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रोहणी नदी में मगरमच्छ, लोगों में दहशत
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panic people crocodile in Rohni river
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मड़ावरा। मड़ावरा क्षेत्र के गांव लिधौरा में एक कुआं के अंदर मगरमच्छ देखे जाने के बाद अब गंगचारी गांव के पास रोहणी नदी में देखा गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने नदी किनारे जाना छोड़ दिया है। अपने जानवरों को भी वहां जाने से रोक दिया है।
अच्छी बरसात के कारण क्षेत्र के नदी, नाले, तालाब और बांध सब जलमग्न हो गए हैं। नदियों उफान पर रहने और बांधों के गेट खोले जाने से सुदूर इलाकों से नदियों के रास्ते मगरमच्छों ने आकर क्षेत्र में डेरा जमा लिया है। आए दिन नदी किनारे बसे गांवों के मगरमच्छ दिखाई दे रहे हैं। मड़ावरा क्षेत्र अंतर्गत गंगचारी गांव के नजदीक बड़ा मगरमच्छ तिसगना मौजा में नदी और नाले के मिलन के पास गंगचारी के ग्रामीणों ने देखा है। मगरमच्छ की जानकारी तब हुई जब वह नदी में नहाने गए थे। मगरमच्छ की लंबाई करीब दस फिट बताई जा रही है।
मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों के हाथ पैर फूल गए और नदी से बाहर निकल आए। मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना वन कर्मियों को दी गई। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी एमआई खान विभागीय कर्मचारियों के साथ नदी के पास चिह्नित स्थान पर पहुंचे, लेकिन उन्हें मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया। ग्राम गंगचारी निवासी प्रवेंद्र सिंह ने बताया की वह और चाचा भरत सिंह नदी के पास खेत पर थ्रेसिंग करा रहे थे, तब उन्हें नदी में मगरमच्छ दिखाई दिया था। इसी तरह विक्रम सिंह सेंगर का कहना है उनकी भैंस का पड़ा उसी स्थान से गायब हो गया था, संभावना है कि मगरमच्छ खा गया होगा।
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नदी में मगरमच्छ की जानकारी पाकर में टीम के साथ मौके पर गया था, लेकिन मगरमच्छ मिला नहीं। हो सकता है वह नदी के रास्ते नीचे बांध में चला गया हो। संभावना है कि ग्राम लिधौरा वाला मगरमच्छ रात्रि में कुआं से निकलकर नाले से होते हुए नदी में चला गया हो।
- एमआई खान, वन क्षेत्राधिकारी
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अच्छी बरसात के कारण क्षेत्र के नदी, नाले, तालाब और बांध सब जलमग्न हो गए हैं। नदियों उफान पर रहने और बांधों के गेट खोले जाने से सुदूर इलाकों से नदियों के रास्ते मगरमच्छों ने आकर क्षेत्र में डेरा जमा लिया है। आए दिन नदी किनारे बसे गांवों के मगरमच्छ दिखाई दे रहे हैं। मड़ावरा क्षेत्र अंतर्गत गंगचारी गांव के नजदीक बड़ा मगरमच्छ तिसगना मौजा में नदी और नाले के मिलन के पास गंगचारी के ग्रामीणों ने देखा है। मगरमच्छ की जानकारी तब हुई जब वह नदी में नहाने गए थे। मगरमच्छ की लंबाई करीब दस फिट बताई जा रही है।
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मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों के हाथ पैर फूल गए और नदी से बाहर निकल आए। मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना वन कर्मियों को दी गई। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी एमआई खान विभागीय कर्मचारियों के साथ नदी के पास चिह्नित स्थान पर पहुंचे, लेकिन उन्हें मगरमच्छ दिखाई नहीं दिया। ग्राम गंगचारी निवासी प्रवेंद्र सिंह ने बताया की वह और चाचा भरत सिंह नदी के पास खेत पर थ्रेसिंग करा रहे थे, तब उन्हें नदी में मगरमच्छ दिखाई दिया था। इसी तरह विक्रम सिंह सेंगर का कहना है उनकी भैंस का पड़ा उसी स्थान से गायब हो गया था, संभावना है कि मगरमच्छ खा गया होगा।
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नदी में मगरमच्छ की जानकारी पाकर में टीम के साथ मौके पर गया था, लेकिन मगरमच्छ मिला नहीं। हो सकता है वह नदी के रास्ते नीचे बांध में चला गया हो। संभावना है कि ग्राम लिधौरा वाला मगरमच्छ रात्रि में कुआं से निकलकर नाले से होते हुए नदी में चला गया हो।
- एमआई खान, वन क्षेत्राधिकारी