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Lalitpur News: 98 लाख के बीज कागज पर रोपे, बगैर जांच खाते में पहुंचाया पैसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कृषि विभाग के बीज वितरण घोटाले में बड़ा गोलमाल हुआ है। 98 लाख के इस घोटाले में सिर्फ कागजों पर ही बीज बांटे गए। अधिकारियों ने बगैर जांच किए इन लाभार्थियों के खाते में पैसा भी पहुंचा दिया। फरवरी में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट सोमवार को कमेटी ने सौंप दी है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक दस डिसमिल जमीन के काश्तकार को कागज पर ही 1.60 क्विंटल के बीज दे दिए गए। जब टीम जांच करने मौके पर पहुंची तो वहां खेत पर फसल ही नहीं दिखी। यही नहीं कई किसानों को बीज दिए ही नहीं गए, लेकिन उन्हें लाभार्थी दिखाया गया है। एक ही परिवार के चार भाइयों को पांच क्विंटल बीज दिए गए, जबकि जमीन पर सच्चाई इससे अलग दिखी।
किसान संगठनों ने चना बीज वितरण के घोटाले की जांच की मांग की थी। डीएम अक्षय त्रिपाठी ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। रिपोर्ट के अनुसार एक ही परिवार के कई लोगों को लाभार्थी बनाकर खुलेआम लूट की गई है। अफसरों ने लाभार्थियों के न तो दस्तावेज देखे और न ही मौके पर चना का बोया जाना देखा। इसके बाद भी डीबीटी से राशि भेज दी गई।
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बदल दिए थे चयनित गांव
बीते वर्ष कृषि विभाग ने क्लस्टर के अंतर्गत 800 क्विंटल चना का बीज वितरण किया था। इसमें किसानों को कुछ पैसा जमा करना था, इसके बाद शत प्रतिशत अनुदान के आधार पर खाते में धनराशि भेजी जानी थी। चयनित 18 गांव की जगह 21 नए गांव को जोड़ दिया गया था। चयनित 11 गांव को सूची से बाहर कर दिया।
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11 गांव में नहीं मिले थे शत प्रतिशत अनुदान पर बीज लेने वाले लाभार्थी
कृषि विभाग को 11 गांव में शतप्रतिशत अनुदान पर चने का बीज लेने वाले किसान नहीं मिल पाए थे। चयनित गांव की जगह अन्य गांव को जोड़ना पड़ा।
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चना बीज वितरण मामले में समिति द्वारा अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी
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ललितपुर। कृषि विभाग के बीज वितरण घोटाले में बड़ा गोलमाल हुआ है। 98 लाख के इस घोटाले में सिर्फ कागजों पर ही बीज बांटे गए। अधिकारियों ने बगैर जांच किए इन लाभार्थियों के खाते में पैसा भी पहुंचा दिया। फरवरी में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट सोमवार को कमेटी ने सौंप दी है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक दस डिसमिल जमीन के काश्तकार को कागज पर ही 1.60 क्विंटल के बीज दे दिए गए। जब टीम जांच करने मौके पर पहुंची तो वहां खेत पर फसल ही नहीं दिखी। यही नहीं कई किसानों को बीज दिए ही नहीं गए, लेकिन उन्हें लाभार्थी दिखाया गया है। एक ही परिवार के चार भाइयों को पांच क्विंटल बीज दिए गए, जबकि जमीन पर सच्चाई इससे अलग दिखी।
किसान संगठनों ने चना बीज वितरण के घोटाले की जांच की मांग की थी। डीएम अक्षय त्रिपाठी ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। रिपोर्ट के अनुसार एक ही परिवार के कई लोगों को लाभार्थी बनाकर खुलेआम लूट की गई है। अफसरों ने लाभार्थियों के न तो दस्तावेज देखे और न ही मौके पर चना का बोया जाना देखा। इसके बाद भी डीबीटी से राशि भेज दी गई।
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बदल दिए थे चयनित गांव
बीते वर्ष कृषि विभाग ने क्लस्टर के अंतर्गत 800 क्विंटल चना का बीज वितरण किया था। इसमें किसानों को कुछ पैसा जमा करना था, इसके बाद शत प्रतिशत अनुदान के आधार पर खाते में धनराशि भेजी जानी थी। चयनित 18 गांव की जगह 21 नए गांव को जोड़ दिया गया था। चयनित 11 गांव को सूची से बाहर कर दिया।
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11 गांव में नहीं मिले थे शत प्रतिशत अनुदान पर बीज लेने वाले लाभार्थी
कृषि विभाग को 11 गांव में शतप्रतिशत अनुदान पर चने का बीज लेने वाले किसान नहीं मिल पाए थे। चयनित गांव की जगह अन्य गांव को जोड़ना पड़ा।
चना बीज वितरण मामले में समिति द्वारा अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी