष अमित तिवारी, महामंत्री प्रबल सक्सेना, संयोजक जगदीश पाठक, ऑडिटर चंद्रशेखर राठौर, संगठन मंत्री भारत रिछारिया, शिवकुमार शर्मा, अवधेश कौशिक, मुन्नालाल त्यागी, डॉ राजकुमार जैन, बृज बिहारी उपाध्याय, डॉ तेजस श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ललितपुर। श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में गुरुवार रात तुवन मैदान प्रांगण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने देर रात तक अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ हनुमान जी महाराज व माता सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर हुआ। आगरा से आईं कवयित्री ममता वाणी ने मां वीणा वाणी की वंदना की। ‘मां तेरी जय हो मां तेरी जय हो मां के अंदर हो सिंहासन, सिंहासन तेरा आसन’। झांसी से आए हास्य कवि देवेंद्र रावत ने खूब गुदगुदाया। बरेली से आए कवि गौरीशंकर धाकड़ ने ‘खंड-खंड भारत को फिर से अखंड कर, भारती की आरती उतारने का वक्त है’।
विज्ञापन
बामोर से हरनाम सिंह चौहान ने व्यंग्य से खूब हंसाया। भोपाल से आए संजय सिंह ने गीत ‘एक बात पूछती हूं बताओ ना बाबूजी क्या याद मेरी आती नहीं’। ममता वाणी ने ‘तिरंगा रंग चुनर पर इसे मैं धो नहीं सकती’ सुनाई। छतरपुर से आए ओजस कवि अभयराम पाठक ने ‘भगत सिंह की फांसी को खूब पसंद किया गया, फूट-फूट कर रोए और गले से लपट गया’।
विज्ञापन
अर्जुन सिंह की पंक्तियां ‘लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है, तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है’ सुनाया। स्थानीय कवि महेश मास्टर, अखिलेश शडिल्य, मंजू कटारे ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता कवि अभिराम राम पाठक व संचालन अर्जुन सिंह चांद ने किया। समिति ने स्थानीय कवि और सुदेश सोनी, पुरुषोत्तम पस्तोर, शिवचंद शास्त्री, वीरेंद्र विद्रोही, रमेश पाठक रविंद्र, केके पाठक ,राजेश लिटोरिया, बृजमोहन संज्ञा को सम्मानित किया।
शुक्रवार को पंडित रमेश बबेले ने श्री सत्यनारायण कथा की और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत चौबे, उपाध्यक्ष राजेश दुबे, प्रबंधक रिंकू हरविंदर सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष अमित तिवारी, महामंत्री प्रबल सक्सेना, संयोजक जगदीश पाठक, ऑडिटर चंद्रशेखर राठौर, संगठन मंत्री भारत रिछारिया, शिवकुमार शर्मा, अवधेश कौशिक, मुन्नालाल त्यागी, डॉ राजकुमार जैन, बृज बिहारी उपाध्याय, डॉ तेजस श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।