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घर पर हुए प्रसव को अस्पताल में दर्शाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:48 AM IST
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hospital, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार इस बार फिर चर्चाओं में है। इस बारघर पर हुए प्रसवों को अस्पताल में दर्र्शाने का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच का निर्णय लिया है।
पिछले दिनों इंप्रूवमेंट सेल ने सीएचसी बार के दस्तावेजों को जांचा, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। सीएचसी बार में ऐसे प्रसव को भी संस्थागत प्रसव बता दिया गया, जो प्रसव घरों पर हुए थे। शुरूआती जांच में ग्राम गंगचारी के तीन मामले सामने आए हैं। पहला मामला राजकुमारी पत्नी गोलू अहिरवार का है। राजकुमारी ने पांच अगस्त को घर पर बच्चे को जन्म दिया। एएनएम ने बच्चे को बीसीजी का इंजेक्शन 9 अगस्त को लगाया। जबकि सीएचसी बार के प्रसव रजिस्टर में बच्चे का जन्म 13 अगस्त का बताया गया। हैरान करने वाली बात है, कि बच्चे को जन्म से पहले ही 9 अगस्त को बीसीजी का इंजेक्शन लग गया।
दूसरा मामला इसी गांव की केसर पत्नी बब्लू सहारिया का है। केसर ने 8 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया, जिसका 12 अगस्त को प्रसव दिखाया गया और 13 अगस्त को बीसीजी इंजेक्शन लगाया गया। जबकि एएनएम के मातृ एवं बाल सुरक्षा कल्याण कार्ड में केसर का प्रसव घर पर दर्ज किया गया है। तीसरा मामला पूजा पत्नी देवी सहारिया का है। पूजा ने अपने घर पर 21 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया। सीएचसी में पूजा का प्रसव 24 अगस्त को दिखाया गया है। दस्तावेंजों की जांच में तीन मामले फर्जी संस्थागत प्रसव के सामने आए हैं। संस्थागत प्रसव में हए गड़बड़झाले को लेकर सोमवार को सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने सीएचसी बार का निरीक्षण करेंगे।
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सीएचसी बार में संस्थागत प्रसव को लेकर कुछ शिकायतें मिलीं है, सोमवार को सीएचसी बार का निरीक्षण किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह
सीएमओ ललितपुर
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पिछले दिनों इंप्रूवमेंट सेल ने सीएचसी बार के दस्तावेजों को जांचा, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। सीएचसी बार में ऐसे प्रसव को भी संस्थागत प्रसव बता दिया गया, जो प्रसव घरों पर हुए थे। शुरूआती जांच में ग्राम गंगचारी के तीन मामले सामने आए हैं। पहला मामला राजकुमारी पत्नी गोलू अहिरवार का है। राजकुमारी ने पांच अगस्त को घर पर बच्चे को जन्म दिया। एएनएम ने बच्चे को बीसीजी का इंजेक्शन 9 अगस्त को लगाया। जबकि सीएचसी बार के प्रसव रजिस्टर में बच्चे का जन्म 13 अगस्त का बताया गया। हैरान करने वाली बात है, कि बच्चे को जन्म से पहले ही 9 अगस्त को बीसीजी का इंजेक्शन लग गया।
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दूसरा मामला इसी गांव की केसर पत्नी बब्लू सहारिया का है। केसर ने 8 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया, जिसका 12 अगस्त को प्रसव दिखाया गया और 13 अगस्त को बीसीजी इंजेक्शन लगाया गया। जबकि एएनएम के मातृ एवं बाल सुरक्षा कल्याण कार्ड में केसर का प्रसव घर पर दर्ज किया गया है। तीसरा मामला पूजा पत्नी देवी सहारिया का है। पूजा ने अपने घर पर 21 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया। सीएचसी में पूजा का प्रसव 24 अगस्त को दिखाया गया है। दस्तावेंजों की जांच में तीन मामले फर्जी संस्थागत प्रसव के सामने आए हैं। संस्थागत प्रसव में हए गड़बड़झाले को लेकर सोमवार को सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने सीएचसी बार का निरीक्षण करेंगे।
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सीएचसी बार में संस्थागत प्रसव को लेकर कुछ शिकायतें मिलीं है, सोमवार को सीएचसी बार का निरीक्षण किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह
सीएमओ ललितपुर