{"_id":"66e609652330f29c7505f657","slug":"interstate-gang-involved-in-fraud-worth-crores-busted-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-120879-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। फर्जी कॉल सेंटर से लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके प्रपत्र लेकर जाली कंपनियां बनाकर व्यापारियों को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। मास्टर माइंड सहित गिरोह के 14 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
साइबर क्राइम थाना पुलिस को कुछ माह पूर्व राजकुमार रजक निवासी ग्राम विजरौठा मजरा टपरियन ने प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि मोबाइल नंबर 9311066592 के धारक द्वारा उसकी नौकरी लगवाने के नाम पर उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि प्रपत्रों के माध्यम से फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करा ली और एक करोड़ रुपये का लोहा खरीदकर जीएसटी की चोरी करते हुए दस्तावेजों का दुरुपयोग किया। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने एसआईटी का गठन किया। टीम ने साक्ष्यों का अवलोकन व तकनीकी विश्लेषण किया तो पाया गया कि यह एक गिरोह है, जो एक कॉल सेंटर संचालित करता है और लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनके प्रपत्र हासिल कर उससे फर्जी कंपनियां बनाकर धोखाधड़ी करता है।
एसआईटी ने चंदन कुमार मिश्रा निवासी बी-292 राजीव गांधी मार्ग गली नंबर- 14 भट्ठा रोड स्वरूप नगर दिल्ली, रोहन सिंह निवासी जीवन पार्क लिवासपुर गली नंबर-6 शिवमंदिर के पास दिल्ली, राहुल कुमार झा निवासी 707/04 गली नंबर-16 जीवन पार्क सिरसपुर दिल्ली, विपिन जैन निवासी मकान नंबर- 671 गली नंबर-9 सिंधी काॅलोनी स्वरूप नगर दिल्ली, शुभम शर्मा निवासी गली नंबर- 1.5 कुशनगर स्वरूप नगर दिल्ली सहित स्नेहा, सलोनी तोमर, मोनिका, सृष्टि, सोनिया, साक्षी कुमारी, मुस्कान चौरसिया, नजराना, रीता को शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया। उनके पास से सात लैपटॉप, दो आईफोन, 102 सिम कार्ड, 710 मेल-आईडी और फर्जी कंपनियों से संबंधित प्रपत्र बरामद किए। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
विज्ञापन
-- -- -- --
10 से 20 हजार की नौकरी देने का देते थे लालच : आरोपियों ने बताया कि कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का प्लान तैयार किया। लोगों को एयरपोर्ट व अन्य विभाग में 10 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी का लालच देकर उनके प्रपत्र प्राप्त किए। उन प्रपत्रों को कूटरचित दस्तावेज के रूप में उपयोग कर फर्जी कंपनी बना लेते थे। मोबाइल नंबर गिरोह का सदस्य शुभम शर्मा व विपिन उपलब्ध कराते थे। एक ही आईडी पर दो एक्टिवेटेड सिम लेते थे। एक सिम ग्राहक को दे देते थे तथा दूसरी सिम का प्रयोग वे लोग धोखाधड़ी में करते थे।
-- -- --
फर्जी कॉल सेंटर करते थे संचालित : धोखाधड़ी के इस काम को कॉल सेंटर के माध्यम से अंजाम देते थे। कॉल करने के लिए लड़कियों को प्रतिमाह पांच हजार रुपये पर नियुक्त किया था। ये लड़कियां पूरे देश के कोने-कोने में लोगों को कॉल कर नौकरी लगवाने की बात कहती थीं। उनके दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड व शैक्षिक अभिलेख को हासिल करती थीं। इस प्रपत्रों से फर्जी कंपनी बनाकर रजिस्टर्ड कराते और इन रजिस्टर्ड कंपनियों को वह लोग ऊंची कीमतों पर व्यापारियों को बेचते थे। फर्जी कंपनी से व्यापारी व अन्य लोग फर्जी इनवॉइस, बिल्टी, बिल तैयार करके जीएसटी और कर चोरी करते थे।
-- -- -- -
अब तक एक हजार से ज्यादा फर्जी कंपनी बनाई : आरोपियों ने बताया कि अब तक वे लोग 1000 से भी ज्यादा फर्जी कंपनी बनाकर व्यापारियों को करोड़ों रुपये में बेच चुके हैं। कंपनी को बेचने से जो धनराशि मिली, उसे गिरोह के लोग आपस में बांट लेते हैं।
-- -- -- -- -
लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके कागजात लेकर फर्जी कंपनी बनाते हुए उसे व्यापारियों को बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए मास्टर माइंड सहित 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद मुश्ताक, एसपी
