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Lalitpur News: इस साल कम बारिश की आशंका, परखी जा रही बांधों की जलापूर्ति क्षमता
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। संभावित अल नीनो प्रभाव के चलते इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में वर्षभर पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए बांधों में उपलब्ध जल भंडारण और जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं के लिए आवश्यक पानी का आकलन शुरू कर दिया गया है।
इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग और जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बांधों में उपलब्ध पानी, आगामी जरूरतों और पेयजल योजनाओं के लिए आवश्यक जल की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा हुई। जिले के अधिकांश बांध मानसून में होने वाली वर्षा पर निर्भर हैं। इन्हीं बांधों के जल का उपयोग रबी सीजन में सिंचाई तथा वर्षभर ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए किया जाता है। ऐसे में सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। बताया गया कि अब तक जनपद में मानक के सापेक्ष काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न बांधों में वर्तमान जल भंडारण की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। वहीं, जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार बौद्ध ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं के लिए आगामी एक वर्ष में आवश्यक जल की मांग का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं के लिए आवश्यक जल उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और बांधों में जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) संजय मिश्रा, नोडल एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई भूपेश कुमार सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम अजय कुमार, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेश कुमार, जूनियर इंजीनियर राजघाट बांध पुष्पेंद्र सिंह परमार सहित जल निगम एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
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जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए 28.2 एमसीएम पानी की जरूरत
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक जल जीवन मिशन की विभिन्न ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं के संचालन के लिए कुल 28.2 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी की आवश्यकता होगी। इसके लिए राजघाट, कचनौंदा, रोहिणी, जमड़ार, भौंरट, शहजाद, जामनी, सजनाम, भावनी और बंडई सहित विभिन्न बांधों एवं नदियों से जल उपलब्ध कराया जाएगा।
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बांधों में उपलब्ध पानी की समीक्षा की गई है। जल जीवन मिशन की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में बांधों में पर्याप्त जल भंडारण है। उम्मीद है कि मानसून के दौरान अच्छी वर्षा होगी और बांध लबालब भर जाएंगे।
भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई
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ललितपुर। संभावित अल नीनो प्रभाव के चलते इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में वर्षभर पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए बांधों में उपलब्ध जल भंडारण और जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं के लिए आवश्यक पानी का आकलन शुरू कर दिया गया है।
इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी सत्यप्रकाश की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग और जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बांधों में उपलब्ध पानी, आगामी जरूरतों और पेयजल योजनाओं के लिए आवश्यक जल की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा हुई। जिले के अधिकांश बांध मानसून में होने वाली वर्षा पर निर्भर हैं। इन्हीं बांधों के जल का उपयोग रबी सीजन में सिंचाई तथा वर्षभर ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए किया जाता है। ऐसे में सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। बताया गया कि अब तक जनपद में मानक के सापेक्ष काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
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बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न बांधों में वर्तमान जल भंडारण की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। वहीं, जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार बौद्ध ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं के लिए आगामी एक वर्ष में आवश्यक जल की मांग का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं के लिए आवश्यक जल उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और बांधों में जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) संजय मिश्रा, नोडल एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई भूपेश कुमार सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम अजय कुमार, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेश कुमार, जूनियर इंजीनियर राजघाट बांध पुष्पेंद्र सिंह परमार सहित जल निगम एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए 28.2 एमसीएम पानी की जरूरत
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक जल जीवन मिशन की विभिन्न ग्राम समूह पेयजल परियोजनाओं के संचालन के लिए कुल 28.2 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी की आवश्यकता होगी। इसके लिए राजघाट, कचनौंदा, रोहिणी, जमड़ार, भौंरट, शहजाद, जामनी, सजनाम, भावनी और बंडई सहित विभिन्न बांधों एवं नदियों से जल उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बांधों में उपलब्ध पानी की समीक्षा की गई है। जल जीवन मिशन की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में बांधों में पर्याप्त जल भंडारण है। उम्मीद है कि मानसून के दौरान अच्छी वर्षा होगी और बांध लबालब भर जाएंगे।
भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई