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Lalitpur News: लेखपालों के कार्य बहिष्कार से राजस्व कार्य ठप, दस हजार आवेदन अटके
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ललितपुर। जिले में लेखपालों के कार्य बहिष्कार से राजस्व संबंधी काम बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। आय, जाति, निवास और विरासत प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। पहले अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों में काम का बहिष्कार कर रहे लेखपालों ने अब अपने तैनाती क्षेत्रों में भी ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया है। इससे करीब दस हजार से अधिक आवेदन अटक गए हैं और आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जिले को राजस्व क्षेत्र के आधार पर 287 हल्कों में बांटा गया है। इनमें छह ब्लॉक, 415 ग्राम पंचायत, तीन नगर पंचायत और एक नगर पालिका परिषद क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक हल्के में एक लेखपाल का पद सृजित है। इस हिसाब से 287 पदों के सापेक्ष करीब 152 लेखपाल ही तैनात हैं। इनमें 10 से अधिक लेखपाल बीडीए, प्रतिनियुक्ति, अटैचमेंट और प्रशिक्षण आदि में हैं। ऐसे में करीब 140 लेखपाल ही क्षेत्र में काम कर रहे हैं। पहले से ही लेखपालों की कमी के कारण प्रत्येक लेखपाल पर अतिरिक्त क्षेत्रों का काम था। अब कार्य बहिष्कार से राजस्व संबंधी कामकाज और प्रभावित हो गया है
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर लेखपालों ने अतिरिक्त कार्य का बहिष्कार करते हुए बस्ता जमा कर दिया था। जिले में करीब 145 अतिरिक्त प्रभार वाले हल्कों का काम प्रभावित हुआ। इसके बाद अब तैनाती वाले हल्कों में भी ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया गया है। लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। उनकी प्रमुख मांगों में 2800 ग्रेड पे लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना, अंतरमंडलीय स्थानांतरण और पदोन्नति शामिल हैं। इसके अलावा भत्ते बढ़ाने और लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी की गई है।
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प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे लोग
कार्य बहिष्कार के कारण आय, जाति, निवास और विरासत से संबंधित आवेदनों पर लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। जाति और निवास प्रमाण पत्र नौकरी, शैक्षिक प्रवेश और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होते हैं। रिपोर्ट लंबित होने से आवेदकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले में ऐसे करीब दस हजार से अधिक आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं।
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फैक्ट फाइल
- तहसील - पांच
- नगर पालिका परिषद - एक
- नगर पंचायत - तीन
- ब्लॉक - छह
- ग्राम पंचायत - 415
- हलका - 287
- लेखपाल सृजित पद - 287
- तैनात - 152
- रिक्त - 135
- अटैच, बीडा, ट्रेनिंग, प्रतिनियुक्ति- 10
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कैप्शन राहुल राजा
लेखपाल के बस्ता जमा होने से राजस्व कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। जाति व निवास प्रमाणपत्र तक जारी नहीं हो पा रहा है।-राहुल राजा निवासी कंधारी खुर्द ललितपुर
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कैप्शन- दयाराम कुशवाहा
ऑनलाइन कार्य लेखपालों ने बंद कर दिया है। ऐसे में अब विभिन्न प्रमाण पत्रों के बनने तक की समस्या हो गई है।
- दयाराम कुशवाहा, रामपुर ललितपुर
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कैप्शन- वीरेंद्र सिंह
तहसील में राजस्व कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। अब लेखपाल कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। इससे समस्या हो गई है।
-वीरेंद्र सिंह, मड़ावरा
कैप्शन- निरपत किसान
