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तीन बिजली अधिकारियों व 3 ठेकेदारों पर मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:03 AM IST
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crime, lalitpur news
- फोटो : demo pic
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प्री-पेड मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी करने और षड़यंत्र के तहत झूठा फंसाने के मामले में बृहस्पतिवार को थाना कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सहायक अभियंता मीटर, दो जेई और तीन ठेकेदार कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
थाना कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला तालाबपुरा निवासी शांतिबाई ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि 15 जुलाई 2017 को विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने उसके घर आकर शासन की नीतियों का पालन कराने के नाम पर उसके घर के अंदर लगे हुए मीटर को निकालकर एक नया मीटर घर के बाहर लगाया। जिसका बिल रीडिंगके अनुसार प्रति माह भरती रही है। और 30 जुलाई को समय करीब साढ़े चार बजे शाम को विद्युत विभाग के कर्मचारी नया मीटर लगाने आए और छवि इंटरप्राइजेज झांसी के विद्युत ठेकेेदार उमेश मिश्रा, महेंद्र वर्मा द्वारा बदला गया। महेंद्र वर्मा ने बताया था कि उसके मीटर को बदलने का आदेश विभाग की ओर से ठेकेदार उमेश मिश्रा को दिया गया है और मीटर बदलवाने का शुल्क दस हजार रुपये देना पड़ेगा। अब प्रीपेड मीटर लगाएंगे और दस हजार रुपये विद्युत विलिंग होने के उपरांत पुन:रिचार्ज करना पड़ेगा।
उसकी बहू रश्मि ने घर में रखे 4500रुपए तुरंतमहेंद्र वर्मा को दे दिए। महेंद्र कमार वर्मा के साथएक अन्य कर्मचारी जिसे महेंद्रवर्मा सुनील के नाम से बुलारहे थे ने कहा कि 5500 रुपएएक घंटे बाद देना पड़ेंगे।जब तक हम दूसरा मीटर लगाकर आतेहैं। तभी उसका पुत्र जितेंद्रकुमार जैन भी घर आ गया,जिस पर उन्होंनेयही बात उसके पुत्र से भीदोहराई, जिसपर उसके पुत्र ने उक्त कर्मचारियोंको 5500 रुपएलाकर कर्मचारियों को दे दिए।महेंद्र वर्मा ने पुराना मीटरनिकालकर बिना सील किए लापरवाहीसे अपने थैले में पटककर नयामीटर क्रमांक एलएल 7008लगाए हुए पुन:एकनया मीटर जिसकी सीलिंग प्रमाणपत्र पर 28 जुुलाई2017 की तिथिदर्शाते हुए उसके पुत्र केहस्ताक्षर करवाए। जिनेंद्रने नया मीटर देखकर कहा कि यहप्रीपेड मीटर नहीं लगता तोउपरोक्त कर्मचारी यह कहतेचले गए कि यदि रीडिंग आए तोहमें बताना, अबप्रीपेड मीटर एक जैसे ही आनेलगे हैं, आपचिंता मत करो। जब उसने विभागमें जानकारी की तो पता चला किविभाग द्वारा जनपद में प्रीपेडमीटर बदलने का कोई आदेश नहींहुआ है।
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बाद में मीटर रीडर जबरीडिंग लेने आया तो उसने पूछनेपर बताया कि यह मीटर प्रीपेडमीटर नहीं है। इस पर उसकी बहूरश्मि जैन ने विद्युत ठेकेदारमहेंद्र वर्मा और सुनील केखिलाफ दस हजार रुपए की धोखाधड़ीकरके हड़प लेने के संबंध मेंऑनलाइन शिकायत भी जिलाधिकारीसे कराई। जिनके द्वारा शिकायतके संदर्भ की जांच रिपोर्टजिलाधिकारी को सूचित करतेहुए बताया था कि उक्त ठेकेदारकर्मचारियों के विरुद्घ अनुबंधअधिकारी अधिशासी अभियंताविद्युत वितरण मंडल झांसीएवं नियंत्रण अधिकारी अधिशासीअभियंता विद्युत परीक्षणखंड झांसी से किया गया। उसकेपुत्र जिनेंद्र कुमार द्वाराभी कमिश्नर झांसी मंडल को भीयह शिकातय की गई। जांच मेंफंसते दिखने पर उक्त उमेशमिश्रा व महेंद्र वर्मा वसुनील 12 सितंबरको उसके घर आए और एक प्रार्थनापत्र लिखकर उससे अपने मां काहवाला देकर बचाने की बात कहीऔर 5500 रुपएदेते हुए 4500 रुपएबाद में देने का वादा किया औरउसकी बहू से हस्ताक्षर करवालिए और कहा कि आगे कोई शिकायतनहीं करना। इसके बाद वह चलेगए और बाद उमेश मिश्रा नेषड़यंत्र करके स्वयं और अपनेकर्मचारियों को बचाने केउद्देश्य से विद्युत विभागके सहायक अभियंता सौरभ निगम,नेहा और मोहितसे मिलकर उसके पुराने मीटरका फर्जी परीक्षण दिखाकर दबाबबनाने के लिए 12 सितंबरको प्रथम सूचना रिपोर्ट विद्युतअधिनियम के तहत लिखा दी। 13सितंबर को उमेशमिश्रा कके बाई से उसके पुत्रको कॉल आई कि मां के खिलाफएफआईआर दर्ज होने पर आप परेशानमत होना, हमतुम्हारी एफआईआर में एफआरलगवा देंगे। आगे कोई कार्रवाईमत करना। इसके बाद उसने इसमामले में न्यायालय का दरवाजाखटखटाया और मुख्य न्यायिकमजिस्ट्रेट की अदालत के आदेशपर पुलिस ने उक्त् सभी के खिलाफधोखाधड़ी, षड़यंत्रऔर अन्य विभिन्न धाराओं केमामला पंजीकृत कर लिया।
