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Lalitpur News: ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष प्राप्ति ही भागवत कथा का सार
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संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी। मड़ावरा रोड स्थित मास्टर कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास पंडित ईश्वर दास मिश्रा ने भागवत कथा के गूढ़ रहस्यों को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा महापुराण भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन करता है, जिसका मूल सार भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष प्राप्ति है।
कथा व्यास ने तुंगभद्रा नदी तट पर बसे एक गांव में ब्राह्मण आत्मदेव और उनकी पत्नी धुंधली की कथा का वर्णन करते हुए संस्कारों के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि माता के दुष्ट स्वभाव का प्रभाव कैसे संतान पर पड़ता है। कथा के दौरान नरसिंह भगवान, महर्षि सुखदेव और राजा परीक्षित के चरित्र पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य का आध्यात्मिक उत्थान होता है और मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
आचार्य पंडित राकेश मिश्रा और पंडित सत्यम मिश्रा ने विधि विधान से पूजन कराया। मुख्य यजमान प्रेम नारायण सेन ने आरती और गायक शैलेश मिश्रा और राजू ने संगीतमय प्रस्तुति दी।
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महरौनी। मड़ावरा रोड स्थित मास्टर कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास पंडित ईश्वर दास मिश्रा ने भागवत कथा के गूढ़ रहस्यों को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा महापुराण भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन करता है, जिसका मूल सार भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष प्राप्ति है।
कथा व्यास ने तुंगभद्रा नदी तट पर बसे एक गांव में ब्राह्मण आत्मदेव और उनकी पत्नी धुंधली की कथा का वर्णन करते हुए संस्कारों के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि माता के दुष्ट स्वभाव का प्रभाव कैसे संतान पर पड़ता है। कथा के दौरान नरसिंह भगवान, महर्षि सुखदेव और राजा परीक्षित के चरित्र पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य का आध्यात्मिक उत्थान होता है और मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
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आचार्य पंडित राकेश मिश्रा और पंडित सत्यम मिश्रा ने विधि विधान से पूजन कराया। मुख्य यजमान प्रेम नारायण सेन ने आरती और गायक शैलेश मिश्रा और राजू ने संगीतमय प्रस्तुति दी।
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