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बिना मानदेय के कैसे मनेगी शिक्षा मित्रों की दीपावली
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- फोटो : note.jpg
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों की दिवाली फीकी रहने की उम्मीद है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त शिक्षामित्रों को सितंबर माह तक ही मानदेय मिला है। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद से तैनात शिक्षा मित्रों को अगस्त माह तक मानदेय दिया गया है।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्रों की नियुक्ति वर्षों पहले की गई थी। इनमें से कई शिक्षामित्रों का समायोजन शिक्षक पद पर हो चुका है। वर्तमान में करीब साढ़े चौदह सौ शिक्षामित्र अभी भी स्कूलों में नियुक्त बने हुए हैं। इनमें दो तरह के शिक्षामित्र हैं। पहले बेसिक शिक्षा परिषद ने 223 शिक्षामित्रों को रखा था। जब विभाग में सर्व शिक्षा अभियान लागू हुआ, तब करीब साढे़ बारह सौ शिक्षामित्र नियुक्त किए गए। इस तरह विभाग में कुल साढ़े चौदह सौ शिक्षामित्र स्कूलों में काम कर रहे हैं। इन शिक्षा मित्रों को समय से मानदेय नहीं मिल पा रहा है। इस पर शिक्षामित्रों ने रोष व्यक्त किया। उधर, आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैस का कहना है कि जहां सरकार सभी कर्मचारियों को बोनस एवं अन्य सुविधाएं देकर त्योहार पर प्रोत्साहित करती हैं। वहीं, शिक्षामित्रों को अल्प मानदेय में काम करना पड़ रहा है। विगत 2 माह से पंचायत चुनाव बीएलओ का कार्य शिक्षामित्र ही कर रहे हैं, एवं 17 नवंबर से पुन विधानसभा निर्वाचक नामावली में भी उन्हीं शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई जा रही है। उन्होंने परिषदीय शिक्षामित्रों का माह सितंबर एवं सर्व शिक्षा के अंर्तगत नियुक्त शिक्षामित्रों का माह अक्तूबर से मानदेय दिलाने की मांग की है।
सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय की राशि बैंकों में भेजी जा चुकी है। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षामित्रों का लंबित मानदेय दिलाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। - आरके पुरोहित, प्रभारी बीएसए
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परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्रों की नियुक्ति वर्षों पहले की गई थी। इनमें से कई शिक्षामित्रों का समायोजन शिक्षक पद पर हो चुका है। वर्तमान में करीब साढ़े चौदह सौ शिक्षामित्र अभी भी स्कूलों में नियुक्त बने हुए हैं। इनमें दो तरह के शिक्षामित्र हैं। पहले बेसिक शिक्षा परिषद ने 223 शिक्षामित्रों को रखा था। जब विभाग में सर्व शिक्षा अभियान लागू हुआ, तब करीब साढे़ बारह सौ शिक्षामित्र नियुक्त किए गए। इस तरह विभाग में कुल साढ़े चौदह सौ शिक्षामित्र स्कूलों में काम कर रहे हैं। इन शिक्षा मित्रों को समय से मानदेय नहीं मिल पा रहा है। इस पर शिक्षामित्रों ने रोष व्यक्त किया। उधर, आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैस का कहना है कि जहां सरकार सभी कर्मचारियों को बोनस एवं अन्य सुविधाएं देकर त्योहार पर प्रोत्साहित करती हैं। वहीं, शिक्षामित्रों को अल्प मानदेय में काम करना पड़ रहा है। विगत 2 माह से पंचायत चुनाव बीएलओ का कार्य शिक्षामित्र ही कर रहे हैं, एवं 17 नवंबर से पुन विधानसभा निर्वाचक नामावली में भी उन्हीं शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई जा रही है। उन्होंने परिषदीय शिक्षामित्रों का माह सितंबर एवं सर्व शिक्षा के अंर्तगत नियुक्त शिक्षामित्रों का माह अक्तूबर से मानदेय दिलाने की मांग की है।
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सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय की राशि बैंकों में भेजी जा चुकी है। वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षामित्रों का लंबित मानदेय दिलाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। - आरके पुरोहित, प्रभारी बीएसए
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