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Lalitpur News: नोडल अधिकारी के सामने मरीज को कंधे पर बिठाकर निकला तीमारदार
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- पूछने पर बताया निजी अस्पताल में दिखाने जा रहे हैं, भड़के प्रभारी अधिकारी
- तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के दिए निर्देश
- टंकी की सफाई व नाली चोक होने पर लगाई फटकार
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब नोडल अधिकारी व सीईओ बीडा अमृत त्रिपाठी के निरीक्षण में एक तीमारदार मरीज को पीठ पर लादकर रैंप से नीचे आ रहा था। देखते ही नोडल अधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तीमारदार को रोककर पूछा तो उसने बताया कि आराम नहीं मिल रहा है। निजी चिकित्सक से दिखाने के लिए ले जा रहे हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने परिसर में मौजूद प्रसूता के तीमारदार से जानकारी लेकर जननी सुरक्षा योजना व आशा के बारे में पूछा, उसने बताया कि पैसा अभी नहीं मिला। सीएमएस ने बताया कि डाटा रजिस्टर में है लेकिन रजिस्टर में अधूरी जानकारी मिली। पोर्टल की जानकारी में बताया सर्वर नहीं चल रहा है। पोर्टल खुलने के बाद भी प्रसूता का डाटा नहीं दिखा सके, गोलमोल जवाब देने पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को ट्रेस नहीं कर पा रहे हैं। समस्याओं का जंजाल बना हुआ है। उन्होंने लेबर रूम देखा और प्रसूताओं से स्वास्थ्य की जानकारी ली। कैफेटेरिया में गंदगी मिलने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए तीन घंटे में सफाई कराने के निर्देश दिए। पानी की टंकी पर पानी की पीक होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आग से बचाव के लिए फायर आडिट व शॉट सर्किट से सुरक्षा के लिए विद्युत विभाग की टीम के साथ संयुक्त जांच कराने व कमियों को तीन दिन में दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुस्ताक, प्रधानाचार्य डॉ. डीनाथ, सीएमएस गजेंद्र सिंह, डॉ. पवनसूद, डॉ. विशाल जैन, डॉ. डीके राज, डॉ. आकृति यादव, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. डीवी सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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मरीज व तीमारदारों ने बताईं समस्याएं
ग्राम देवरी निवासी भैयालाल को इंफेक्शन के चलते पुरुष वार्ड में भर्ती होकर उपचार करा रहा था। उपचार के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही थी। इस पर मरीज के पुत्र सुरेंद्र पिता को स्ट्रेचर न मिलने पर पीठ पर लादकर ला रहा था। इसी दौरान नोडल अधिकारी निरीक्षण कर रहे थे। मरीज को पीठ पर आता देखकर उन्होंने पूछताछ की। तीमारदार ने बताया निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं। इस पर चिकित्सक की जानकारी की, जिसमें बताया कि चिकित्सक संविदा पर कार्यरत है। इस पर नोडल अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित की जिसमें सीएमओ व एसडीएम और सीएमएस को जांच के निर्देश दिए। एक महिला ने बताया कि एक सप्ताह बाद भी ऑपरेशन नहीं किया गया है। उन्होंने ऑपरेशन करने के निर्देश दिए।
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पानी की टंकी की सफाई तिथि देख, लगाई लताड़
निरीक्षण में पानी की टंकी की सफाई तिथि 15 नवंबर 2023 अंकित होने पर पूछताछ की। इस पर जिम्मेदार जवाब नहीं दे सके। टंकी के पास ही गंदगी व नाली चोक होने से गंदगी मिली। नोडल अधिकारी ने कहा इस पानी को पीकर कोई भी बीमार हो जाएगा। लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए सलाह दे रहे हो, खुद का परिसर गंदा पड़ा हुआ है। उन्होंने पानी के सैंपल लेकर तत्काल जांच के निर्देश दिए। इस पर सीडीओ एसएन चौहान व डीएसटीओ राजेश सिंह ने पानी के नमूना लेकर सील किया और जांच के लिए लैब में दिया गया है।
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मजिस्ट्रेट की निगरानी व वीडियोग्राफी में खोले जाएंगे बंद कमरे
निरीक्षण में कई कक्षों में ताला लगा पाया गया। शौचालय तक में ताले लटके मिले। कई कक्ष इंतजार के बाद भी नहीं खुल सके। इस पर नोडल अधिकारी ने मेडिकल काॅलेज में बंद पड़े कक्षों को मजिस्ट्रेट की टीम की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ खोलने के निर्देश दिए।
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नोडल अधिकारी के जाते ही गायब हो गए स्ट्रेचर व व्हीलचेयर
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नोडल अधिकारी के आने से पहले महिला अस्पताल परिसर में दो स्ट्रेचर व एक व्हील चेयर रखवा दी। स्ट्रेचर पर गद्दा व बेडशीट बिछाई गईं, लेकिन अधिकारी के निरीक्षण से जाने के बाद तत्काल कॉलेज प्रशासन ने स्ट्रेचर व व्हीलचेयर तीनों गायब करवा दिए। इससे अस्पताल में सुविधाओं की स्थित का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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नव निर्मित फायर की इमारत में नहीं मिले फायर सेफ्टी के मानक
ललितपुर। नोडल अधिकारी ने नवनिर्मित फायर इमारत का निरीक्षण किया। जहां पर उन्होंने फायर अलार्म को चेक किया। उन्होंने फायर सेफ्टी मानकों के अनुसार कार्य न होने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने अधूरे कार्याें को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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- तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के दिए निर्देश
- टंकी की सफाई व नाली चोक होने पर लगाई फटकार
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब नोडल अधिकारी व सीईओ बीडा अमृत त्रिपाठी के निरीक्षण में एक तीमारदार मरीज को पीठ पर लादकर रैंप से नीचे आ रहा था। देखते ही नोडल अधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तीमारदार को रोककर पूछा तो उसने बताया कि आराम नहीं मिल रहा है। निजी चिकित्सक से दिखाने के लिए ले जा रहे हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने परिसर में मौजूद प्रसूता के तीमारदार से जानकारी लेकर जननी सुरक्षा योजना व आशा के बारे में पूछा, उसने बताया कि पैसा अभी नहीं मिला। सीएमएस ने बताया कि डाटा रजिस्टर में है लेकिन रजिस्टर में अधूरी जानकारी मिली। पोर्टल की जानकारी में बताया सर्वर नहीं चल रहा है। पोर्टल खुलने के बाद भी प्रसूता का डाटा नहीं दिखा सके, गोलमोल जवाब देने पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को ट्रेस नहीं कर पा रहे हैं। समस्याओं का जंजाल बना हुआ है। उन्होंने लेबर रूम देखा और प्रसूताओं से स्वास्थ्य की जानकारी ली। कैफेटेरिया में गंदगी मिलने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए तीन घंटे में सफाई कराने के निर्देश दिए। पानी की टंकी पर पानी की पीक होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आग से बचाव के लिए फायर आडिट व शॉट सर्किट से सुरक्षा के लिए विद्युत विभाग की टीम के साथ संयुक्त जांच कराने व कमियों को तीन दिन में दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुस्ताक, प्रधानाचार्य डॉ. डीनाथ, सीएमएस गजेंद्र सिंह, डॉ. पवनसूद, डॉ. विशाल जैन, डॉ. डीके राज, डॉ. आकृति यादव, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. डीवी सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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मरीज व तीमारदारों ने बताईं समस्याएं
ग्राम देवरी निवासी भैयालाल को इंफेक्शन के चलते पुरुष वार्ड में भर्ती होकर उपचार करा रहा था। उपचार के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही थी। इस पर मरीज के पुत्र सुरेंद्र पिता को स्ट्रेचर न मिलने पर पीठ पर लादकर ला रहा था। इसी दौरान नोडल अधिकारी निरीक्षण कर रहे थे। मरीज को पीठ पर आता देखकर उन्होंने पूछताछ की। तीमारदार ने बताया निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं। इस पर चिकित्सक की जानकारी की, जिसमें बताया कि चिकित्सक संविदा पर कार्यरत है। इस पर नोडल अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित की जिसमें सीएमओ व एसडीएम और सीएमएस को जांच के निर्देश दिए। एक महिला ने बताया कि एक सप्ताह बाद भी ऑपरेशन नहीं किया गया है। उन्होंने ऑपरेशन करने के निर्देश दिए।
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पानी की टंकी की सफाई तिथि देख, लगाई लताड़
निरीक्षण में पानी की टंकी की सफाई तिथि 15 नवंबर 2023 अंकित होने पर पूछताछ की। इस पर जिम्मेदार जवाब नहीं दे सके। टंकी के पास ही गंदगी व नाली चोक होने से गंदगी मिली। नोडल अधिकारी ने कहा इस पानी को पीकर कोई भी बीमार हो जाएगा। लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए सलाह दे रहे हो, खुद का परिसर गंदा पड़ा हुआ है। उन्होंने पानी के सैंपल लेकर तत्काल जांच के निर्देश दिए। इस पर सीडीओ एसएन चौहान व डीएसटीओ राजेश सिंह ने पानी के नमूना लेकर सील किया और जांच के लिए लैब में दिया गया है।
मजिस्ट्रेट की निगरानी व वीडियोग्राफी में खोले जाएंगे बंद कमरे
निरीक्षण में कई कक्षों में ताला लगा पाया गया। शौचालय तक में ताले लटके मिले। कई कक्ष इंतजार के बाद भी नहीं खुल सके। इस पर नोडल अधिकारी ने मेडिकल काॅलेज में बंद पड़े कक्षों को मजिस्ट्रेट की टीम की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ खोलने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी के जाते ही गायब हो गए स्ट्रेचर व व्हीलचेयर
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नोडल अधिकारी के आने से पहले महिला अस्पताल परिसर में दो स्ट्रेचर व एक व्हील चेयर रखवा दी। स्ट्रेचर पर गद्दा व बेडशीट बिछाई गईं, लेकिन अधिकारी के निरीक्षण से जाने के बाद तत्काल कॉलेज प्रशासन ने स्ट्रेचर व व्हीलचेयर तीनों गायब करवा दिए। इससे अस्पताल में सुविधाओं की स्थित का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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नव निर्मित फायर की इमारत में नहीं मिले फायर सेफ्टी के मानक
ललितपुर। नोडल अधिकारी ने नवनिर्मित फायर इमारत का निरीक्षण किया। जहां पर उन्होंने फायर अलार्म को चेक किया। उन्होंने फायर सेफ्टी मानकों के अनुसार कार्य न होने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने अधूरे कार्याें को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।