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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The festival of Shri Krishna Janmashtami will be celebrated with great fanfare today; preparations at temples are complete.

Lalitpur News: आज धूमधाम से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व, मंदिरों में तैयारियां पूर्ण

Thu, 03 Sep 2026 11:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:54 PM IST
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The festival of Shri Krishna Janmashtami will be celebrated with great fanfare today; preparations at temples are complete.
ललितपुर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर जनपद में उत्साह का माहौल है। इसको लेकर मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को विभिन्न प्रकार की रंग बिरंगी लाइटों से भव्यता से सजाया गया है। एक सप्ताह पहले मंदिरों की रंगाई पुताई एवं सजावट का काम शुरू हो गया था। बाजार में कान्हा जी के पोशाक, मुकुट, मोर पंख, बांसुरी, श्रृंगार सहित पूजन सामग्री की दुकानों पर रौनक देखी गई। सुबह से ही महिलाएं बाजार में खरीददारी करने पहुंचीं। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर पुलिस लाइन मंदिर, तुवन चौराहे स्थित राधा कृष्ण मंदिर, नई बस्ती स्थित राधा कृष्ण मंदिर में देर रात तक सजावट व तैयारियां होती रहीं। वहीं तुवन मंदिर के सामने स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर लीं गई हैं। आज रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही मंदिर परिसर में कन्हैया के जयकारों से गुंजायमान हो उठेगा।
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खीरे के बढ़े दाम
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में खीरे का पूजा में प्रयोग किया जाता है। जिसके चलते बाजार में जो खीरा 30 रुपये किलोग्राम बिक रहा था। उसके दामों में उछाल देखा गया और सब्जी ठेले वाले 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में बेंच रहे हैं। पहले आम आदमी एक किलोग्राम खीरा खरीदता था, अब मंहगा होने से कम में ही काम चला रहा है।
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उदयातिथि अष्टमी एवं रोहणी नक्षत्र का बना श्रेष्ठतम योग
भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व आज 4 सितंबर शुक्रवार को उदयकाल में अष्टमी तिथि तथा रोहिणी नक्षत्र का भी योग है। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी एवं रोहिणी नक्षत्र सभी का एक साथ योग होने के कारण इस वर्ष जन्माष्टमी पर्व का विशेष महत्व है। द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण का जन्म लगभग 5000 वर्ष पूर्व मथुरा में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र एवं अपनी उच्च वृष राशि में स्थित था, ऐसे शुभ योगों में रात्रि 12 बजे हुआ था। अतः इस बार ये सभी योग एक साथ चार सितंबर को पड़ रहा है।
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डॉ ओम प्रकाश शास्त्री,प्राचार्य
नेहरू महाविद्यालय ललितपुर।
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