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Lalitpur News: गांवों में रोजगार की बढ़ी रफ्तार, तीन माह में 5.55 लाख मानव दिवस हुए सृजित
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अशोक तिवारी
ललितपुर। वीबी-जी राम जी योजना के जुलाई माह में लागू होने के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की रफ्तार बढ़ी। जुलाई से सितंबर माह तक तीन माह में 5.55 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। इसमें जॉब कार्डधारक मजदूरों को पौधा रोपण के लिए गड्ढा खुदाई, नाला सफाई सहित अन्य कार्य कराए गए।
जनपद के छह विकास खंडों की 415 ग्राम पंचायतों में वीबीजी रामजी के अंतर्गत 196706 लाख जॉबकार्ड है। इनमें 119713 सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं, जिनमें करीब 3.20 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। मनरेगा का स्वरूप बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) को एक जुलाई से जिले में लागू किया गया। वीबी जी राम जी योजना में जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को 125 दिन तक रोजगार दिए जाने की गारंटी है। साथ में तय समय में भुगतान में देरी पर मुआवजा दिया जाना तय है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं। इस योजना के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉक में आने वाली ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्य शुरू किए गए। जिसमें जॉब कार्डधारक श्रमिकों को काम दिया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक काम करने वाले श्रमिकों को उनकी मजदूरी भी समय से मिलने लगी। जिले में वीबी जी रामजी योजना को लागू हुए तीन माह का समय गुजर चुका है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई से अक्तूबर माह अब तक जॉब कार्ड धारक श्रमिकों ने 5,55992 मानव दिवस सृजन किए। जुलाई, अगस्त, सितंबर माह तक श्रमिकों से पौधारोपण के लिए पौधा रोपण के गड्ढे खुदाई, नाला सफाई सहित अन्य कार्य कराए गए। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वीबी जी रामजी के तहत और अधिक मानव दिवस सृजन किए जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
जिले में दो श्रेणी में शामिल किए गए काम
वीबी जी राम जी के तहत जिले में काम कराने के लिए दो श्रेणी बनाई गई हैं। इसमें पहली में पेयजल, पौधरोपण और दूसरी में ग्रामीण संरचना खेल मैदान, बंधी, हरा चारा सहित अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा तालाबों, पोखरों और जलाशयों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण तथा जल स्रोतों के पुनर्जीवित करने के लिए भी कार्य कराए जा रहे हैं।
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46.47 लाख मानव दिवस सृजित का है लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के जॉबकार्डधारकों रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 46.47 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है। इसके साथ 195.20 करोड़ रुपये का श्रम बजट रखा गया था। इसमें मजदूरी मद के लिए करीब 11712.68 लाख रुपये और सामग्री मद में 7808.11 लाख रुपये शामिल हैं।
ब्लॉकवार जॉब कार्ड धारकों की जिले में संख्या
ब्लॉक - कुल जॉब कार्ड - सक्रिय जॉब कार्ड
बार - 30549 - 17381
बिरधा - 31564 - 18910
जखौरा - 41240 - 25880
मड़ावरा - 30479 - 21000
महरौनी - 32227 - 19670
तालबेहट - 30647 - 16872
योग - 196706 - 119713
जनपद में ब्लॉकवार मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
ब्लॉक - मानव दिवस का लक्ष्य
बार - 592478
बिरधा - 874405
जखौरा - 880264
मड़ावरा - 1095484
महरौनी - 589557
तालबेहट - 615501
कुल - 4647889
जुलाई माह में वीबी जी राम जी के तहत गांवों में कार्य शुरू कराए थे। जुलाई से सितंबर माह तक 5.55 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसमें कई जॉबकार्ड धारक परिवार के श्रमिक शामिल रहे। श्रमिकों से पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदाई, नाला सफाई सहित गांव के विकास के लिए हो रहे अन्य अन्य कार्य कराए गए।-रमेश कुमार यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार
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ललितपुर। वीबी-जी राम जी योजना के जुलाई माह में लागू होने के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की रफ्तार बढ़ी। जुलाई से सितंबर माह तक तीन माह में 5.55 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। इसमें जॉब कार्डधारक मजदूरों को पौधा रोपण के लिए गड्ढा खुदाई, नाला सफाई सहित अन्य कार्य कराए गए।
जनपद के छह विकास खंडों की 415 ग्राम पंचायतों में वीबीजी रामजी के अंतर्गत 196706 लाख जॉबकार्ड है। इनमें 119713 सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं, जिनमें करीब 3.20 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। मनरेगा का स्वरूप बदलकर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) को एक जुलाई से जिले में लागू किया गया। वीबी जी राम जी योजना में जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को 125 दिन तक रोजगार दिए जाने की गारंटी है। साथ में तय समय में भुगतान में देरी पर मुआवजा दिया जाना तय है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं। इस योजना के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉक में आने वाली ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्य शुरू किए गए। जिसमें जॉब कार्डधारक श्रमिकों को काम दिया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक काम करने वाले श्रमिकों को उनकी मजदूरी भी समय से मिलने लगी। जिले में वीबी जी रामजी योजना को लागू हुए तीन माह का समय गुजर चुका है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई से अक्तूबर माह अब तक जॉब कार्ड धारक श्रमिकों ने 5,55992 मानव दिवस सृजन किए। जुलाई, अगस्त, सितंबर माह तक श्रमिकों से पौधारोपण के लिए पौधा रोपण के गड्ढे खुदाई, नाला सफाई सहित अन्य कार्य कराए गए। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वीबी जी रामजी के तहत और अधिक मानव दिवस सृजन किए जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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जिले में दो श्रेणी में शामिल किए गए काम
वीबी जी राम जी के तहत जिले में काम कराने के लिए दो श्रेणी बनाई गई हैं। इसमें पहली में पेयजल, पौधरोपण और दूसरी में ग्रामीण संरचना खेल मैदान, बंधी, हरा चारा सहित अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा तालाबों, पोखरों और जलाशयों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण तथा जल स्रोतों के पुनर्जीवित करने के लिए भी कार्य कराए जा रहे हैं।
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46.47 लाख मानव दिवस सृजित का है लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के जॉबकार्डधारकों रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 46.47 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है। इसके साथ 195.20 करोड़ रुपये का श्रम बजट रखा गया था। इसमें मजदूरी मद के लिए करीब 11712.68 लाख रुपये और सामग्री मद में 7808.11 लाख रुपये शामिल हैं।
ब्लॉकवार जॉब कार्ड धारकों की जिले में संख्या
ब्लॉक - कुल जॉब कार्ड - सक्रिय जॉब कार्ड
बार - 30549 - 17381
बिरधा - 31564 - 18910
जखौरा - 41240 - 25880
मड़ावरा - 30479 - 21000
महरौनी - 32227 - 19670
तालबेहट - 30647 - 16872
योग - 196706 - 119713
जनपद में ब्लॉकवार मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
ब्लॉक - मानव दिवस का लक्ष्य
बार - 592478
बिरधा - 874405
जखौरा - 880264
मड़ावरा - 1095484
महरौनी - 589557
तालबेहट - 615501
कुल - 4647889
जुलाई माह में वीबी जी राम जी के तहत गांवों में कार्य शुरू कराए थे। जुलाई से सितंबर माह तक 5.55 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसमें कई जॉबकार्ड धारक परिवार के श्रमिक शामिल रहे। श्रमिकों से पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदाई, नाला सफाई सहित गांव के विकास के लिए हो रहे अन्य अन्य कार्य कराए गए।-रमेश कुमार यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार