{"_id":"620ea4e201281830a35bc9b4","slug":"the-old-man-was-drinking-beedi-wearing-a-quilt-died-due-to-fire-lalitpur-news-jhs2151870162","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजाई ओढ़कर बीड़ी पी रहा था वृद्ध, आग लगने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रजाई ओढ़कर बीड़ी पी रहा था वृद्ध, आग लगने से मौत
विज्ञापन
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला गोविंदनगर में बृहस्पतिवार दोपहर में घर में सो रहे वृद्घ के कपड़ों में लगी आग से झुलसकर जिला अस्पताल में मौत हो गई। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गोविंदनगर निवासी बृजलाल (70) काफी दिनों से बीमार चल रहा था और वह उठने बैठने में भी लाचार था। जिसके चलते वह घर में ही कपड़ों में लेटा रहता था और बीड़ी पीता रहता था। बृहस्पतिवार दोपहर में उसके बेटे और अन्य परिजन गल्ला मंडी में पल्लेदारी, मजदूरी करने के लिए गए थे। वह दोपहर में घर में अकेला ही जमीन पर तीन रजाइयां ओढ़े लेटा था। इसी दौरान दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मोहल्ले वालों ने उसके मकान में से धुआं उठता देख मकान में जाकर देखा तो बृजलाल रैकवार के कपड़ों से आग की लपटें उठ रही थीं, यह देखकर मोहल्ले वालों ने तत्काल आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। तभी उसका नाती भी मंडी में काम नहीं मिलने पर घर लौटा था और जैसे ही घर के पास पहुंचा तो मोहल्ले के लोग आग बुझाते दिखाई दिए। वह मकान में गया और अपने दादा को आग की लपटों से किसी प्रकार बाहर निकाला। वृद्ध को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो बेटे व दो बेटियां हैं। मृतक के बेटे जयकुमार रैकवार ने बताया कि उसके पिता हर समय बीड़ी पीते रहते थे। संभावना है कि जब उसके पिता बीड़ी पी रहे होंगे तो उसकी आग रजाई में लग गई और सोते समय आग कपड़ों की आग भड़क गई होगी,जिससे उसके पिता की सोते समय आग लगने से मौत हो गई।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गोविंदनगर निवासी बृजलाल (70) काफी दिनों से बीमार चल रहा था और वह उठने बैठने में भी लाचार था। जिसके चलते वह घर में ही कपड़ों में लेटा रहता था और बीड़ी पीता रहता था। बृहस्पतिवार दोपहर में उसके बेटे और अन्य परिजन गल्ला मंडी में पल्लेदारी, मजदूरी करने के लिए गए थे। वह दोपहर में घर में अकेला ही जमीन पर तीन रजाइयां ओढ़े लेटा था। इसी दौरान दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मोहल्ले वालों ने उसके मकान में से धुआं उठता देख मकान में जाकर देखा तो बृजलाल रैकवार के कपड़ों से आग की लपटें उठ रही थीं, यह देखकर मोहल्ले वालों ने तत्काल आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। तभी उसका नाती भी मंडी में काम नहीं मिलने पर घर लौटा था और जैसे ही घर के पास पहुंचा तो मोहल्ले के लोग आग बुझाते दिखाई दिए। वह मकान में गया और अपने दादा को आग की लपटों से किसी प्रकार बाहर निकाला। वृद्ध को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो बेटे व दो बेटियां हैं। मृतक के बेटे जयकुमार रैकवार ने बताया कि उसके पिता हर समय बीड़ी पीते रहते थे। संभावना है कि जब उसके पिता बीड़ी पी रहे होंगे तो उसकी आग रजाई में लग गई और सोते समय आग कपड़ों की आग भड़क गई होगी,जिससे उसके पिता की सोते समय आग लगने से मौत हो गई।
विज्ञापन