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Lalitpur News: पाली थाना दुष्कर्म कांड में अगली सुनवाई पांच को
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ललितपुर। पाली थाना दुष्कर्म कांड में अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने सुनवाई के लिए अगली तारीख पांच अगस्त लगाई है। पुलिस की न्यायालय में दी गई चार्जशीट प्रति सभी आरोपियों को उपलब्ध कराई गई। मुख्य आरोपी का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। चार्जशीट के कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई है। अब अगली तारीख पर विवेचक को कोर्ट ने तलब किया है।
तीन मई 2022 को थाना पाली परिसर के एक कमरे में 13 वर्षीय किशोरी से तत्कालीन थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज पर दुष्कर्म का आरोप लगा था। पीड़िता सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। मामले में थानाध्यक्ष समेत आरोपी चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया एवं पीड़िता की मौसी के खिलाफ तीन मई को थाना पाली में ही धारा 363, 376बी, 120बी, 3/4 पॉक्सो एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। शासन ने मामले में एसआईटी का गठन करते हुए पूरी जांच तत्कालीन डीआईजी झांसी जोगेंद्र सिंह को सौंपी थी और एडीजी ने थाने के 29 कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद एसआईटी टीम ने पांच मई को मुख्य आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से और अन्य पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने तीन माह बाद अगस्त में जेल भेजे जा चुके छह आरोपियों समेत कुल 13 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में आरोपी अशोक सोनी, हरीराम सोनी, रामनरेश एवं सिपाही सुनील कुमार के खिलाफ एसआईटी ने धारा 212, 16/17, एवं 19/21 के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किए। इसमें राजभान अहिरवार के खिलाफ धारा 363, 366, 368 एवं 109 और आरोपी महेंद्र चौरसिया के खिलाफ धारा 368, 120बी एवं एससी-एसटी एक्ट में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए थे। जबकि, आरोपी ज्ञानबाई, धर्मेंद्र अहिरवार एवं महेंद्र अहिरवार के खिलाफ धारा 368 के तहत आरोप पत्र पेश किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, बचपन बचाओ आंदोलन संस्था ने किशोरी से थाने में थानेदार द्वारा दुष्कर्म करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें डीएम-एसपी को तलब किया जा चुका है। साथ ही थानाध्यक्ष को हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तभी से थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज जेल में है। अब इस मामले में अगली सुनवाई पांच अगस्त होगी।
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तीन मई 2022 को थाना पाली परिसर के एक कमरे में 13 वर्षीय किशोरी से तत्कालीन थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज पर दुष्कर्म का आरोप लगा था। पीड़िता सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। मामले में थानाध्यक्ष समेत आरोपी चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया एवं पीड़िता की मौसी के खिलाफ तीन मई को थाना पाली में ही धारा 363, 376बी, 120बी, 3/4 पॉक्सो एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। शासन ने मामले में एसआईटी का गठन करते हुए पूरी जांच तत्कालीन डीआईजी झांसी जोगेंद्र सिंह को सौंपी थी और एडीजी ने थाने के 29 कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद एसआईटी टीम ने पांच मई को मुख्य आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को प्रयागराज से और अन्य पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने तीन माह बाद अगस्त में जेल भेजे जा चुके छह आरोपियों समेत कुल 13 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में आरोपी अशोक सोनी, हरीराम सोनी, रामनरेश एवं सिपाही सुनील कुमार के खिलाफ एसआईटी ने धारा 212, 16/17, एवं 19/21 के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किए। इसमें राजभान अहिरवार के खिलाफ धारा 363, 366, 368 एवं 109 और आरोपी महेंद्र चौरसिया के खिलाफ धारा 368, 120बी एवं एससी-एसटी एक्ट में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए थे। जबकि, आरोपी ज्ञानबाई, धर्मेंद्र अहिरवार एवं महेंद्र अहिरवार के खिलाफ धारा 368 के तहत आरोप पत्र पेश किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, बचपन बचाओ आंदोलन संस्था ने किशोरी से थाने में थानेदार द्वारा दुष्कर्म करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें डीएम-एसपी को तलब किया जा चुका है। साथ ही थानाध्यक्ष को हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। तभी से थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज जेल में है। अब इस मामले में अगली सुनवाई पांच अगस्त होगी।
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