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65 हजार किसानों को नहीं मिला फसल का बीमा
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ललितपुर। जिले में वर्ष 2019 में अतिवृष्टि से खराब हुई खरीफ की फसल का बीमा पाने के लिए किसान अब भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे है। अब तक 160 करोड़ रुपये से 87 हजार किसानों को फसल का बीमा मिला है। जबकि बाकी किसानों के लिए सिर्फ 15 करोड़ रुपये बचे है।
किसानों को बीमा क्लेम के भुगतान को लेकर विभागीय अधिकारी भले ही पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन सच यह है कि अब तक जिले के बीमित किसानों में आधे किसानों को भी बीमा क्लेम का भुगतान नहीं हो सका है। इससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जनपद में दो लाख 42 हजार किसान कृषि विभाग में पंजीकृत है, इनमें से वर्ष 2019 में खरीफ की फसल का बीमा एक लाख 51 हजार किसानों ने कराया था। इसमें से एक लाख 49 हजार किसान केसीसी के ऋणी थे और शेष गैर ऋणी किसानों ने प्रीमियम राशि देकर बीमा कराया। लेकिन, लगभग आठ महीने बीतने के बाद भी बीमा क्लेम का भुगतान नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि अब तक बीमा कंपनी द्वारा केवल जनपद के 87 हजार किसानों को बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। इस पर भी कृषि विभाग के अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। हकीकत यह है कि जिले में 65 हजार से अधिक किसान बीमा क्लेम के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं और विभागीय अधिकारी अश्वासन देकर किसानों को टाल रहे हैं।
अब तक इतने किसानों को हो सका भुगतान
किसानों को फसल बीमा क्लेम के लिए पहली किस्त में 12 लाख 15 हजार रुपये दिए, जिससे 99 किसानों को बीमा क्लेम दिया गया। दूसरी किस्त में पांच करोड़ 86 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें पांच हजार उन्तालीस किसानों को भुगतान हो सका। तीसरी किस्त में 70 करोड़ रुपये की राशि मिली, जिसमें 60 हजार किसानों को भुगतान किया गया। इस तरह कुल 65,128 किसानों को बीमा का लाभ दिया जा चुका है।
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अधिकारियों के आंकड़ों में झोल
बीमा क्लेम भुगतान में अधिकारियों के आंकड़ों में झोल नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 160 करोड़ रुपये का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जा चुका है, जिसमें जिले में 87 हजार किसानों को बीमा क्लेम राशि से लाभांवित किया जा चुका है। शेष को 15 करोड़ रुपये की राशि इसी सप्ताह में आ रही है, जिससे लाभांवित किया जाएगा। ऐसे में सवाल यह है कि एक अरब साठ करोड़ रुपये से जब 87 हजार किसानों को लाभांवित किया गया है, तो शेष लगभग 65 हजार किसानों को मात्र 15 करोड़ रुपये से लाभांवित किया जाएगा।
जिले में अब तक 87 हजार किसानों को एक अरब साठ करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। शेष किसान 65 हजार को 15 करोड़ रुपये की राशि से इसी सप्ताह तक लाभांवित किया जाएगा।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
बीमा क्लेम के लिए हमें कृषि विभाग के अधिकारी गुमराह कर रहे हैं। वह हकीकत नहीं बता रहे हैं कि वास्तव में किसानों को पूरा पैसा कब तक दिया जाएगा। दोबारा खरीफ का सीजन आ गया, लेकिन अब तक बीमा क्लेम नहीं दिया जा सका है। - नवनीत शर्मा, भारतीय किसान संघ
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किसानों को बीमा क्लेम के भुगतान को लेकर विभागीय अधिकारी भले ही पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन सच यह है कि अब तक जिले के बीमित किसानों में आधे किसानों को भी बीमा क्लेम का भुगतान नहीं हो सका है। इससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जनपद में दो लाख 42 हजार किसान कृषि विभाग में पंजीकृत है, इनमें से वर्ष 2019 में खरीफ की फसल का बीमा एक लाख 51 हजार किसानों ने कराया था। इसमें से एक लाख 49 हजार किसान केसीसी के ऋणी थे और शेष गैर ऋणी किसानों ने प्रीमियम राशि देकर बीमा कराया। लेकिन, लगभग आठ महीने बीतने के बाद भी बीमा क्लेम का भुगतान नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि अब तक बीमा कंपनी द्वारा केवल जनपद के 87 हजार किसानों को बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। इस पर भी कृषि विभाग के अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। हकीकत यह है कि जिले में 65 हजार से अधिक किसान बीमा क्लेम के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं और विभागीय अधिकारी अश्वासन देकर किसानों को टाल रहे हैं।
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अब तक इतने किसानों को हो सका भुगतान
किसानों को फसल बीमा क्लेम के लिए पहली किस्त में 12 लाख 15 हजार रुपये दिए, जिससे 99 किसानों को बीमा क्लेम दिया गया। दूसरी किस्त में पांच करोड़ 86 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें पांच हजार उन्तालीस किसानों को भुगतान हो सका। तीसरी किस्त में 70 करोड़ रुपये की राशि मिली, जिसमें 60 हजार किसानों को भुगतान किया गया। इस तरह कुल 65,128 किसानों को बीमा का लाभ दिया जा चुका है।
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अधिकारियों के आंकड़ों में झोल
बीमा क्लेम भुगतान में अधिकारियों के आंकड़ों में झोल नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 160 करोड़ रुपये का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जा चुका है, जिसमें जिले में 87 हजार किसानों को बीमा क्लेम राशि से लाभांवित किया जा चुका है। शेष को 15 करोड़ रुपये की राशि इसी सप्ताह में आ रही है, जिससे लाभांवित किया जाएगा। ऐसे में सवाल यह है कि एक अरब साठ करोड़ रुपये से जब 87 हजार किसानों को लाभांवित किया गया है, तो शेष लगभग 65 हजार किसानों को मात्र 15 करोड़ रुपये से लाभांवित किया जाएगा।
जिले में अब तक 87 हजार किसानों को एक अरब साठ करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। शेष किसान 65 हजार को 15 करोड़ रुपये की राशि से इसी सप्ताह तक लाभांवित किया जाएगा।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
बीमा क्लेम के लिए हमें कृषि विभाग के अधिकारी गुमराह कर रहे हैं। वह हकीकत नहीं बता रहे हैं कि वास्तव में किसानों को पूरा पैसा कब तक दिया जाएगा। दोबारा खरीफ का सीजन आ गया, लेकिन अब तक बीमा क्लेम नहीं दिया जा सका है। - नवनीत शर्मा, भारतीय किसान संघ