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सर्राफा और कपड़ा दुकानदारों के लिए संकट भरा रहा साल 2020
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कपडे की दुकान पर कपड़े खरीदती महिलाएं व युवती
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। लॉकडाउन के चौथे चरण में प्रशासन द्वारा जनपद के दुकानदारों को राहत दी गई। शहर में बाजार खुल रहा है, लेकिन कपड़ा और सर्राफा व्यवसायी खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि हमारे लिए तो यह साल किसी बड़े संकट से कम नहीं है, क्योंकि पूरा सीजन लॉकडाउन में ही बीत गया। अब बिक्री की ज्यादा उम्मीद नहीं है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन है, जिसके कारण इसका असर बाजार के कपड़ा और सराफा दुकानदारों पर पड़ा है। सराफा दुकानदारों ने कहा कि लॉकडाउन होने के कारण में उनकी दुकान पर काम कर रहे कारीगर अपने घर बंगाल वापस चले गए और सोने- चांदी के दाम बढ़ भी गए। इससे ग्राहकों ने ज्वैलरी की खरीदारी कम कर दी। इसका प्रभाव दुकानदारी पर भी पड़ा है। जितनी बिक्री पूरे साल में होती है, उतनी बिक्री तो केेवल सीजन के इन तीन माह में ही हो जाती थी।
कपड़ा दुकानदारों का कहना है कि लॉकडाउन होने के पहले उन्होंने शादी- सीजन के लिए काफी कपड़ों का स्टाक कर लिया था, लेकिन लॉकडाउन में उनकी दुकानें बंद रहीं और उसी समय पर सीजन भी था। लॉकडाउन में शादियां भी नहीं हुईं और दुकानें भी नहीं खुलीं। इससे माल पूरा का पूरा भरा पड़ा है। अब चिंता का विषय है कि जब तक दुकानें खुलीं भी, तब तक सीजन निकल चुका है। अब 2- 3 दिन का ही सीजन बचा है और दुकान के सामान में रकम ज्यादा जाम है। दुकानदारों का कहना है कि इस साल की उनकी दुकानदारी तो पूरी तरह ठप हो चुकी है।
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इस साल का व्यापार पूरा ठप हो गया है। बाहर से सोना आ नहीं रहा है। सोने के दाम भी बढ़ गए हैं। आयात पूरी तरह से बंद है। बंगाल के कारीगर थे, जो लॉकडाउन में अपने घर चले गए। शादियां नहीं हो रहीं, इससे इससे काफी नुकसान है।
- मनमोहन जड़िया, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार संगठन
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सीजन के तीन माह निकल चुके हैं। अब मात्र कुछ ही दिन बचे हैं, उससे कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। बाजार में धंधा- पानी बचा नहीं है। वर्ष 2020 में हम लोगों ने क्रॉस लगा दिया है। अब 2021 से फिर से अपना व्यवसाय शुरु करेंगे।
- धमेंद्र जड़िया, यश ज्वैलर्स
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लॉकडाउन में लाखों का नुकसान हुआ है। लॉकडाउन के पहले ही सीजन के लिए कपड़ों का स्टॉक कर लिया था, लेकिन फिर लॉकडाउन हो गया और दुकानें बंद रहीं। इससे पूरा का पूरा सामान दुुकान में रखा हुआ है।
- अनुराग जैन, कामरा सदन
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जिस समय सीजन था, तभी लॉकडाउन हो गया, जिससे व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। इस बार- किसानों की फसलें अच्छी आईं थीं। अगर लॉकडाउन नहीं होता तो लाखों के नुकसान से बच सकते थे। इस साल का व्यापार पूरा खत्म हो गया है।
- अंकित सर्राफ, सराफा दुकानदार
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नुकसान बहुत है, सीजन चला गया, अब कुछ दिन ही बचे है। ऐसे में दोनों साइड की दुकानें खुलनी चाहिए। जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हम अपने दायित्व को पूरी तरह निभा रहे हैं। दुकान में सामाजिक दूरी का विशेष ख्याल रखते हैं।
- आयुष सराफ, अंकुर रेडीमेड
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इस साल बहुत नुकसान हुआ है। शादी- सीजन में ही सभी प्रकार भकी दुकानों में बिक्री होती है। लेकिन, लॉकडाउन में सब वाट लग गई। सीजन निकलने वाला है और माल बहुत रखा है। अब प्रशासन ने अनुमति दी है। इससे कहीं न कहीं राहत मिल सकती है।
- सोभित, समैया स्टील शोरूम
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इस साल कोरोना वायरस ने सभी प्रकार के कारोबारों को नुकसान पहुंचाया है। हमारी कपड़े की दुकान है, जिसके लिए हमने लॉकडाउन के पहले लाखों का सामान सीजन के लिए मंगाया था। लेकिन, लॉकडाउन से भारी नुकसान हुआ है।
- अकलंत जैन, कपड़ा व्यवसाई
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टायर- ट्यूब के व्यापार पर भी लॉकडाउन का असर हुआ है। दुकान बंद रहने से काफी नुकसान हुआ है। अब दुकान खुल रही है तो उम्मीद है कि जल्द ही हालात सामान्य हो सकते हैं।
- सुखप्रीत सिंह काकू, भारत टायर
