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Lalitpur News: नारकोटिक्स थाने में तैनाती के लिए जनपद से मांगे गए निरीक्षक, उपनिरीक्षकों के नाम

Thu, 01 Jun 2023 01:11 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jun 2023 01:11 AM IST
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Names of inspectors, sub-inspectors sought from the district for posting in Narcotics police station
मादक पदार्थ की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए झांसी में खोला जा रहा नारकोटिक्स थाना
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए झांसी में खोले जा रहे नारकोटिक्स थाने के लिए जनपद से निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के नाम मांगे जा रहे हैं। जिसके क्रम में जनपद में पुलिस कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है।
इस थाने में करीब 8-10 निरीक्षक, एक दर्जन के करीब उपनिरीक्षक सहित पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। थाने के पर्यवेक्षण और मादक पदार्थ की कार्रवाई करने के लिए एक सीओ की तैनाती रहेगी। सीओ के नेतृत्व में ही नारकोटिक्स थाना पुलिस मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई करेगी। थाने का कार्यक्षेत्र परिक्षेत्र झांसी में आने वाले जनपदों में रहेगा। झांसी में खोले जा रहे नारकोटिक्स थाने में स्टाफ तैनात करने के लिए जनपद से निरीक्षक व उपनिरीक्षक सहित पुलिसकर्मियों के नाम मांगे गए है। जिसके क्रम में निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस सूची में 2-3 निरीक्षक, आधा दर्जन के करीब उपनिरीक्षक और एक दर्जन के करीब सिपाही शामिल रहेंगे। नामों की सूची तैयार हो जाने के बाद उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी जाएगी।
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नारकोटिक्स थाने के यह होंगे काम
- मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर निरंतर नजर रखना।
- मादक पदार्थों का सेवन रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाना।
- मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त सूचीबद्ध गैंग के विरुद्ध प्रभारी कार्रवाई करना।

एनएच-44 का प्रयोग करते हैं गांजा तस्कर
गांजे की सबसे ज्यादा सप्लाई उड़ीसा और छत्तीसगढ़ से होती है। उड़ीसा व छत्तीसगढ़ से गांजा तस्कर ट्रक, डीसीएम या अन्य वाहनों के जरिये मध्य प्रदेश और फिर जनपद से होते हुए झांसी के रास्ते पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचते हैं। इस तस्करी के लिए गांजा तस्कर एनएच-44 का उपयोग करते हैं। यही एक कारण है कि झांसी में नारकोटिक्स थाना खोला जा रहा है।
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पूर्व में एनसीबी और एसटीएफ पकड़ चुकी है एनएच-44 से करोड़ों का गांजा
- वर्ष 2021 में लखनऊ एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने मसौरा बैरियर के पास से 11 क्विंटल गांजा से भरे ट्रक को पकड़ा था।
- वर्ष 2022 में एसटीएफ ने एक ट्रक में रखा 12 क्विंटल सूखे गांजे के पैकेट रखे हुए बरामद किए थे।
जनपद में पकड़ी जा चुकी है अफीम की खेती
फरवरी में पुलिस ने थाना बार अंतर्गत ग्राम बसतगुवां में 400 से 800 वर्ग फुट के चार खेतों में अफीम की खेती पकड़ी थी। यह खेती चना और मसूर की फसल के बीच छिपाकर की जा रही थी।

नशे पर नकेल कसने के लिए झांसी परिक्षेत्र मुख्यालय पर नारकोटिक्स थाना खोला जा रहा है। इस थाने में तैनाती के लिए निरीक्षकों और उपनिरीक्षक सहित पुलिसकर्मियों के नाम मांगे गए है। सूची तैयार कराई जा रही है।
अभय नारायण राय, क्षेत्राधिकारी सदर
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