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घर में घसकर छेड़छाड़ करने में एक को तीन वर्ष की सजा
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो प्रथम) चंद्रमोहन श्रीवास्तव की अदालत ने घर में घुसकर छेड़छाड़ करने का दोष सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को तीन वर्ष का कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
महरौनी पुलिस को तहरीर देकर एक गांव निवासी व्यक्ति ने सात वर्ष पहले बताया था कि सोलह जनवरी 2014 की शाम को उसके मोहल्ले वाले एक व्यक्ति के मकान के पास बैठकर आग से ताप रहे थे। अचानक उसके घर से चीखने की आवाज सुनाई दी, जिस पर वह और कई लोग तत्काल भागकर मौके पर पहुंचे, जहां ग्राम पठा विजयपुरा निवासी धनीराम व चंद्रभान उसके घर के अंदर थे। धनीराम उसकी सोलह वर्षीय पुत्री को जबरन पकड़े हुए था और उसका मुंह दबाए था। उन्हें देखकर दोनों भाग गए। पुत्री से पूछने पर उसने बताया कि उक्त दोनों धनीराम व चंद्रभान उसके साथ जबरदस्ती कर रहे थे। धमकी दे रहे थे कि यदि किसी को कुछ बताया कि उसे व उसके भाई को जान से मार देंगे। दोनों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित भी किया था। महरौनी पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर उक्त दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
सोमवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए एक अभियुक्त धनीराम को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने दूसरे आरोपी चंद्रभान को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी कुशवाहा ने की।
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महरौनी पुलिस को तहरीर देकर एक गांव निवासी व्यक्ति ने सात वर्ष पहले बताया था कि सोलह जनवरी 2014 की शाम को उसके मोहल्ले वाले एक व्यक्ति के मकान के पास बैठकर आग से ताप रहे थे। अचानक उसके घर से चीखने की आवाज सुनाई दी, जिस पर वह और कई लोग तत्काल भागकर मौके पर पहुंचे, जहां ग्राम पठा विजयपुरा निवासी धनीराम व चंद्रभान उसके घर के अंदर थे। धनीराम उसकी सोलह वर्षीय पुत्री को जबरन पकड़े हुए था और उसका मुंह दबाए था। उन्हें देखकर दोनों भाग गए। पुत्री से पूछने पर उसने बताया कि उक्त दोनों धनीराम व चंद्रभान उसके साथ जबरदस्ती कर रहे थे। धमकी दे रहे थे कि यदि किसी को कुछ बताया कि उसे व उसके भाई को जान से मार देंगे। दोनों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित भी किया था। महरौनी पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर उक्त दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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सोमवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए एक अभियुक्त धनीराम को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने दूसरे आरोपी चंद्रभान को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी कुशवाहा ने की।
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