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लॉकडाउन में दुकान बंद थी, तो बहुत परेशानी हो रही थी। काफी नुकसान झेलने के बाद अब दुकान खुली है। दुकानें दोनों साइड खुलें तब तो ठीक है, क्योंकि ऐसे में लोग आधी शटर खोलकर सामान बेचते हैं।
- मोहसिन खान, फुटवियर
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन है, जिसके कारण इसका असर बाजार के कपड़ा और सराफा दुकानदारों पर पड़ा है। सराफा दुकानदारों ने कहा कि लॉकडाउन होने के कारण में उनकी दुकान पर काम कर रहे कारीगर अपने घर बंगाल वापस चले गए और सोने- चांदी के दाम बढ़ भी गए। इससे ग्राहकों ने ज्वैलरी की खरीदारी कम कर दी। इसका प्रभाव दुकानदारी पर भी पड़ा है। जितनी बिक्री पूरे साल में होती है, उतनी बिक्री तो केेवल सीजन के इन तीन माह में ही हो जाती थी।
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कपड़ा दुकानदारों का कहना है कि लॉकडाउन होने के पहले उन्होंने शादी- सीजन के लिए काफी कपड़ों का स्टाक कर लिया था, लेकिन लॉकडाउन में उनकी दुकानें बंद रहीं और उसी समय पर सीजन भी था। लॉकडाउन में शादियां भी नहीं हुईं और दुकानें भी नहीं खुलीं। इससे माल पूरा का पूरा भरा पड़ा है। अब चिंता का विषय है कि जब तक दुकानें खुलीं भी, तब तक सीजन निकल चुका है। अब 2- 3 दिन का ही सीजन बचा है और दुकान के सामान में रकम ज्यादा जाम है। दुकानदारों का कहना है कि इस साल की उनकी दुकानदारी तो पूरी तरह ठप हो चुकी है।
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इस साल का व्यापार पूरा ठप हो गया है। बाहर से सोना आ नहीं रहा है। सोने के दाम भी बढ़ गए हैं। आयात पूरी तरह से बंद है। बंगाल के कारीगर थे, जो लॉकडाउन में अपने घर चले गए। शादियां नहीं हो रहीं, इससे इससे काफी नुकसान है।
- मनमोहन जड़िया, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार संगठन
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सीजन के तीन माह निकल चुके हैं। अब मात्र कुछ ही दिन बचे हैं, उससे कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। बाजार में धंधा- पानी बचा नहीं है। वर्ष 2020 में हम लोगों ने क्रॉस लगा दिया है। अब 2021 से फिर से अपना व्यवसाय शुरु करेंगे।
- धमेंद्र जड़िया, यश ज्वैलर्स
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लॉकडाउन में लाखों का नुकसान हुआ है। लॉकडाउन के पहले ही सीजन के लिए कपड़ों का स्टॉक कर लिया था, लेकिन फिर लॉकडाउन हो गया और दुकानें बंद रहीं। इससे पूरा का पूरा सामान दुुकान में रखा हुआ है।
- अनुराग जैन, कामरा सदन
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जिस समय सीजन था, तभी लॉकडाउन हो गया, जिससे व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। इस बार- किसानों की फसलें अच्छी आईं थीं। अगर लॉकडाउन नहीं होता तो लाखों के नुकसान से बच सकते थे। इस साल का व्यापार पूरा खत्म हो गया है।
- अंकित सर्राफ, सराफा दुकानदार
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नुकसान बहुत है, सीजन चला गया, अब कुछ दिन ही बचे है। ऐसे में दोनों साइड की दुकानें खुलनी चाहिए। जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हम अपने दायित्व को पूरी तरह निभा रहे हैं। दुकान में सामाजिक दूरी का विशेष ख्याल रखते हैं।
- आयुष सराफ, अंकुर रेडीमेड
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इस साल बहुत नुकसान हुआ है। शादी- सीजन में ही सभी प्रकार भकी दुकानों में बिक्री होती है। लेकिन, लॉकडाउन में सब वाट लग गई। सीजन निकलने वाला है और माल बहुत रखा है। अब प्रशासन ने अनुमति दी है। इससे कहीं न कहीं राहत मिल सकती है।
- सोभित, समैया स्टील शोरूम
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इस साल कोरोना वायरस ने सभी प्रकार के कारोबारों को नुकसान पहुंचाया है। हमारी कपड़े की दुकान है, जिसके लिए हमने लॉकडाउन के पहले लाखों का सामान सीजन के लिए मंगाया था। लेकिन, लॉकडाउन से भारी नुकसान हुआ है।
- अकलंत जैन, कपड़ा व्यवसाई
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टायर- ट्यूब के व्यापार पर भी लॉकडाउन का असर हुआ है। दुकान बंद रहने से काफी नुकसान हुआ है। अब दुकान खुल रही है तो उम्मीद है कि जल्द ही हालात सामान्य हो सकते हैं।
- सुखप्रीत सिंह काकू, भारत टायर
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लॉकडाउन में दुकान बंद थी, तो बहुत परेशानी हो रही थी। काफी नुकसान झेलने के बाद अब दुकान खुली है। दुकानें दोनों साइड खुलें तब तो ठीक है, क्योंकि ऐसे में लोग आधी शटर खोलकर सामान बेचते हैं।
- मोहसिन खान, फुटवियर
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बर्तन की खरीदारी करती महिलाएं व लोग- फोटो : LALITPUR