तहसील में राजस्व के कार्य से आए थे। यहां आकर पता चला कि लेखपाल हड़ताल पर हैं। इससे कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अब आगे आना होगा।-निरपत,मड़ावरा
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संघ मांगों के समाधान के लिए आंदोलन जारी रखेगा। मांगें पूरी नहीं होने पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार और शासकीय व्हाट्सएप समूह छोड़ने का निर्णय भी आंदोलन के तहत लिया गया है।”
— विक्रम सिंह, जिला महामंत्री, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
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जिले को राजस्व क्षेत्र के आधार पर 287 हल्कों में बांटा गया है। इनमें छह ब्लॉक, 415 ग्राम पंचायत, तीन नगर पंचायत और एक नगर पालिका परिषद क्षेत्र शामिल हैं। प्रत्येक हल्के में एक लेखपाल का पद सृजित है। इस हिसाब से 287 पदों के सापेक्ष करीब 152 लेखपाल ही तैनात हैं। इनमें 10 से अधिक लेखपाल बीडीए, प्रतिनियुक्ति, अटैचमेंट और प्रशिक्षण आदि में हैं। ऐसे में करीब 140 लेखपाल ही क्षेत्र में काम कर रहे हैं। पहले से ही लेखपालों की कमी के कारण प्रत्येक लेखपाल पर अतिरिक्त क्षेत्रों का काम था। अब कार्य बहिष्कार से राजस्व संबंधी कामकाज और प्रभावित हो गया है
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर लेखपालों ने अतिरिक्त कार्य का बहिष्कार करते हुए बस्ता जमा कर दिया था। जिले में करीब 145 अतिरिक्त प्रभार वाले हल्कों का काम प्रभावित हुआ। इसके बाद अब तैनाती वाले हल्कों में भी ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया गया है। लेखपालों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। उनकी प्रमुख मांगों में 2800 ग्रेड पे लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना, अंतरमंडलीय स्थानांतरण और पदोन्नति शामिल हैं। इसके अलावा भत्ते बढ़ाने और लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी की गई है।
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प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे लोग
कार्य बहिष्कार के कारण आय, जाति, निवास और विरासत से संबंधित आवेदनों पर लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। जाति और निवास प्रमाण पत्र नौकरी, शैक्षिक प्रवेश और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होते हैं। रिपोर्ट लंबित होने से आवेदकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले में ऐसे करीब दस हजार से अधिक आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं।
फैक्ट फाइल
- तहसील - पांच
- नगर पालिका परिषद - एक
- नगर पंचायत - तीन
- ब्लॉक - छह
- ग्राम पंचायत - 415
- हलका - 287
- लेखपाल सृजित पद - 287
- तैनात - 152
- रिक्त - 135
- अटैच, बीडा, ट्रेनिंग, प्रतिनियुक्ति- 10
कैप्शन राहुल राजा
लेखपाल के बस्ता जमा होने से राजस्व कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। जाति व निवास प्रमाणपत्र तक जारी नहीं हो पा रहा है।-राहुल राजा निवासी कंधारी खुर्द ललितपुर
कैप्शन- दयाराम कुशवाहा
ऑनलाइन कार्य लेखपालों ने बंद कर दिया है। ऐसे में अब विभिन्न प्रमाण पत्रों के बनने तक की समस्या हो गई है।
- दयाराम कुशवाहा, रामपुर ललितपुर
कैप्शन- वीरेंद्र सिंह
तहसील में राजस्व कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। अब लेखपाल कोई कार्य नहीं कर रहे हैं। इससे समस्या हो गई है।
-वीरेंद्र सिंह, मड़ावरा
कैप्शन- निरपत किसान
तहसील में राजस्व के कार्य से आए थे। यहां आकर पता चला कि लेखपाल हड़ताल पर हैं। इससे कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अब आगे आना होगा।-निरपत,मड़ावरा
संघ मांगों के समाधान के लिए आंदोलन जारी रखेगा। मांगें पूरी नहीं होने पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार और शासकीय व्हाट्सएप समूह छोड़ने का निर्णय भी आंदोलन के तहत लिया गया है।”
— विक्रम सिंह, जिला महामंत्री, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