{"_id":"675f2836da9aa4e84b015694","slug":"sages-and-saints-worship-for-12-years-only-then-they-attain-success-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-125827-2024-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: साधु-संत 12 वर्ष तक करते हैं आराधना, तब मिलती है सिद्धि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: साधु-संत 12 वर्ष तक करते हैं आराधना, तब मिलती है सिद्धि
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ललितपुर सेवाकेंद्र में साधु संतों का समागम हुआ। इसमें चंडी पीठाधीश्वर चंद्रेश्वर गिरी ने कहा कि साधु, संत व महात्मा जब आराधना करते हैं तो उनकी तपस्या की अवधि 12 वर्ष होती है, और 12 वर्ष तक जब आराधना की जाती है तब सिद्धि प्राप्त होती है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ललितपुर सेवाकेंद्र में रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी स्थित वरदानी भवन का 12वां वार्षिक उत्सव श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर सनातन धर्म की ध्वजा को थामे समाज का मार्गदर्शन कराने वाले महामंडलेश्वर संत महात्मा एकत्रित हुए, जिनका तिलक माल्यार्पण कर राजयोगिनी बीके चित्ररेखा दीदी ने सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि चंडीधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर चंद्रेश्वर गिरी महाराज कहा कि जब भाग्य का सूर्योदय होता है, तो पुण्य कर्मों का फल फलीभूत होता है। तब हमें सत्कर्म, सत्संग में जाने का अवसर प्राप्त होता है।
इस अवसर पर वृंदावन से आए हुए ब्रजकिशोर महाराज ने कहा कि परमपिता परमात्मा एक ही है। लेकिन उनकी शाखाएं अनेक हैं। उस निराकार तक पहुंचने के लिए साकार को माध्यम बनाना पड़ता है। महाकाली मंदिर झांसी के त्यागी महाराज ने कहा कि इस संस्था में परमपिता शिव परमात्मा ने बहनों को निमित्त बनाया है। जिन्हें शिव शक्तियों के रूप में दिखाया गया है। कंचनधाम आश्रम से पधारे हुए पूज्य सूर्य प्रकाश दास महंत ने भी वरदानी भवन को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर कुआंतला के महंत बलराम महंत, सीताराम शरण महाराज, चंदेरी, अमझरा घाटी के साधु संत महात्मा एवं अन्य संत महात्मा के अलावा बीके किरन, गीता, प्रीति, रूबी आदि उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ललितपुर सेवाकेंद्र में साधु संतों का समागम हुआ। इसमें चंडी पीठाधीश्वर चंद्रेश्वर गिरी ने कहा कि साधु, संत व महात्मा जब आराधना करते हैं तो उनकी तपस्या की अवधि 12 वर्ष होती है, और 12 वर्ष तक जब आराधना की जाती है तब सिद्धि प्राप्त होती है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ललितपुर सेवाकेंद्र में रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी स्थित वरदानी भवन का 12वां वार्षिक उत्सव श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर सनातन धर्म की ध्वजा को थामे समाज का मार्गदर्शन कराने वाले महामंडलेश्वर संत महात्मा एकत्रित हुए, जिनका तिलक माल्यार्पण कर राजयोगिनी बीके चित्ररेखा दीदी ने सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि चंडीधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर चंद्रेश्वर गिरी महाराज कहा कि जब भाग्य का सूर्योदय होता है, तो पुण्य कर्मों का फल फलीभूत होता है। तब हमें सत्कर्म, सत्संग में जाने का अवसर प्राप्त होता है।
विज्ञापन
इस अवसर पर वृंदावन से आए हुए ब्रजकिशोर महाराज ने कहा कि परमपिता परमात्मा एक ही है। लेकिन उनकी शाखाएं अनेक हैं। उस निराकार तक पहुंचने के लिए साकार को माध्यम बनाना पड़ता है। महाकाली मंदिर झांसी के त्यागी महाराज ने कहा कि इस संस्था में परमपिता शिव परमात्मा ने बहनों को निमित्त बनाया है। जिन्हें शिव शक्तियों के रूप में दिखाया गया है। कंचनधाम आश्रम से पधारे हुए पूज्य सूर्य प्रकाश दास महंत ने भी वरदानी भवन को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर कुआंतला के महंत बलराम महंत, सीताराम शरण महाराज, चंदेरी, अमझरा घाटी के साधु संत महात्मा एवं अन्य संत महात्मा के अलावा बीके किरन, गीता, प्रीति, रूबी आदि उपस्थित रहीं।
विज्ञापन