विज्ञापन
ललितपुर। फर्जी कॉल सेंटर से लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके प्रपत्र लेकर जाली कंपनियां बनाकर व्यापारियों को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। मास्टर माइंड सहित गिरोह के 14 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
साइबर क्राइम थाना पुलिस को कुछ माह पूर्व राजकुमार रजक निवासी ग्राम विजरौठा मजरा टपरियन ने प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि मोबाइल नंबर 9311066592 के धारक द्वारा उसकी नौकरी लगवाने के नाम पर उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि प्रपत्रों के माध्यम से फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करा ली और एक करोड़ रुपये का लोहा खरीदकर जीएसटी की चोरी करते हुए दस्तावेजों का दुरुपयोग किया। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने एसआईटी का गठन किया। टीम ने साक्ष्यों का अवलोकन व तकनीकी विश्लेषण किया तो पाया गया कि यह एक गिरोह है, जो एक कॉल सेंटर संचालित करता है और लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनके प्रपत्र हासिल कर उससे फर्जी कंपनियां बनाकर धोखाधड़ी करता है।
विज्ञापन
एसआईटी ने चंदन कुमार मिश्रा निवासी बी-292 राजीव गांधी मार्ग गली नंबर- 14 भट्ठा रोड स्वरूप नगर दिल्ली, रोहन सिंह निवासी जीवन पार्क लिवासपुर गली नंबर-6 शिवमंदिर के पास दिल्ली, राहुल कुमार झा निवासी 707/04 गली नंबर-16 जीवन पार्क सिरसपुर दिल्ली, विपिन जैन निवासी मकान नंबर- 671 गली नंबर-9 सिंधी काॅलोनी स्वरूप नगर दिल्ली, शुभम शर्मा निवासी गली नंबर- 1.5 कुशनगर स्वरूप नगर दिल्ली सहित स्नेहा, सलोनी तोमर, मोनिका, सृष्टि, सोनिया, साक्षी कुमारी, मुस्कान चौरसिया, नजराना, रीता को शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया। उनके पास से सात लैपटॉप, दो आईफोन, 102 सिम कार्ड, 710 मेल-आईडी और फर्जी कंपनियों से संबंधित प्रपत्र बरामद किए। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
विज्ञापन
10 से 20 हजार की नौकरी देने का देते थे लालच : आरोपियों ने बताया कि कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का प्लान तैयार किया। लोगों को एयरपोर्ट व अन्य विभाग में 10 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी का लालच देकर उनके प्रपत्र प्राप्त किए। उन प्रपत्रों को कूटरचित दस्तावेज के रूप में उपयोग कर फर्जी कंपनी बना लेते थे। मोबाइल नंबर गिरोह का सदस्य शुभम शर्मा व विपिन उपलब्ध कराते थे। एक ही आईडी पर दो एक्टिवेटेड सिम लेते थे। एक सिम ग्राहक को दे देते थे तथा दूसरी सिम का प्रयोग वे लोग धोखाधड़ी में करते थे।
फर्जी कॉल सेंटर करते थे संचालित : धोखाधड़ी के इस काम को कॉल सेंटर के माध्यम से अंजाम देते थे। कॉल करने के लिए लड़कियों को प्रतिमाह पांच हजार रुपये पर नियुक्त किया था। ये लड़कियां पूरे देश के कोने-कोने में लोगों को कॉल कर नौकरी लगवाने की बात कहती थीं। उनके दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड व शैक्षिक अभिलेख को हासिल करती थीं। इस प्रपत्रों से फर्जी कंपनी बनाकर रजिस्टर्ड कराते और इन रजिस्टर्ड कंपनियों को वह लोग ऊंची कीमतों पर व्यापारियों को बेचते थे। फर्जी कंपनी से व्यापारी व अन्य लोग फर्जी इनवॉइस, बिल्टी, बिल तैयार करके जीएसटी और कर चोरी करते थे।
अब तक एक हजार से ज्यादा फर्जी कंपनी बनाई : आरोपियों ने बताया कि अब तक वे लोग 1000 से भी ज्यादा फर्जी कंपनी बनाकर व्यापारियों को करोड़ों रुपये में बेच चुके हैं। कंपनी को बेचने से जो धनराशि मिली, उसे गिरोह के लोग आपस में बांट लेते हैं।
लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके कागजात लेकर फर्जी कंपनी बनाते हुए उसे व्यापारियों को बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए मास्टर माइंड सहित 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद मुश्ताक, एसपी