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मुसीबत के दौर में थमा दिए भारी भरकम बिजली के बिल
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कलेक्ट्रेट में अधिकारी को ज्ञापन देने जाते उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी।
- फोटो : LALITPUR
मुसीबत के दौर में थमा दिए भारी भरकम बिजली के बिल
ललितपुर। उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बिजली के भारी भरकम बिल माफ करने की मांग की है। इसमें कहा गया कि दो माह लॉकडाउन में लोगों के व्यवसाय पूरी तरह ठप रहे। इसके बाद भी बिजली विभाग ने अत्यधिक राशि के बिल देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी।
जिलाध्यक्ष अंकित यादव ने बताया कि ललितपुर बुंदेलखंड का सबसे पिछड़ा जिला है। यहां पहले से ही बेरोजगारी चरम पर है। तमाम मध्यम व कमजोर वर्ग के परिवार छोटे-छोटे धंधे स्थापित करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसी बीच कोरोना महामारी ने अपने पैर पसार लिए और देश को लॉकडाउन करना पड़ा। इससे करीब 2 माह से समस्त व्यवसायिक कार्य एवं धंधे बंद है। सबसे ज्यादा खराब हालात सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, गुमटी वाले, पटरी वाले व बेरोजगारों के हो गए हैं। तमाम लोग साहूकारों के कर्जदार हो गए हैं। कई गरीब परिवारों के सामने भुखमरी का संकट मंडरा रहा है। इसकी अनदेखी करते हुए बिजली विभाग ने दो माह के अत्यधिक राशि के बिल देने आरंभ कर दिए हैं। इन बिलों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि वह भारी भरकम बिलों को कैसे भरेंगे। ज्ञापन पर बहादुर अहिरवार, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रितिक शुक्ला मोंटी, दीपक ताम्रकार, हरिओम, आकाश तिवारी, मोहित शर्मा, अजय प्रताप सिंह तोमर, संजय जाटव, रवि पंथ, रोहित कुशवाहा, रोहित गोस्वामी, प्रशांत दुबे आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बिजली के भारी भरकम बिल माफ करने की मांग की है। इसमें कहा गया कि दो माह लॉकडाउन में लोगों के व्यवसाय पूरी तरह ठप रहे। इसके बाद भी बिजली विभाग ने अत्यधिक राशि के बिल देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी।
जिलाध्यक्ष अंकित यादव ने बताया कि ललितपुर बुंदेलखंड का सबसे पिछड़ा जिला है। यहां पहले से ही बेरोजगारी चरम पर है। तमाम मध्यम व कमजोर वर्ग के परिवार छोटे-छोटे धंधे स्थापित करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसी बीच कोरोना महामारी ने अपने पैर पसार लिए और देश को लॉकडाउन करना पड़ा। इससे करीब 2 माह से समस्त व्यवसायिक कार्य एवं धंधे बंद है। सबसे ज्यादा खराब हालात सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, गुमटी वाले, पटरी वाले व बेरोजगारों के हो गए हैं। तमाम लोग साहूकारों के कर्जदार हो गए हैं। कई गरीब परिवारों के सामने भुखमरी का संकट मंडरा रहा है। इसकी अनदेखी करते हुए बिजली विभाग ने दो माह के अत्यधिक राशि के बिल देने आरंभ कर दिए हैं। इन बिलों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि वह भारी भरकम बिलों को कैसे भरेंगे। ज्ञापन पर बहादुर अहिरवार, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रितिक शुक्ला मोंटी, दीपक ताम्रकार, हरिओम, आकाश तिवारी, मोहित शर्मा, अजय प्रताप सिंह तोमर, संजय जाटव, रवि पंथ, रोहित कुशवाहा, रोहित गोस्वामी, प्रशांत दुबे आदि के हस्ताक्षर हैं।
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