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Lalitpur: कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा भ्रष्टाचार, 17 माह में नौ अफसर-कर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार
Sat, 23 May 2026 09:16 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 23 May 2026 09:16 AM IST
सार
जनवरी 2025 से अब तक जिले में नौ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें राजस्व, वन, स्वास्थ्य और चकबंदी विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
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घूसखोरी (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
जनपद में सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वत मांगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राहत की बात यह है कि अब लोग रिश्वत देने के बजाय शिकायत कर भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगेहाथ पकड़वा रहे हैं।
जनवरी 2025 से अब तक जिले में नौ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें राजस्व, वन, स्वास्थ्य और चकबंदी विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी और अधिकारी
28 जनवरी 2025 को सिंचाई विभाग में तैनात सींचपाल मुश्ताक अली को एक महिला किसान से चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
4 फरवरी 2025 को लेखपाल राजेंद्र रजक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया।
11 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त कृषि कर्मचारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक लिपिक को गिरफ्तार किया गया।
16 अप्रैल 2025 को सहायक चकबंदी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक (पेशकार) अशोक कुमार सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई ने गिरफ्तार किया।
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13 मई 2025 को वन विभाग में तैनात वन दरोगा राजकुमार तिवारी को 6500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया।
22 मई 2025 को ग्राम पंचायत पनारी में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी उमाशंकर राजपूत को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से 23 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
16 मार्च 2025 को तालबेहट कोतवाली क्षेत्र में तैनात लेखपाल दीपेश कुमार और उसके सहयोगी सत्यम साहू को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा।
25 अप्रैल 2025 को वन रक्षक प्रिया कुमार और प्राइवेट वाचर जाहर सिंह को लकड़ी ठेकेदार से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
21 मई 2025 को कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता को अस्पताल का लाइसेंस जारी करने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान झांसी की ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया।
ग्रामीणों के भेष में पहुंची थी ट्रैप टीम
कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता को पकड़ने के लिए सतर्कता अधिष्ठान झांसी की ट्रैप टीम ने सुनियोजित रणनीति बनाई थी। टीम के सदस्य ग्रामीणों के वेश में पुरानी तहसील स्थित कार्यालय के आसपास मौजूद रहे। किसी ने सिर पर तौलिया बांध रखा था तो कोई गले में तौलिया डाले हुए था। आसपास मौजूद लोगों को भी अंदाजा नहीं हो सका कि वे विजिलेंस टीम के सदस्य हैं। इशारा मिलते ही टीम कार्यालय में पहुंची और दोनों आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
ड्रॉअर में रखे थे रिश्वत के रुपये, पहले दिखाया रौब
अस्पताल का लाइसेंस जारी करने के लिए ली गई रिश्वत की रकम डॉ. अर्जुन लाल ने अपनी टेबल की ड्रॉअर में रखी थी। वहीं कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता ने भी रुपये ड्रॉअर में छिपा दिए थे। जब सतर्कता अधिष्ठान की टीम चिकित्साधिकारी के कक्ष में पहुंची तो उन्होंने पहले रिश्वत लेने से इनकार किया और रौब दिखाने का प्रयास किया। हालांकि, तलाशी के दौरान ड्रॉअर से कैमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डी बरामद हुई। कनिष्ठ सहायक की टेबल से भी रिश्वत की रकम मिली। इसके बाद दोनों आरोपियों के तेवर ढीले पड़ गए।
विजिलेंस ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट
सतर्कता अधिष्ठान झांसी सेक्टर में तैनात निरीक्षक पीयूष पांडेय की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल अहिरवार और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की। आवश्यक कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ झांसी ले गई।
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जनवरी 2025 से अब तक जिले में नौ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें राजस्व, वन, स्वास्थ्य और चकबंदी विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
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रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी और अधिकारी
28 जनवरी 2025 को सिंचाई विभाग में तैनात सींचपाल मुश्ताक अली को एक महिला किसान से चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
4 फरवरी 2025 को लेखपाल राजेंद्र रजक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया।
11 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त कृषि कर्मचारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक लिपिक को गिरफ्तार किया गया।
16 अप्रैल 2025 को सहायक चकबंदी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक (पेशकार) अशोक कुमार सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई ने गिरफ्तार किया।
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13 मई 2025 को वन विभाग में तैनात वन दरोगा राजकुमार तिवारी को 6500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया।
22 मई 2025 को ग्राम पंचायत पनारी में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी उमाशंकर राजपूत को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से 23 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
16 मार्च 2025 को तालबेहट कोतवाली क्षेत्र में तैनात लेखपाल दीपेश कुमार और उसके सहयोगी सत्यम साहू को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा।
25 अप्रैल 2025 को वन रक्षक प्रिया कुमार और प्राइवेट वाचर जाहर सिंह को लकड़ी ठेकेदार से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
21 मई 2025 को कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता को अस्पताल का लाइसेंस जारी करने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान झांसी की ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया।
ग्रामीणों के भेष में पहुंची थी ट्रैप टीम
कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता को पकड़ने के लिए सतर्कता अधिष्ठान झांसी की ट्रैप टीम ने सुनियोजित रणनीति बनाई थी। टीम के सदस्य ग्रामीणों के वेश में पुरानी तहसील स्थित कार्यालय के आसपास मौजूद रहे। किसी ने सिर पर तौलिया बांध रखा था तो कोई गले में तौलिया डाले हुए था। आसपास मौजूद लोगों को भी अंदाजा नहीं हो सका कि वे विजिलेंस टीम के सदस्य हैं। इशारा मिलते ही टीम कार्यालय में पहुंची और दोनों आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
ड्रॉअर में रखे थे रिश्वत के रुपये, पहले दिखाया रौब
अस्पताल का लाइसेंस जारी करने के लिए ली गई रिश्वत की रकम डॉ. अर्जुन लाल ने अपनी टेबल की ड्रॉअर में रखी थी। वहीं कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता ने भी रुपये ड्रॉअर में छिपा दिए थे। जब सतर्कता अधिष्ठान की टीम चिकित्साधिकारी के कक्ष में पहुंची तो उन्होंने पहले रिश्वत लेने से इनकार किया और रौब दिखाने का प्रयास किया। हालांकि, तलाशी के दौरान ड्रॉअर से कैमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डी बरामद हुई। कनिष्ठ सहायक की टेबल से भी रिश्वत की रकम मिली। इसके बाद दोनों आरोपियों के तेवर ढीले पड़ गए।
विजिलेंस ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट
सतर्कता अधिष्ठान झांसी सेक्टर में तैनात निरीक्षक पीयूष पांडेय की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन लाल अहिरवार और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की। आवश्यक कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ झांसी ले गई।