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दिनों दिन फैल रहा अस्पताल का कचरा, बाहर बैठने को मजबूर हुए मरीज

Tue, 18 Feb 2020 02:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 02:09 AM IST
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medical wastage problem in distict  hospital
जिला अस्पताल में लगा कचरे का ढेर - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिला अस्पताल में गंदगी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। कचरा स्थल का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। यह कचरा आयुष भवन के सामने तक आ पहुंचा है। मजबूरन होकर होम्योपैथिक चिकित्सक बरामदे में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल में खुले में पड़े दूषित कचरे व पॉलिथीन छुट्टा गाएं खा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इसका उदाहरण जिला अस्पताल के आयुष भवन के पास पड़ी गंदगी को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। कचरे का उठान नहीं होने से उसका दायरा दिनोंदिन बढ़ता रहा है। इससे मरीजों को अपनी बारी के लिए बैठना तो दूर ठहरना भी मुश्किल हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा चिकित्साधिकारियों व अन्य कर्मचारियों के रास्ते और स्टाफ हॉस्टल के पास से तो कचरा स्थल को हटाकर सुविधा कर ली है, लेकिन मरीजों को मुश्किल पैदा करने के लिए आयुष भवन के पीछे कचरा स्थल का निर्माण करा दिया गया। शुरुआत में तो कचरा के पड़ने से कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन धीरे-धीरे कचरा की मात्रा बढ़ने से भारी ढेर लग गया है। इसका उठान नहीं होने से कचरा आयुष भवन को घेरता जा रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि आयुष भवन के होम्योपैथी कक्ष के तीनों ओर कचरा जमा हो गया है।
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कई माह से कचरा का उठान नहीं होने से अब कचरा आयुष भवन के दरवाजे के पास आ गया है। मरीजों का आयुष भवन के पास ठहरना मुश्किल हो रहा है। इस कचरे को बंद करने के लिए गेट लगाया, लेकिन उठान नहीं होने से गेट भी लगने की स्थिति में नहीं रहा है। इस कचरा के खुले में होने से इसको गोवंश खा रहे हैं। यहां तक कि चिकित्सक भी ओपीडी छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, तो मरीजों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सका है।
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आयुष भवन के पास बने कचरा घर से उठान नहीं होने से बैठना तो दूर ठहरना मुश्किल हो गया है। ज्यादा देर तक ठहरने से दुर्गंध से उल्टी होने लगती है। इसको शीघ्र ही हटवाया जाए।
- मनोज कुमार
शासन गोवंश के लिए गंभीर नजर आ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में गोवंश पॉलिथीन व दूषित कचरे को खा रही हैं। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- नवनीत कुमार
चिकित्सक कई बीमारियों में मरीजों को स्वच्छ रहने की सलाह देते हैं, लेकिन चिकित्सक अपने ही परिसर को साफ नहीं रख पा रहे हैं। यहां पर होम्योपैथी ओपीडी में ठहरना मुश्किल हो रहा है।

- अभय राजपूत
जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। शासन भले ही प्रयास कर रहा हो, लेकिन जिम्मेदार वेपरवाह बने हैं, इससे अस्पताल में कचरे का ढेर लग गया है।
- आशा देवी
आयुष भवन के पास पड़े कचरे के फैलने की जानकारी हुई है, जिसे शीघ्र ही साफ कराकर हटवाया जाएगा।
- डॉ. एस के वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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