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थाना कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला तालाबपुरा निवासी शांतिबाई ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि 15 जुलाई 2017 को विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने उसके घर आकर शासन की नीतियों का पालन कराने के नाम पर उसके घर के अंदर लगे हुए मीटर को निकालकर एक नया मीटर घर के बाहर लगाया। जिसका बिल रीडिंगके अनुसार प्रति माह भरती रही है। और 30 जुलाई को समय करीब साढ़े चार बजे शाम को विद्युत विभाग के कर्मचारी नया मीटर लगाने आए और छवि इंटरप्राइजेज झांसी के विद्युत ठेकेेदार उमेश मिश्रा, महेंद्र वर्मा द्वारा बदला गया। महेंद्र वर्मा ने बताया था कि उसके मीटर को बदलने का आदेश विभाग की ओर से ठेकेदार उमेश मिश्रा को दिया गया है और मीटर बदलवाने का शुल्क दस हजार रुपये देना पड़ेगा। अब प्रीपेड मीटर लगाएंगे और दस हजार रुपये विद्युत विलिंग होने के उपरांत पुन:रिचार्ज करना पड़ेगा।
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उसकी बहू रश्मि ने घर में रखे 4500रुपए तुरंतमहेंद्र वर्मा को दे दिए। महेंद्र कमार वर्मा के साथएक अन्य कर्मचारी जिसे महेंद्रवर्मा सुनील के नाम से बुलारहे थे ने कहा कि 5500 रुपएएक घंटे बाद देना पड़ेंगे।जब तक हम दूसरा मीटर लगाकर आतेहैं। तभी उसका पुत्र जितेंद्रकुमार जैन भी घर आ गया,जिस पर उन्होंनेयही बात उसके पुत्र से भीदोहराई, जिसपर उसके पुत्र ने उक्त कर्मचारियोंको 5500 रुपएलाकर कर्मचारियों को दे दिए।महेंद्र वर्मा ने पुराना मीटरनिकालकर बिना सील किए लापरवाहीसे अपने थैले में पटककर नयामीटर क्रमांक एलएल 7008लगाए हुए पुन:एकनया मीटर जिसकी सीलिंग प्रमाणपत्र पर 28 जुुलाई2017 की तिथिदर्शाते हुए उसके पुत्र केहस्ताक्षर करवाए। जिनेंद्रने नया मीटर देखकर कहा कि यहप्रीपेड मीटर नहीं लगता तोउपरोक्त कर्मचारी यह कहतेचले गए कि यदि रीडिंग आए तोहमें बताना, अबप्रीपेड मीटर एक जैसे ही आनेलगे हैं, आपचिंता मत करो। जब उसने विभागमें जानकारी की तो पता चला किविभाग द्वारा जनपद में प्रीपेडमीटर बदलने का कोई आदेश नहींहुआ है।
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बाद में मीटर रीडर जबरीडिंग लेने आया तो उसने पूछनेपर बताया कि यह मीटर प्रीपेडमीटर नहीं है। इस पर उसकी बहूरश्मि जैन ने विद्युत ठेकेदारमहेंद्र वर्मा और सुनील केखिलाफ दस हजार रुपए की धोखाधड़ीकरके हड़प लेने के संबंध मेंऑनलाइन शिकायत भी जिलाधिकारीसे कराई। जिनके द्वारा शिकायतके संदर्भ की जांच रिपोर्टजिलाधिकारी को सूचित करतेहुए बताया था कि उक्त ठेकेदारकर्मचारियों के विरुद्घ अनुबंधअधिकारी अधिशासी अभियंताविद्युत वितरण मंडल झांसीएवं नियंत्रण अधिकारी अधिशासीअभियंता विद्युत परीक्षणखंड झांसी से किया गया। उसकेपुत्र जिनेंद्र कुमार द्वाराभी कमिश्नर झांसी मंडल को भीयह शिकातय की गई। जांच मेंफंसते दिखने पर उक्त उमेशमिश्रा व महेंद्र वर्मा वसुनील 12 सितंबरको उसके घर आए और एक प्रार्थनापत्र लिखकर उससे अपने मां काहवाला देकर बचाने की बात कहीऔर 5500 रुपएदेते हुए 4500 रुपएबाद में देने का वादा किया औरउसकी बहू से हस्ताक्षर करवालिए और कहा कि आगे कोई शिकायतनहीं करना। इसके बाद वह चलेगए और बाद उमेश मिश्रा नेषड़यंत्र करके स्वयं और अपनेकर्मचारियों को बचाने केउद्देश्य से विद्युत विभागके सहायक अभियंता सौरभ निगम,नेहा और मोहितसे मिलकर उसके पुराने मीटरका फर्जी परीक्षण दिखाकर दबाबबनाने के लिए 12 सितंबरको प्रथम सूचना रिपोर्ट विद्युतअधिनियम के तहत लिखा दी। 13सितंबर को उमेशमिश्रा कके बाई से उसके पुत्रको कॉल आई कि मां के खिलाफएफआईआर दर्ज होने पर आप परेशानमत होना, हमतुम्हारी एफआईआर में एफआरलगवा देंगे। आगे कोई कार्रवाईमत करना। इसके बाद उसने इसमामले में न्यायालय का दरवाजाखटखटाया और मुख्य न्यायिकमजिस्ट्रेट की अदालत के आदेशपर पुलिस ने उक्त् सभी के खिलाफधोखाधड़ी, षड़यंत्रऔर अन्य विभिन्न धाराओं केमामला पंजीकृत कर लिया।