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खतरों का सबब बन रही एचटी लाइन

Sun, 25 Oct 2015 01:10 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Sun, 25 Oct 2015 01:10 AM IST
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high tension line wire
ललितपुर। हाईटेंशन लाइनों के टूटने से हादसों से बचाव के लिए लगाई गई सुरक्षा गार्डिंग मुख्य चौराहों व सड़क किनारों से नदारद हो गई है, जिससे खतरा अधिक और सुरक्षा नहीं के बराबर रह गई है।
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विद्युत विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत उपकेंद्रों से सैकड़ों किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइनों का जाल बिछाया गया है। सब स्टेशनों से निकली इन हाईटेंशन लाइनों में 11 हजार केवी का हाई वोल्टेज करंट दौड़ता है। सुरक्षा निदेशालय की गाइड लाइन के अनुसार इन हाईटेंशन लाइनों के टूटने के दौरान हादसों से बचाव के लिए गार्डिंग लगाने का प्रावधान किया गया है। ताकि विद्युत फाल्ट होने पर हाईटेंशन लाइनों के तार जमीन पर न गिर सकें और आम लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। हाईटेंशन लाइन बिछाने के दौरान गार्डिंग लगा तो दी जाती है, लेकिन, विभाग द्वारा समय से मेंटेनेंस नहीं किया जाता है, जिससे आए दिन हाईटेंशन लाइनों के टूटने से गंभीर हादसे घटित होते रहते हैं। शहर में भीड़ भाड़ वाले दर्जनों स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों के नीचे लगाई गई गार्डिंग टूट चुकी है, जिससे आम लोगों की जान को लगातार खतरा बना हुआ है।
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मुख्य तुवन चौराहा, मंडी क्षेत्र, नझाई बाजार में सब्जी व फलों की थोक दुकानों के ऊपर ही गार्डिंग नहीं लगी है। नदीपुरा व तालाबपुुरा क्षेत्र में भी गार्डिंग का अभाव है। हाईटेंशन लाईनों में फाल्ट से इनके तार नीचे गिरने से कभी भी गंभीर हादसा घटित हो सकता है, जिससे आम इंसान की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
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गार्डिंग के अभाव में हो चुके गंभीर हादसे
डेढ़ वर्ष पूर्व शहर स्थित कैलगुवां तिराहे के पास कैलगुवां रोड पर 11 हजार केवी लाईन का हाईटेंशन तार टूटने से एक टायर की दुकान में आग लग गई थी और कई लोगों गंभीर हादसे का शिकार होते-होते बचे थे, इस हादसे में टायर दुकानदार को हजारों रुपये का नुकसान हुआ था। जखौरा थाने के अंतर्गत एक गांव में नहर किनारे हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से बीज लेने नगर आ रहे मोटर साइकिल सवार तीन किसानों की मौत हो गई थी। एक वर्ष पूर्व ग्राम रजवारा में भी हाईटेंशन तार टूटने से एक हैवी वाहन में आग लगने से वाहन स्वामी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। वहीं इसी माह गिरार से ललितपुर आ रही एक बस में मोड़ते समय हाईटेंशन लाईन के तार छू जाने से करंट से झुलसी दो महिलाओं की मौत हो गई थी। शहर के मुहल्ला पठापुरा में दो वर्ष पूर्व मकानों के ऊपर से निकले हाईटेंशन लाईन के तार टूटने से एक बच्चा गंभीर घायल हो गया था। जबकि नेहरू नगर में भी हाईटेंशन लाइन टूटने से हादसा हो चुका है।  


ये हैं नियम
हाईटेंशन लाइन के बिछाए जाने के दौरान ही तारों के नीचे गार्डिंग लगाना अनिवार्य है। मुख्य चौराहों व भीड़ वाले क्षेत्रों व तारों की क्रॉसिंग पर गार्डिंग लगाई जाती है। एक साथ कई स्थानों पर गार्डिंग टूटी होने पर विभाग द्वारा सर्वे कर बदलवाई जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को हाईटेंशन तार के करंट से सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।



हाईटेंशन लाइनों के नीचे गार्डिंग लगवाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है, इसके लिए अवर अभियंता को स्टीमेट बनाने के निर्देश दे दिए हैं। शीघ्र ही हाईटेंशन लाइनों के नीचे गार्डिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाऐगा।
अखिलेश कुमार वर्मा,
उपखंड अधिकारी, विद्युत वितरण खंड, ललितपुर।
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